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श्रीनगर पुलिस ने ड्रग तस्करों की ₹4 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त कीं, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

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श्रीनगर पुलिस ने ड्रग तस्करों की ₹4 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त कीं, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

सारांश

श्रीनगर पुलिस ने 'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत दो कथित ड्रग तस्करों — गुलाम अहमद डार और मोहम्मद शफी शेख — की ₹4 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त कीं। यह कदम तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को जड़ से काटने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

श्रीनगर पुलिस ने 8 जून 2026 को दो कथित ड्रग तस्करों की कुल ₹4 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियाँ जब्त कीं।
संगम पुलिस स्टेशन ने आरोपी गुलाम अहमद डार की ₹3 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त कीं — जिनमें मकान, भूमि और दुकानें शामिल हैं।
नवाहट्टा पुलिस स्टेशन ने मोहम्मद शफी शेख की ₹1 करोड़ की रिहायशी संपत्ति जब्त की; संबंधित एफआईआर 2018 में दर्ज हुई थी।
कार्रवाई NDPS एक्ट, 1985 की धारा 8/20 के तहत की गई।
पुलिस का लक्ष्य ड्रग तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को वित्तीय प्रहार से कमजोर करना है।

श्रीनगर पुलिस ने 8 जून 2026 को 'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत दो कथित ड्रग तस्करों की कुल ₹4 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियाँ जब्त कीं। यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई, जो नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की जब्ती का अधिकार देता है।

पहला मामला: संगम पुलिस स्टेशन की कार्रवाई

संगम पुलिस स्टेशन ने NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 14/2026 की जाँच के दौरान आरोपी गुलाम अहमद डार की लगभग ₹3 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ जब्त कीं। इन संपत्तियों में एक रिहायशी मकान, भूमि का एक हिस्सा और कई व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं।

जाँच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले जिनके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि ये संपत्तियाँ नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध आय से खरीदी गई थीं। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संपत्तियों को जब्त किया गया।

दूसरा मामला: नवाहट्टा पुलिस स्टेशन की कार्रवाई

पुलिस स्टेशन नवाहट्टा ने NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 09/2018 के संबंध में आरोपी मोहम्मद शफी शेख (पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद सुभान शेख) की लगभग ₹1 करोड़ मूल्य की रिहायशी संपत्ति जब्त की। पुलिस जाँच में यह संपत्ति भी मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध आय से जुड़ी पाई गई।

गौरतलब है कि यह एफआईआर वर्ष 2018 में दर्ज हुई थी, जो दर्शाता है कि पुलिस पुराने मामलों में भी आर्थिक संपत्तियों को खंगालने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।

जब्ती का उद्देश्य और कानूनी आधार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन जब्ती कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को छिपाने, बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करने से रोकना है। NDPS एक्ट के तहत ऐसी संपत्तियाँ जब्त करने का प्रावधान इसीलिए बनाया गया है ताकि ड्रग तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर तस्करों की वित्तीय जड़ें काटने की रणनीति अपना रहा है।

श्रीनगर पुलिस की व्यापक रणनीति

श्रीनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह ड्रग तस्करों के विरुद्ध केवल आपराधिक मुकदमे चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस का मानना है कि आर्थिक स्रोतों पर प्रहार करके नशीले पदार्थों के नेटवर्क को अधिक प्रभावी ढंग से समाप्त किया जा सकता है।

'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत यह कार्रवाई उस बड़ी मुहिम का हिस्सा है जिसमें तस्करी के वित्तीय ढाँचे को ध्वस्त करना प्राथमिक लक्ष्य है। आने वाले समय में ऐसी और जब्ती कार्रवाइयाँ अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नशा-विरोधी रणनीति में एक स्पष्ट बदलाव की ओर संकेत करती है — गिरफ्तारी से आगे बढ़कर आर्थिक दंड की ओर। हालाँकि, एफआईआर संख्या 09/2018 से जुड़ी संपत्ति की जब्ती में आठ साल की देरी यह सवाल उठाती है कि NDPS एक्ट के तहत संपत्ति-जब्ती प्रक्रिया में इतना विलंब क्यों होता है। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की गहराई को देखते हुए, केवल संपत्ति जब्त करना पर्याप्त नहीं — यह भी देखना होगा कि इन मामलों में अभियोजन कितनी तेज़ी से और कितने सफलतापूर्वक आगे बढ़ता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर पुलिस ने किन ड्रग तस्करों की संपत्तियाँ जब्त कीं?
श्रीनगर पुलिस ने दो कथित ड्रग तस्करों — गुलाम अहमद डार और मोहम्मद शफी शेख — की संपत्तियाँ जब्त कीं। गुलाम अहमद डार की ₹3 करोड़ और मोहम्मद शफी शेख की ₹1 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ NDPS एक्ट के तहत जब्त की गई हैं।
NDPS एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती का क्या प्रावधान है?
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की धारा 8/20 के तहत पुलिस उन संपत्तियों को जब्त कर सकती है जो नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध आय से खरीदी गई हों। इसका उद्देश्य तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना है।
नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एक व्यापक नशा-विरोधी अभियान है, जिसका लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को नशे की समस्या से मुक्त करना है। इस अभियान के तहत ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाती है।
जब्त की गई संपत्तियों में क्या-क्या शामिल है?
गुलाम अहमद डार के मामले में जब्त संपत्तियों में एक रिहायशी मकान, भूमि का एक हिस्सा और कई व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं। मोहम्मद शफी शेख के मामले में एक रिहायशी संपत्ति जब्त की गई है।
इस कार्रवाई से ड्रग तस्करी पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस का मानना है कि तस्करों के आर्थिक स्रोतों पर सीधा प्रहार करने से उनके नेटवर्क को प्रभावी ढंग से कमजोर किया जा सकता है। संपत्तियों की जब्ती से तस्करों को नशीले पदार्थों के कारोबार में पुनर्निवेश करने से रोका जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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