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गोपालगंज मुठभेड़: शराब तस्करों ने दारोगा को कुचला, जवाबी फायरिंग में आरोपी के जबड़े में लगी गोली

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गोपालगंज मुठभेड़: शराब तस्करों ने दारोगा को कुचला, जवाबी फायरिंग में आरोपी के जबड़े में लगी गोली

सारांश

बिहार के गोपालगंज में शराब तस्करों ने वाहन जाँच के दौरान दारोगा को स्कॉर्पियो से कुचला और पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में कथित तस्कर किशन कुमार के जबड़े में गोली लगी। 2016 से लागू शराबबंदी के बावजूद गोपालगंज में तस्करी की यह घटना पुलिस के सामने खड़ी गंभीर चुनौती को उजागर करती है।

मुख्य बातें

16 जून 2025 की देर रात गोपालगंज के बंशी बतरहा गाँव के पास शराब तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई।
कथित तस्करों ने स्कॉर्पियो को बैक गियर में दौड़ाकर दारोगा संतोष कुमार को कुचला, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हुए।
जवाबी फायरिंग में गोरखपुर निवासी कथित तस्कर किशन कुमार के जबड़े में गोली लगी, हालत गंभीर।
किशन कुमार को पटना पीएमसीएच रेफर किया गया; पुलिस अन्य तस्करों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
बिहार में 2016 से पूर्ण मद्यनिषेध लागू है, फिर भी श्रीपुर और फुलवरिया क्षेत्र में तस्करी की घटनाएँ बार-बार सामने आती हैं।

बिहार के गोपालगंज जिले के श्रीपुर थाना क्षेत्र में 16 जून 2025 की देर रात वाहन जाँच अभियान के दौरान कथित शराब तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में दारोगा संतोष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के भरथरी गाँव निवासी कथित तस्कर किशन कुमार के जबड़े में गोली लगी, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे पटना पीएमसीएच रेफर किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

घटना बंशी बतरहा गाँव के समीप की है। पुलिस के अनुसार, श्रीपुर पुलिस उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की सघन जाँच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक तेज़ रफ्तार स्कॉर्पियो में शराब की खेप लेकर तस्कर गोपालगंज की ओर आ रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जैसे ही दारोगा संतोष कुमार स्कॉर्पियो के पीछे पहुँचे, वाहन में सवार तस्करों ने अचानक गाड़ी को बैक गियर में तेज़ गति से दौड़ा दिया, जिससे दारोगा वाहन की चपेट में आकर सड़क पर गिर पड़े।

फायरिंग और जवाबी कार्रवाई

पुलिस का आरोप है कि मौके से भागने के दौरान स्कॉर्पियो में सवार एक तस्कर ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें किशन कुमार के जबड़े में गोली लगी। पुलिस का दावा है कि किशन कुमार ने ही वाहन से दारोगा को कुचला और पुलिस पर गोली चलाई।

उपचार और अस्पताल रेफरल

घायल दारोगा और आरोपी तस्कर दोनों को पहले फुलवरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से चिकित्सकों ने दोनों को सदर अस्पताल रेफर किया। किशन कुमार की स्थिति गंभीर होने पर उसे आगे पटना पीएमसीएच भेजा गया।

तलाश जारी

पुलिस इस मामले में शामिल अन्य कथित तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि श्रीपुर और फुलवरिया थाना क्षेत्रों में पहले भी शराब तस्करों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएँ सामने आती रही हैं, जो इस इलाके में अवैध शराब के कारोबार की गहरी जड़ों की ओर इशारा करती हैं।

बिहार में 2016 से पूर्ण मद्यनिषेध लागू है, इसके बावजूद पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह घटना उस चुनौती का ताज़ा उदाहरण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उत्तर प्रदेश सीमा से शराब की आवक नहीं रुकी। असली सवाल यह है कि जब तस्कर पुलिस पर गोली चलाने की हद तक पहुँच गए हैं, तो क्या केवल छापेमारी और रेफरल से यह समस्या हल होगी, या राज्य को सीमा-प्रबंधन और खुफिया तंत्र में बुनियादी बदलाव की ज़रूरत है? जवाबदेही का यह प्रश्न अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोपालगंज मुठभेड़ में क्या हुआ?
16 जून 2025 की देर रात श्रीपुर थाना क्षेत्र में वाहन जाँच के दौरान कथित शराब तस्करों ने स्कॉर्पियो को बैक गियर में दौड़ाकर दारोगा संतोष कुमार को घायल कर दिया और पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में तस्कर किशन कुमार के जबड़े में गोली लगी।
घायल दारोगा और आरोपी तस्कर का अभी क्या हाल है?
दारोगा संतोष कुमार और आरोपी किशन कुमार दोनों को पहले फुलवरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फिर सदर अस्पताल रेफर किया गया। किशन कुमार की हालत गंभीर होने पर उसे पटना पीएमसीएच भेजा गया है।
आरोपी किशन कुमार कौन है?
किशन कुमार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के भरथरी गाँव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस का आरोप है कि उसी ने स्कॉर्पियो से दारोगा को कुचला और पुलिस टीम पर गोलीबारी की।
बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी क्यों जारी है?
बिहार में 2016 से पूर्ण मद्यनिषेध लागू है, लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से सटी लंबी सीमा के कारण तस्करी रोकना कठिन साबित हो रहा है। श्रीपुर और फुलवरिया थाना क्षेत्रों में पहले भी ऐसी घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस इस मामले में शामिल अन्य कथित तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है। स्कॉर्पियो में सवार अन्य आरोपी अभी तक फरार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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