सोपोर पुलिस ने दो ड्रग तस्करों की ₹66 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
सोपोर पुलिस ने 8 जून 2026 को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दो कुख्यात ड्रग तस्करों की कथित तौर पर अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित ₹66 लाख से अधिक की संपत्तियाँ जब्त की हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में चल रहे '100-दिन के नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के अंतर्गत की गई है और नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क को ध्वस्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
किन आरोपियों की संपत्ति जब्त हुई
जब्त की गई संपत्तियाँ दो आरोपियों — जहूर अहमद शाह (निवासी: हनफिया कॉलोनी, आरामपोरा, सोपोर) और मंजूर अहमद बाबा (निवासी: मगरायपोरा, सोपोर) — से संबंधित हैं। जहूर अहमद शाह का नाम एनडीपीएस एक्ट के तहत सोपोर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 143/2015 तथा तारजू पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 24/2023 में दर्ज है। मंजूर अहमद बाबा का नाम सोपोर पुलिस स्टेशन की एफआईआर नंबर 184/2023 में शामिल है।
जब्त संपत्तियों का विवरण
आरोपी जहूर अहमद शाह की जब्त संपत्तियों में हनफिया कॉलोनी, आरामपोरा स्थित रिहायशी घर, 13 मरला घेराबंदी वाली जमीन और एक स्कूटी शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹40,82,717 है। आरोपी मंजूर अहमद बाबा की जब्त संपत्तियों में मगरायपोरा स्थित रिहायशी घर और हथलांगू में 01 कनाल 06 मरला जमीन (प्लिंथ व निर्माण सामग्री सहित) शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹25,73,567 है।
वित्तीय जाँच और कानूनी प्रक्रिया
एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई वित्तीय जाँच में सोपोर पुलिस ने पाया कि ये संपत्तियाँ आरोपियों की ज्ञात आय के स्रोतों के अनुपात में कहीं अधिक थीं और कथित तौर पर अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। इसी आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जब्ती की कार्यवाही पूरी होने तक फ्रीजिंग एवं जब्ती के आदेश जारी किए गए। सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में आरोपियों को जब्ती के नोटिस दिए गए।
अभियान का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में चल रहे '100-दिन के नशा-मुक्त अभियान' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे को निशाना बनाना है। सोपोर पुलिस की यह रणनीति केवल तस्करों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशे के कारोबार की आर्थिक नींव को खोखला करना भी इसका लक्ष्य है।
आगे क्या होगा
जब्त की गई संपत्तियों पर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जब्ती की कार्यवाही जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जाँच आगे भी जारी है और भविष्य में और कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।