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रियासी पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित ₹13.37 लाख की संपत्ति कुर्क, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

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रियासी पुलिस ने नशा तस्करी से अर्जित ₹13.37 लाख की संपत्ति कुर्क, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

सारांश

रियासी पुलिस ने नशा तस्करी के एक आरोपी की ₹13.37 लाख मूल्य की संपत्ति NDPS एक्ट की धारा 68एफ के तहत कुर्क की — यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि तस्करों की अवैध कमाई को जड़ से खत्म करने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

रियासी पुलिस ने 14 जुलाई को नशा तस्करी से अर्जित ₹13.37 लाख मूल्य की संपत्ति कुर्क की।
आरोपी मोहम्मद रफी , निवासी गांव खेराल, रियासी , ने 2022 से 2024 के बीच पक्का मकान बनवाया था।
PWD रियासी के मूल्यांकन में मकान की कीमत ₹13.37 लाख आंकी गई।
कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ और अध्याय-5ए के तहत की गई।
पुलिस ने नागरिकों से नशा तस्करी की सूचना साझा करने की अपील की है।

रियासी पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित ₹13.37 लाख मूल्य की एक अवैध संपत्ति कुर्क की है। 14 जुलाई को की गई इस कार्रवाई में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ के तहत आरोपी के पक्के मकान को फ्रीज किया गया है। यह कदम नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

मामले का पृष्ठभूमि और आरोपी की पहचान

पुलिस के अनुसार, रियासी थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट की एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान गांव खेराल, रियासी निवासी आरोपी मोहम्मद रफी की वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की विस्तृत पड़ताल की गई। तहसीलदार रियासी की रिपोर्ट से पता चला कि आरोपी ने वर्ष 2022 से 2024 के बीच खसरा नंबर 157 की भूमि पर दो कमरों का एक पक्का मकान बनवाया था, जिसमें वह फिलहाल अपने परिवार के साथ रह रहा है।

आय स्रोत का अभाव — कैसे हुई पहचान

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी के पास कोई वैध या स्थायी आय स्रोत नहीं था, जिससे वह उक्त मकान के निर्माण का खर्च उठा सके। इसी आधार पर संपत्ति की वैधता को लेकर गहन जांच की गई। लोक निर्माण विभाग (PWD), रियासी ने मकान का मूल्यांकन किया, जिसमें इसकी कीमत ₹13.37 लाख आंकी गई। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार तेज हो रहा है।

कानूनी कार्रवाई और कुर्की की प्रक्रिया

दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ के अंतर्गत उक्त मकान को फ्रीज और कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि संपत्ति को छिपाया, स्थानांतरित, बेचा या किसी अन्य तरीके से निपटाया न जा सके। अब एनडीपीएस एक्ट के अध्याय-5ए के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि अध्याय-5ए विशेष रूप से नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों की जब्ती के लिए बनाया गया है।

पुलिस की प्रतिबद्धता और जनता से अपील

रियासी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की यह मुहिम जारी रहेगी और ऐसी अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क करने की कार्रवाई आगे भी होती रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस के साथ साझा करें, ताकि समाज को इस खतरे से मुक्त किया जा सके। यह कदम जम्मू-कश्मीर में चल रहे व्यापक नशा-विरोधी अभियान का हिस्सा है, जो अब केवल तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी निशाना बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में जम्मू-कश्मीर पुलिस का यह कदम एक मिसाल बन सकता है। हालांकि, असली परीक्षा यह होगी कि कुर्क संपत्तियों का न्यायिक निपटारा कितनी तेजी से और पारदर्शिता से होता है — क्योंकि लंबित अदालती प्रक्रियाएं अक्सर इस तरह की कार्रवाइयों की धार को कुंद कर देती हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियासी पुलिस ने किसकी संपत्ति कुर्क की और क्यों?
पुलिस ने गांव खेराल, रियासी निवासी आरोपी मोहम्मद रफी का ₹13.37 लाख मूल्य का पक्का मकान कुर्क किया, क्योंकि जांच में पाया गया कि उसके पास इस मकान के निर्माण के लिए कोई वैध आय स्रोत नहीं था और यह संपत्ति नशा तस्करी से अर्जित मानी गई।
NDPS एक्ट की धारा 68एफ क्या है?
एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68एफ पुलिस को नशा तस्करी से अर्जित संपत्तियों को फ्रीज या कुर्क करने का अधिकार देती है। इसका उद्देश्य संपत्ति को छिपाने, बेचने या स्थानांतरित करने से रोकना है ताकि अध्याय-5ए के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके।
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एक व्यापक अभियान है जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करना है। इसमें तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान और कुर्की भी शामिल है।
आरोपी के मकान की कीमत कैसे तय की गई?
लोक निर्माण विभाग (PWD), रियासी ने मकान का आधिकारिक मूल्यांकन किया, जिसमें इसकी कीमत ₹13.37 लाख आंकी गई। इसी आधार पर NDPS एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई।
क्या नागरिक नशा तस्करी की जानकारी पुलिस को दे सकते हैं?
हां, रियासी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशा तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी तत्काल पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस का कहना है कि जन-सहयोग से ही समाज को नशे के खतरे से मुक्त किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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