आईआरजीसी का दावा: जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 29 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी ने इसे अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों का जवाब बताया।
हमले का ब्यौरा
आईआरजीसी के बयान के अनुसार, उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजरक एयर बेस पर तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। कथित तौर पर बेस में अमेरिकी सैनिकों की बैरकों पर भी हमला किया गया। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ 'धमकियाँ, गैरकानूनी और दुश्मनी भरे कदम' उठाए जाते रहेंगे, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा।
अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'शाम 5:45 बजे (ईटी) इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर अचानक हमला करने की कोशिश थी।' सेंटकॉम ने कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया और अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है।
पूर्व के हमलों का संदर्भ
गौरतलब है कि 24 जुलाई को भी आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। उसके आधिकारिक सेपाह न्यूज के अनुसार, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस में अमेरिका के एक बड़े गोला-बारूद डिपो को कामिकाजे ड्रोन से नष्ट करने का दावा किया गया था। इसके अलावा, कुवैत के अल-अदीरी कैंप में तीन गोला-बारूद और सैन्य उपकरण डिपो और बहरीन में अमेरिकी पाँचवें बेड़े के मुख्यालय के वॉच टावर को निशाना बनाने का भी दावा था।
इराक और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई के दावे
आईआरजीसी के बयान के मुताबिक, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई के बाद एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और एक जासूसी गुब्बारे को नष्ट करने का दावा किया गया। बहरीन में एक अमेरिकी कंपनी के डेटा सेंटर की इमारत को भी ध्वस्त करने का दावा किया गया है। ये सभी दावे अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
क्षेत्रीय तनाव और आगे की स्थिति
यह ताज़ा घटनाक्रम पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तेज़ी से बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों का यह सिलसिला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने संकेत दिया है कि वह किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।