24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोपोर पुलिस ने दो ड्रग तस्करों की ₹66 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोपोर पुलिस ने दो ड्रग तस्करों की ₹66 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

सारांश

सोपोर पुलिस ने '100-दिन के नशा-मुक्त अभियान' के तहत दो कुख्यात ड्रग तस्करों की ₹66 लाख से अधिक की संपत्तियाँ जब्त कर नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया है। यह कार्रवाई तस्करों की गिरफ्तारी से आगे बढ़कर उनकी अवैध आर्थिक नींव को खत्म करने की रणनीति को दर्शाती है।

मुख्य बातें

सोपोर पुलिस ने 8 जून 2026 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दो ड्रग तस्करों की ₹66 लाख से अधिक की संपत्तियाँ जब्त कीं।
आरोपी जहूर अहमद शाह की ₹40,82,717 और मंजूर अहमद बाबा की ₹25,73,567 की संपत्ति जब्त।
जब्ती एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत, संपत्तियाँ ज्ञात आय से अनुपातहीन पाई गईं।
कार्रवाई '100-दिन के नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' का हिस्सा है।
जहूर अहमद शाह के खिलाफ दो एफआईआर (2015 और 2023), मंजूर अहमद बाबा के खिलाफ एक एफआईआर (2023) दर्ज है।

सोपोर पुलिस ने 8 जून 2026 को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दो कुख्यात ड्रग तस्करों की कथित तौर पर अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित ₹66 लाख से अधिक की संपत्तियाँ जब्त की हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में चल रहे '100-दिन के नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत की गई है और नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क को ध्वस्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

किन आरोपियों की संपत्ति जब्त हुई

जब्त की गई संपत्तियाँ दो आरोपियों — जहूर अहमद शाह (निवासी: हनफिया कॉलोनी, आरामपोरा, सोपोर) और मंजूर अहमद बाबा (निवासी: मगरायपोरा, सोपोर) — से संबंधित हैं। जहूर अहमद शाह का नाम एनडीपीएस एक्ट के तहत सोपोर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 143/2015 तथा तारजू पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 24/2023 में दर्ज है। मंजूर अहमद बाबा का नाम सोपोर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 184/2023 में शामिल है।

जब्त संपत्तियों का विवरण

आरोपी जहूर अहमद शाह की जब्त संपत्तियों में हनफिया कॉलोनी, आरामपोरा स्थित रिहायशी घर, 13 मरला घेराबंदी वाली जमीन और एक स्कूटी शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹40,82,717 है। आरोपी मंजूर अहमद बाबा की जब्त संपत्तियों में मगरायपोरा स्थित रिहायशी घर और हथलांगू में 01 कनाल 06 मरला जमीन (प्लिंथ व निर्माण सामग्री सहित) शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹25,73,567 है।

वित्तीय जाँच और कानूनी प्रक्रिया

एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई वित्तीय जाँच में सोपोर पुलिस ने पाया कि ये संपत्तियाँ आरोपियों की ज्ञात आय के स्रोतों के अनुपात में कहीं अधिक थीं और कथित तौर पर अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। इसी आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जब्ती की कार्यवाही पूरी होने तक फ्रीजिंग एवं जब्ती के आदेश जारी किए गए। सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में आरोपियों को जब्ती के नोटिस दिए गए।

अभियान का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में चल रहे '100-दिन के नशा-मुक्त अभियान' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे को निशाना बनाना है। सोपोर पुलिस की यह रणनीति केवल तस्करों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशे के कारोबार की आर्थिक नींव को खोखला करना भी इसका लक्ष्य है।

आगे क्या होगा

जब्त की गई संपत्तियों पर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जब्ती की कार्यवाही जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जाँच आगे भी जारी है और भविष्य में और कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि जब्त संपत्तियों का प्रबंधन और अंतिम निपटान कितना पारदर्शी होगा, क्योंकि अतीत में ऐसे मामलों में देरी और प्रशासनिक जटिलताएँ देखी गई हैं। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की गहराई को देखते हुए, '100-दिन का अभियान' एक सकारात्मक कदम है, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव के लिए इसे संस्थागत रूप देना आवश्यक होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोपोर पुलिस ने किन ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त की है?
सोपोर पुलिस ने जहूर अहमद शाह (हनफिया कॉलोनी, आरामपोरा, सोपोर) और मंजूर अहमद बाबा (मगरायपोरा, सोपोर) की संपत्तियाँ जब्त की हैं। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से एफआईआर दर्ज हैं।
कितनी संपत्ति जब्त की गई और उसमें क्या-क्या शामिल है?
कुल ₹66 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। जहूर अहमद शाह की ₹40,82,717 की संपत्ति (रिहायशी घर, 13 मरला जमीन, स्कूटी) और मंजूर अहमद बाबा की ₹25,73,567 की संपत्ति (रिहायशी घर, 01 कनाल 06 मरला जमीन) शामिल हैं।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत संपत्ति जब्ती कैसे होती है?
एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत पुलिस वित्तीय जाँच में यह साबित होने पर कि संपत्ति ज्ञात आय से अनुपातहीन है और नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित है, सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जब्ती की कार्यवाही पूरी होने तक फ्रीजिंग के आदेश जारी कर सकती है। सभी कानूनी औपचारिकताएँ और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य होती है।
'100-दिन का नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर में चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी नेटवर्क को उसके वित्तीय ढाँचे सहित पूरी तरह खत्म करना है। इस अभियान के तहत तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों की जब्ती पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस कार्रवाई से आगे क्या होगा?
जब्त संपत्तियों पर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जाँच आगे भी जारी है और भविष्य में और कार्रवाइयाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले