वैशाली में नशे में धुत ASI ने सेना के जवान पर चलाई गोली, बाल-बाल बचे; सर्विस पिस्टल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के वैशाली जिले में 13 जुलाई की सुबह एक चौंकाने वाली घटना में फारबिसगंज थाना की अनुसंधान इकाई में तैनात एएसआई दीपक कुमार ने कथित तौर पर नशे की हालत में एक युवक पर सर्विस पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली भारतीय सेना के जवान रजनीश की बाईं आंख के पास से गुजरी और वे बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने आरोपी पुलिसकर्मी को मौके पर ही पकड़ लिया और भगवानपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
वफापुर बामपुर गांव निवासी गंगा सिंह सुबह घर में सो रहे थे, जब एक व्यक्ति ने उनके घर की ग्रिल खटखटाकर कहा कि उसकी कार गड्ढे में फंस गई है और उसे मदद चाहिए। गंगा सिंह और उनके बेटे रजनीश — जो भारतीय सेना में सक्रिय जवान हैं — ने मिलकर कार को गड्ढे से बाहर निकाला। कार पर 'पुलिस' का स्टिकर लगा देख दोनों को लगा कि वह पुलिस विभाग से जुड़ा व्यक्ति है, इसलिए उन्होंने बिना हिचकिचाहट मदद की।
मदद मिलने के बाद भी वह व्यक्ति वहाँ से जाने के बजाय अभद्र व्यवहार करने लगा। वैशाली सदर-2 के एसडीपीओ गोपाल मंडल के अनुसार, करीब एक घंटे तक विवाद चलता रहा।
फायरिंग और बाल-बाल बचाव
विवाद के दौरान आरोपी ने रजनीश की गर्दन पकड़ ली और अपनी अधिकृत सर्विस पिस्टल निकालकर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली रजनीश की बाईं आंख के पास से गुजरी — गोली के छर्रे के प्रभाव से आंख के पास हल्की चोट आई है और उनका इलाज कराया जा रहा है। एसडीपीओ मंडल ने बताया कि घटनास्थल से गोली का खोखा और बुलेट दोनों बरामद किए गए हैं।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
आसपास के ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिस्टल छीन ली और सूचना मिलने पर पहुँची भगवानपुर थाना पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जांच में आरोपी की पहचान जहानाबाद निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई, जो अररिया जिले के फारबिसगंज थाना की अनुसंधान इकाई में एएसआई के पद पर तैनात हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बरामद हथियार अवैध नहीं, बल्कि आरोपी की अधिकृत सर्विस पिस्टल है।
जांच की स्थिति
एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) और डीआईयू की टीम को वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह के लिए बुलाया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
आगे क्या होगा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और पुलिसकर्मियों द्वारा नशे में अपराध के मामले संवेदनशील माने जाते हैं। आरोपी एएसआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमे की दिशा में पुलिस की जांच निर्णायक होगी।