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ओमान की खाड़ी में MT जलवीर पर अमेरिकी मिसाइल हमला, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

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ओमान की खाड़ी में MT जलवीर पर अमेरिकी मिसाइल हमला, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

सारांश

अमेरिका ने माना कि उसने ओमान की खाड़ी में एमटी जलवीर पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं — यह इस सप्ताह तीसरा ऐसा हमला है। भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिकी दूतावास के उप-प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध जताया, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है।

मुख्य बातें

सेंटकॉम ने स्वीकार किया कि एमटी जलवीर पर ओमान की खाड़ी में दो हेलफायर मिसाइलें दागी गईं।
यह इस सप्ताह अमेरिकी कार्रवाई का शिकार बनने वाला तीसरा वाणिज्यिक जहाज है; इससे पहले एमटी मैरीवेक्स और एमटी सेट्टेबेलो को निशाना बनाया गया।
10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हुई।
भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप-प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
13 अप्रैल से शुरू नाकाबंदी के तहत अब तक 9 जहाज निष्क्रिय, 135 को मार्ग बदलने पर मजबूर किया गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने स्वीकार किया है कि उसने ओमान की खाड़ी में गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी जलवीर को निशाना बनाया। अमेरिकी दावे के अनुसार, जहाज ईरानी नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरानी तेल का परिवहन कर रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का बार-बार पालन करने से इनकार किया। यह इस सप्ताह अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का शिकार बनने वाला तीसरा वाणिज्यिक जहाज है।

हमले का विवरण

सेंटकॉम के बयान के अनुसार, जब एमटी जलवीर के चालक दल ने बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी की, तो एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाते हुए दो हेलफायर मिसाइलें दागीं, जिससे जहाज निष्क्रिय हो गया। इससे पहले सोमवार को पालाउ-ध्वज वाले एमटी मैरीवेक्स और मंगलवार को एमटी सेट्टेबेलो को भी इसी प्रकार निशाना बनाया गया था। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि मैरीवेक्स ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था, जबकि सेट्टेबेलो ईरानी तेल ले जा रहा था।

भारतीय नाविकों की मौत और भारत का विरोध

10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इसके बाद एमटी जलवीर पर हुए हमले में भी भारतीय नाविक सवार थे। इन घटनाओं के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप-प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और गहरी आपत्ति जताई। एमटी मैरीवेक्स पर हुए हमले के बाद 24 नाविकों को बचाया गया था।

नाकाबंदी का व्यापक दायरा

अमेरिकी सेना के अनुसार, 13 अप्रैल को नाकाबंदी शुरू होने के बाद से अब तक निर्देशों का पालन न करने वाले कुल नौ जहाजों को निष्क्रिय किया जा चुका है। इसके अलावा 135 जहाजों को मार्ग बदलने पर मजबूर किया गया, जबकि मानवीय सहायता से जुड़े 42 जहाजों को बिना रोकटोक गुजरने की अनुमति दी गई। यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ लागू नाकाबंदी को लागू करने के अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा बताई जा रही है।

आगे की स्थिति

भारत-अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं, क्योंकि भारतीय नाविकों की जान जाने का मामला अब द्विपक्षीय संबंधों पर असर डाल सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब ओमान की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएँ पहले से ही बढ़ी हुई हैं और ईरान पर अमेरिकी दबाव की नीति नए मोड़ पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तीसरे देशों के नागरिकों — विशेषकर भारतीय नाविकों — की जान जाना एक गंभीर कूटनीतिक संकट की जड़ बन रहा है। भारत-अमेरिका की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के बावजूद, जब भारतीय नागरिकों की मौत अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से हो, तो नई दिल्ली की चुप्पी घरेलू राजनीति में महंगी पड़ सकती है। सवाल यह है कि क्या अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत तीसरे देशों के जहाजों पर इस तरह की एकतरफा कार्रवाई का कानूनी आधार स्पष्ट करेगा — और क्या भारत इस मुद्दे को केवल राजनयिक विरोध तक सीमित रखेगा या आगे कड़ा रुख अपनाएगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी जलवीर पर अमेरिकी हमला क्यों हुआ?
अमेरिकी दावे के अनुसार, एमटी जलवीर ईरानी तेल का परिवहन कर रहा था और ईरान के खिलाफ लागू नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा था। चालक दल द्वारा बार-बार निर्देशों की अनदेखी के बाद अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं।
इस हमले में कितने भारतीय नाविक प्रभावित हुए?
10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। एमटी जलवीर पर भी भारतीय नाविक सवार थे, जिसके बाद भारत ने कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया।
भारत ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप-प्रमुख को तलब कर गहरी आपत्ति और कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह कदम भारतीय नाविकों की मौत और एमटी जलवीर पर हमले के बाद उठाया गया।
अमेरिका की ईरान नाकाबंदी कब से लागू है और अब तक कितने जहाज प्रभावित हुए?
अमेरिकी सेना के अनुसार यह नाकाबंदी 13 अप्रैल से लागू है। तब से अब तक 9 जहाजों को निष्क्रिय किया गया है, 135 को मार्ग बदलने पर मजबूर किया गया और मानवीय सहायता से जुड़े 42 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई।
इस सप्ताह अमेरिकी हमले का शिकार बने अन्य जहाज कौन से थे?
एमटी जलवीर से पहले इस सप्ताह पालाउ-ध्वज वाले एमटी मैरीवेक्स (सोमवार) और एमटी सेट्टेबेलो (मंगलवार) को भी निशाना बनाया गया था। मैरीवेक्स पर हमले के बाद 24 नाविकों को बचाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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