31 जुलाई 2026
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ईरान का दावा: अल अजराक एयर बेस पर 3 अमेरिकी F-35 विमान नष्ट, सैन्य कर्मी भी मारे गए

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ईरान का दावा: अल अजराक एयर बेस पर 3 अमेरिकी F-35 विमान नष्ट, सैन्य कर्मी भी मारे गए

सारांश

ईरान-अमेरिका टकराव नए मोड़ पर — आईआरजीसी ने दावा किया कि जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में तीन F-35 विमान नष्ट और कई अमेरिकी सैन्य कर्मी मारे गए। यह केश्म द्वीप पर अमेरिकी बंकर-बस्टर हमले का जवाब बताया गया, जिसमें एक परिवार के तीन सदस्य मारे गए थे।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने 30 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसने जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया।
कथित तौर पर तीन अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट , तीन अन्य को भारी क्षति।
हमले में कई अमेरिकी अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मारे गए — दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं ।
यह हमला केश्म द्वीप पर अमेरिकी बंकर-बस्टर हमले के जवाब में बताया गया, जिसमें एक बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हुई, दो बच्चे घायल ।
अमेरिका ने बुशेहर, फार्स, खुजेस्तान और केश्म सहित दक्षिणी ईरान के कई इलाकों पर हमले किए।
सेंटकॉम के अनुसार अमेरिकी हमले रात 8 बजे शुरू हुए, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना पर ईरानी हमले की कोशिश के जवाब में।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 30 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसने जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में अमेरिका के तीन F-35 लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट कर दिए और कई अमेरिकी सैन्य कर्मियों को मार गिराया। आईआरजीसी के अनुसार यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के केश्म द्वीप पर किए गए बंकर-बस्टर बम हमले का जवाब था, जिसमें एक बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हो गई थी।

हमले का विवरण और दावे

आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने घोषणा की कि अल अजराक एयर बेस के पार्किंग क्षेत्र और मेंटेनेंस हैंगर को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इन सुविधाओं का उपयोग कथित तौर पर अमेरिकी F-35 विमानों के संचालन के लिए किया जाता था।

आईआरजीसी के बयान के अनुसार, इस हमले में तीन F-35 विमान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि तीन अन्य विमानों को भारी क्षति पहुँची। इसके अतिरिक्त, कई अमेरिकी अधिकारियों सहित तकनीकी और रखरखाव कर्मचारी भी मारे गए — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

अमेरिकी हमले की पृष्ठभूमि

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका ने जॉर्डन में स्थित 'कब्जे वाले ठिकानों' से ईरान के केश्म द्वीप पर दो रिहायशी घरों पर बंकर-बस्टर बम गिराए। इस हमले में एक बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य बच्चे घायल हो गए।

इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने रात 8 बजे ईरान पर हमले शुरू किए। सेंटकॉम के अनुसार ये हमले मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना पर ईरान की ओर से की गई हमले की कोशिश का लक्ष्यपूर्ण जवाब थे। इन हमलों में केश्म द्वीप के अलावा बुशेहर, फार्स और खुजेस्तान प्रांतों के कुछ हिस्से भी शामिल रहे।

ईरान में धमाकों की खबरें

ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, होरमोजगान और खुजेस्तान सहित कई दक्षिणी प्रांतों में धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरानी अधिकारियों ने केश्म द्वीप के रिहायशी इलाकों में नुकसान की भी पुष्टि की।

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि इस तरह के परस्पर दावे और जवाबी कार्रवाई की श्रृंखला मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष का जोखिम बढ़ाती है।

आगे क्या होगा

अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से आईआरजीसी के दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब जॉर्डन की प्रतिक्रिया पर भी टिकी हैं, क्योंकि आईआरजीसी ने उसकी भूमि को 'अमेरिकी कब्जे' से मुक्त कराने का उद्देश्य घोषित किया है। स्थिति के और बिगड़ने की आशंका के बीच कूटनीतिक प्रयासों की तत्काल जरूरत महसूस की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे दावे अक्सर युद्ध की धुंध में अतिरंजित होते हैं। परंतु असली सवाल यह है कि जॉर्डन — एक अमेरिकी सहयोगी — की भूमि पर हमला करके ईरान ने संघर्ष का दायरा खतरनाक रूप से विस्तारित किया है। केश्म द्वीप पर रिहायशी इलाकों में बंकर-बस्टर बमों का उपयोग और उसके बाद यह जवाबी हमला — दोनों मिलकर एक ऐसी वृद्धि की श्रृंखला बनाते हैं जिसे रोकने के लिए कोई सक्रिय कूटनीतिक ढाँचा फिलहाल दिखाई नहीं देता।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरजीसी ने अल अजराक एयर बेस पर हमले का दावा क्यों किया?
आईआरजीसी ने यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के केश्म द्वीप पर बंकर-बस्टर बम गिराए जाने के जवाब में किया, जिसमें एक बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। आईआरजीसी ने जॉर्डन की भूमि को 'अमेरिकी कब्जे' से मुक्त कराने का भी उद्देश्य घोषित किया।
क्या आईआरजीसी के F-35 नष्ट करने के दावे सत्यापित हैं?
नहीं, आईआरजीसी के इन दावों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी रक्षा विभाग या सेंटकॉम की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने ईरान पर कब और कहाँ हमले किए?
सेंटकॉम के अनुसार अमेरिकी सेना ने गुरुवार रात 8 बजे ईरान पर हमले शुरू किए। इन हमलों में केश्म द्वीप, बुशेहर, फार्स और खुजेस्तान प्रांत शामिल रहे।
केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में कितने लोग हताहत हुए?
आईआरजीसी के बयान के अनुसार केश्म द्वीप पर दो रिहायशी घरों पर बंकर-बस्टर बम गिराए गए, जिसमें एक बच्चे और उसके माता-पिता की मौत हो गई। परिवार के दो अन्य बच्चे घायल बताए गए।
इस संघर्ष में जॉर्डन की क्या भूमिका है?
जॉर्डन एक अमेरिकी सहयोगी देश है और अल अजराक एयर बेस उसकी भूमि पर स्थित है। आईआरजीसी ने इसे 'अमेरिकी कब्जे वाला ठिकाना' बताते हुए हमले को उचित ठहराया, जिससे जॉर्डन की स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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