शनयांग में '9.18' की 95वीं वर्षगांठ: घंटी और सायरन से याद किया गया जापानी आक्रमण
सारांश
मुख्य बातें
चीन के ल्याओनिंग प्रांत के शनयांग शहर में 18 सितंबर 2026 को '9.18' घटना की 95वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक गंभीर स्मृति समारोह आयोजित किया गया। '9.18' ऐतिहासिक संग्रहालय के अवशिष्ट कैलेंडर स्मारक चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में 'चेतावनी घंटी' बजाई गई और पूरे शहर में हवाई हमले के सायरन गूँजाए गए।
समारोह का क्रम और भागीदारी
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और राष्ट्रीय जन कांग्रेस की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष ली होंगचोंग ने इस समारोह में भाग लिया तथा मुख्य भाषण दिया। सुबह करीब 9 बजे राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ।
ठीक 9 बजकर 18 मिनट पर ली होंगचोंग सहित नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर भाव से 'चेतावनी घंटी' की डंडी थामी। 14 बार बजाई गई इन घंटियों की ध्वनि चीनी जनता के 14 वर्षों के कठिन प्रतिरोध संघर्ष का प्रतीक मानी जाती है। इसी के साथ पूरे शनयांग में हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजाए गए और रेलगाड़ियों, जहाजों तथा वाहनों ने भी सायरन के माध्यम से इस क्षण को चिह्नित किया।
ली होंगचोंग का संबोधन
भाषण में ली होंगचोंग ने कहा कि 95 वर्ष पूर्व जापानी आक्रमणकारियों ने '9.18' की उस घटना को अंजाम दिया था जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। उन्होंने रेखांकित किया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीनी जनता ने आधुनिक युग में विदेशी आक्रमण के विरुद्ध अपनी पहली पूर्ण विजय हासिल की।
उन्होंने आगे कहा कि इतिहास की सीख को आत्मसात करते हुए भविष्य की दिशा तय की जानी चाहिए और बिना किसी हिचकिचाहट के पार्टी के व्यापक नेतृत्व का अनुसरण करना चाहिए। ली होंगचोंग ने 'चीनी शैली के आधुनिकीकरण' को आगे बढ़ाने और 'मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण पर जोर दिया।
उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की केंद्रीय समिति के मजबूत नेतृत्व में चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान की यात्रा निश्चित रूप से आगे बढ़ती रहेगी।
'9.18' घटना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
18 सितंबर 1931 को जापान की सेना ने मंचूरिया (उत्तर-पूर्वी चीन) में एक रेलवे ट्रैक विस्फोट का बहाना बनाकर चीनी भूमि पर आक्रमण किया था — इसी घटना को '9.18 मुकडेन इंसीडेंट' या 'मंचूरियन इंसीडेंट' कहा जाता है। यह आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध के एशियाई अध्याय की एक प्रमुख कड़ी माना जाता है। चीन में प्रत्येक वर्ष इस तिथि पर राष्ट्रीय स्तर पर स्मृति समारोह आयोजित होते हैं।
प्रदर्शनी और आगे के कार्यक्रम
समारोह के पश्चात ली होंगचोंग सहित नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के साथ 'सत्य: जापानी आक्रमणकारियों द्वारा उत्तर-पूर्वी चीन पर आक्रमण के ठोस प्रमाण' शीर्षक प्रदर्शनी का भ्रमण किया। इस प्रदर्शनी में जापानी आक्रमण से संबंधित दस्तावेज़ और ऐतिहासिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।
यह समारोह उस वार्षिक परंपरा की कड़ी है जो चीन में राष्ट्रीय स्मृति और ऐतिहासिक चेतना को जीवित रखने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। आने वाले दिनों में अन्य शहरों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है।