सेंटकॉम ने 8 सितंबर को नष्ट किए ईरान के 5 कच्चे तेल टैंकर, IRGC के बैलिस्टिक मिसाइल हमले का जवाब
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 8 सितंबर 2026 को ओमान की खाड़ी में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पाँच कच्चे तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई उन दो असफल बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में की गई, जो IRGC ने पिछले दो दिनों में एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत पर करने की कोशिश की थी। अमेरिकी दावे के मुताबिक, उस युद्धपोत को कोई नुकसान नहीं पहुँचा और वह क्षेत्रीय जल में गश्त जारी रखे हुए है।
मुख्य घटनाक्रम
सेंटकॉम ने अपनी आधिकारिक एक्स (X) पोस्ट में बताया कि 8 सितंबर को नष्ट किए गए जहाजों में एम/टी कविज, एम/टी चारमीनार, एम/टी होराइजन-1 और एम/टी रिस्को — जो ओमान की खाड़ी में थे — तथा खार्ग द्वीप के निकट मौजूद एम/टी डेर्या शामिल हैं। सेंटकॉम के अनुसार, हमले से पहले सभी जहाजों के चालक दल को पोत छोड़ने का निर्देश दिया गया, जिसके बाद इन जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया।
गौरतलब है कि यह पहली ऐसी कार्रवाई नहीं है — सेंटकॉम के अनुसार, 5 सितंबर को भी अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को नष्ट किया था, जब IRGC ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज पर हमले की कोशिश की थी।
अमेरिका का आरोप: बहु-अरब डॉलर का गुप्त नेटवर्क
सेंटकॉम का आरोप है कि ईरान इन तेल टैंकरों का उपयोग एक बहु-अरब डॉलर के गुप्त वित्तीय नेटवर्क के हिस्से के रूप में करता रहा है, जिसके ज़रिए IRGC और उससे जुड़े क्षेत्रीय संगठनों को धन मुहैया कराया जाता है। सेंटकॉम ने यह भी दावा किया कि ईरान के पास इन जहाजों की रक्षा करने का कोई प्रभावी साधन नहीं था।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है और ओमान की खाड़ी वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है।
IRGC के हमलों की स्थिति
सेंटकॉम के बयान के अनुसार, अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोतों को निशाना बनाने की IRGC की सभी कोशिशें अब तक विफल रही हैं। इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक को हानि नहीं पहुँची। हालाँकि, ईरान की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
ओमान की खाड़ी से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुज़रता है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य टकराव अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ारों और शिपिंग बीमा दरों पर दबाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव और गहरा हुआ, तो इसका असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
अमेरिका और ईरान के बीच यह सीधी सैन्य झड़प क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयासों को और जटिल बना सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना की क्षेत्र में मौजूदगी बनी हुई है और गश्त जारी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे के उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।