डोडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: NDPS एक्ट के तहत ₹52 लाख की आवासीय संपत्ति कुर्क, 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में पुलिस ने नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत लगभग ₹51.91 लाख मूल्य की दो मंजिला आवासीय संपत्ति को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई थाना डोडा में दर्ज FIR संख्या 93/2026 के सिलसिले में की गई है, जिसमें अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला NDPS एक्ट की धाराओं 8/21/22/29/25/27ए/20 के तहत दर्ज किया गया था। जाँच के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई, जिससे आरोपियों की अवैध नशा तस्करी गतिविधियों में संलिप्तता के संकेत मिले।
संपत्ति की पहचान और मूल्यांकन
जाँच के दौरान वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की गहन पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार, डोडा के सादिकाबाद क्षेत्र में स्थित बेसमेंट सहित दो मंजिला आवासीय मकान — जो जरीना बेगम, पत्नी स्वर्गीय गुलाम अली, के नाम पर पंजीकृत है — कथित तौर पर नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया था। विस्तृत वित्तीय जाँच के बाद इस संपत्ति का मूल्यांकन लगभग ₹51.91 लाख किया गया, जिसके आधार पर इसे NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत कुर्क किया गया।
जाँच की निगरानी
मामले की जाँच थाना डोडा के SHO तारिक अहमद द्वारा की गई, जिसकी निगरानी DSP मुख्यालय डोडा कृष्ण रतन कर रहे थे। DSP कृष्ण रतन ने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति जरीना बेगम के नाम पर है और यह मकान कथित तौर पर अपराध से प्राप्त आय से बनाया गया है, इसलिए इसे अटैच किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी और सह-आरोपियों के बैंक खातों में जमा राशि भी सीज़ कर दी गई है।
गिरफ्तारियाँ और आगे की कार्रवाई
अब तक इस मामले में 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है। कुर्की की यह कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। डोडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आर्थिक जड़ों पर प्रहार की रणनीति
पुलिस का मानना है कि नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ों पर प्रहार कर ही इस अवैध नेटवर्क को प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सकता है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के चिनाब घाटी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में नशा तस्करी से जुड़े मामलों में तेज़ी आई है, और संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाइयाँ अब NDPS एक्ट प्रवर्तन का प्रमुख हथियार बनती जा रही हैं। आने वाले दिनों में फरार आरोपी की गिरफ्तारी और वित्तीय जाँच के नए खुलासे मामले की दिशा तय करेंगे।