बारामूला पुलिस ने ड्रग तस्कर की ₹29 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त की, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला पुलिस ने 5 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर के एक कुख्यात ड्रग तस्कर की ₹29 लाख से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियाँ जब्त कर मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ(1) के अंतर्गत की गई, जो नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों की कुर्की का प्रावधान करती है।
किसकी संपत्ति हुई जब्त
जब्त की गई संपत्तियाँ मुश्ताक अहमद डार, पुत्र मोहम्मद यूसुफ डार, निवासी यादीपोरा, पल्हालन, पट्टन की हैं। इनमें यादीपोरा, पल्हालन स्थित एक मंजिला रिहायशी मकान और हैदरबेग, पट्टन में एक दो मंजिला व्यावसायिक भवन की चार दुकानें शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों का संयुक्त अनुमानित बाजार मूल्य ₹29 लाख से अधिक आँका गया है।
जाँच में क्या सामने आया
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम के अध्याय पाँच-ए के तहत की गई विस्तृत जाँच का परिणाम है। जाँच के दौरान संपत्तियों से जुड़े मूल्यांकन प्रमाणपत्र, राजस्व रिकॉर्ड और आय संबंधी दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। इन दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों को यह मानने के पर्याप्त आधार मिले कि आरोपी ने ये संपत्तियाँ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी थीं।
गौरतलब है कि मुश्ताक अहमद डार के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत पहले से कई मामले दर्ज हैं और उन्हें पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत हिरासत में भी लिया जा चुका है। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की चार्जशीट पहले ही संबंधित अदालत में दाखिल की जा चुकी है।
कार्रवाई का उद्देश्य
बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का लक्ष्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से निर्मित आर्थिक ताकत को जड़ से खत्म करना है। यह रणनीति ड्रग नेटवर्क की वित्तीय नींव को कमजोर करने की व्यापक नीति का हिस्सा है — जिसे 'नशे की जड़ काटो' दृष्टिकोण कहा जा सकता है।
जनता से अपील
बारामूला पुलिस ने एक बार फिर नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी या नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।