ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस पर दागीं मिसाइलें, 5 ईरानी तेल टैंकर नष्ट होने के बाद जवाबी हमला
सारांश
मुख्य बातें
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 9 सितंबर 2026 को तड़के घोषणा की कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन स्थित अल-अजराक अमेरिकी एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। आईआरजीसी के अनुसार, यह कार्रवाई ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी सेना के कथित 'आक्रामक' हमलों के प्रत्युत्तर में की गई। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले चार दिनों में अमेरिका ने ईरानी टैंकरों पर यह दूसरी सैन्य कार्रवाई की थी।
हमले का ब्यौरा: क्या निशाना बनाया गया
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने अल-अजराक एयर बेस के उस हैंगर को निशाना बनाया जहाँ अमेरिकी एफ-35, एफ-16 और एफ-15 लड़ाकू विमानों की मरम्मत, रखरखाव, तैयारी और तैनाती होती है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए बने एक शेल्टर को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने दावा किया कि इस हमले में 'दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया गया।'
जॉर्डन की वायु रक्षा की प्रतिक्रिया
जॉर्डन की सेना ने बुधवार को बताया कि उसके वायु रक्षा सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार, शेष दो मिसाइलें सुनसान इलाकों में गिरीं और किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
अमेरिकी कार्रवाई: पाँच ईरानी टैंकर नष्ट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इससे पहले घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के पाँच कच्चे तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। ये हमले मंगलवार को ओमान की खाड़ी और ईरान के खार्ग द्वीप के निकट किए गए। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
सेंटकॉम के अनुसार, नष्ट किए गए टैंकरों के नाम एम/टी कविज, एम/टी चारमीनार, एम/टी होराइजन-1 और एम/टी रिस्को थे — ये चारों ओमान की खाड़ी में थे। पाँचवाँ टैंकर एम/टी डेर्या था, जिसे खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने इन जहाजों को आईआरजीसी की ओर से संचालित बताया और दावा किया कि वे 'अरबों डॉलर के एक ऐसे नेटवर्क' का हिस्सा थे जिसका उपयोग ईरानी सैन्य संगठन और उससे जुड़े क्षेत्रीय समूहों को वित्तीय सहायता पहुँचाने के लिए किया जाता था।
चालक दल और अमेरिकी युद्धपोत की स्थिति
सेंटकॉम ने बताया कि हमले से पूर्व अमेरिकी बलों ने जहाजों के चालक दल को जहाज छोड़ने का निर्देश दिया था, और किसी भी चालक दल के सदस्य के हताहत होने की जानकारी नहीं है। सेंटकॉम के अनुसार, आईआरजीसी ने पिछले दो दिनों में दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से एक अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन वह युद्धपोत दोनों बार सुरक्षित बच निकला और किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई। गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने यह नहीं बताया कि किस युद्धपोत को निशाना बनाया गया, हमला ठीक कहाँ हुआ और कितनी मिसाइलें दागी गईं।
आगे क्या: बढ़ते तनाव के निहितार्थ
यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान के बीच तनाव में एक नए और खतरनाक चरण का संकेत देता है। पिछले चार दिनों में ईरानी टैंकरों पर यह अमेरिका की दूसरी सैन्य कार्रवाई थी, और ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकाने पर सीधा हमला करके स्थिति को और जटिल बना दिया है। क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, यदि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संवाद नहीं बढ़ा तो यह टकराव और व्यापक रूप ले सकता है।