29 जुलाई 2026
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आईआरजीसी का दावा: जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला

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आईआरजीसी का दावा: जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला

सारांश

ईरान की आईआरजीसी ने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया है — अमेरिका ने सभी मिसाइलें रोकने की पुष्टि की। 24 जुलाई के बाद यह दूसरा बड़ा जवाबी हमला है, जो पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका टकराव को नए खतरनाक मोड़ पर ले जा रहा है।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने 29 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसने जॉर्डन के अल-अजरक एयर बेस और सेंटकॉम मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
अमेरिकी सेंटकॉम ने पुष्टि की कि ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया ; किसी हताहत की सूचना नहीं।
आईआरजीसी ने इसे अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों का जवाबी कदम बताया।
24 जुलाई को भी आईआरजीसी ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया था।
एरबिल (इराक) में एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और जासूसी गुब्बारे को नष्ट करने का भी दावा।
सभी आईआरजीसी दावे अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 29 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी ने इसे अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों का जवाब बताया।

हमले का ब्यौरा

आईआरजीसी के बयान के अनुसार, उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजरक एयर बेस पर तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। कथित तौर पर बेस में अमेरिकी सैनिकों की बैरकों पर भी हमला किया गया। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ 'धमकियाँ, गैरकानूनी और दुश्मनी भरे कदम' उठाए जाते रहेंगे, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा।

अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'शाम 5:45 बजे (ईटी) इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर अचानक हमला करने की कोशिश थी।' सेंटकॉम ने कहा कि ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया और अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है।

पूर्व के हमलों का संदर्भ

गौरतलब है कि 24 जुलाई को भी आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। उसके आधिकारिक सेपाह न्यूज के अनुसार, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस में अमेरिका के एक बड़े गोला-बारूद डिपो को कामिकाजे ड्रोन से नष्ट करने का दावा किया गया था। इसके अलावा, कुवैत के अल-अदीरी कैंप में तीन गोला-बारूद और सैन्य उपकरण डिपो और बहरीन में अमेरिकी पाँचवें बेड़े के मुख्यालय के वॉच टावर को निशाना बनाने का भी दावा था।

इराक और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई के दावे

आईआरजीसी के बयान के मुताबिक, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई के बाद एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और एक जासूसी गुब्बारे को नष्ट करने का दावा किया गया। बहरीन में एक अमेरिकी कंपनी के डेटा सेंटर की इमारत को भी ध्वस्त करने का दावा किया गया है। ये सभी दावे अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

क्षेत्रीय तनाव और आगे की स्थिति

यह ताज़ा घटनाक्रम पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तेज़ी से बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों का यह सिलसिला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने संकेत दिया है कि वह किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब दोनों पक्षों की 'जीत' की कहानियाँ ज़मीनी हकीकत से अलग निकलीं। अमेरिका का 'सभी मिसाइलें रोकीं' का दावा और आईआरजीसी का 'ठिकाने नष्ट किए' का दावा एक साथ सच नहीं हो सकते — और दोनों में से किसी की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। असली चिंता यह है कि जवाबी हमलों का यह चक्र बिना किसी स्पष्ट कूटनीतिक निकास के जारी है, और हर नई घटना गलत अनुमान की संभावना को बढ़ाती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरजीसी ने 29 जुलाई को किन ठिकानों पर हमले का दावा किया?
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजरक एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुख्यालय पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। ये दावे आईआरएनए के माध्यम से सामने आए और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
अमेरिकी सेना ने ईरानी हमले पर क्या कहा?
अमेरिकी सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि शाम 5:45 बजे (ईटी) आईआरजीसी ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अमेरिका ने इसे मध्य पूर्व में तैनात अपनी सेना पर 'अचानक हमला' करने की कोशिश बताया।
24 जुलाई के हमलों में आईआरजीसी ने क्या दावा किया था?
24 जुलाई को आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस में अमेरिकी गोला-बारूद डिपो को कामिकाजे ड्रोन से नष्ट करने, बहरीन में अमेरिकी पाँचवें बेड़े के वॉच टावर और एक डेटा सेंटर को निशाना बनाने का दावा किया था। ये दावे भी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए थे।
ईरान ने इन हमलों को किस आधार पर उचित ठहराया?
आईआरजीसी ने कहा कि ये सभी हमले अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में हैं। उसने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका ईरान के खिलाफ 'धमकियाँ, गैरकानूनी और दुश्मनी भरे कदम' उठाता रहेगा, विरोध जारी रहेगा।
पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव का मौजूदा स्तर क्या है?
जुलाई 2026 में दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला तेज़ हुआ है, जिसमें कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक के अमेरिकी ठिकाने निशाने पर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है और कूटनीतिक निकास अभी अस्पष्ट है।
राष्ट्र प्रेस
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