जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की 89वीं वर्षगांठ: पेइचिंग में भव्य स्मरण समारोह
सारांश
मुख्य बातें
चीन की राजधानी पेइचिंग में 7 जुलाई 2026 को जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की 89वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चीनी जन युद्ध स्मारक भवन में एक गरिमामय स्मरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 500 प्रतिनिधियों ने उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने जापानी आक्रमण के विरुद्ध संघर्ष में अपने प्राण न्योछावर किए।
समारोह की अध्यक्षता
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और सीपीसी पेइचिंग समिति के सचिव इन ली ने इस स्मरण समारोह की अध्यक्षता की। उनकी उपस्थिति इस आयोजन के राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करती है।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। पेइचिंग के छात्र प्रतिनिधियों ने जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध पर आधारित कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया। छात्रों के कोरस दल ने उस दौर के प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किए, जिनमें पार्टी के नेतृत्व का अनुसरण करने और वीर शहीदों की भावना को जीवंत रखते हुए चीनी आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने का युवा पीढ़ी का संकल्प व्यक्त हुआ।
शहीदों को श्रद्धांजलि
सांस्कृतिक, शैक्षिक, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने युद्ध में शहीद हुए वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। यह समारोह हर वर्ष 7 जुलाई को आयोजित होता है, जो 1937 में हुई मार्को पोलो ब्रिज घटना की स्मृति में मनाया जाता है — जिसे चीन-जापान युद्ध की औपचारिक शुरुआत माना जाता है।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 7 जुलाई 1937 को पेइचिंग के निकट लुगौचियाओ (मार्को पोलो ब्रिज) पर जापानी सेना ने हमला किया था, जिसे चीन में जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध का आरंभ बिंदु माना जाता है। यह युद्ध 8 वर्षों तक चला और 1945 में जापान की पराजय के साथ समाप्त हुआ। चीन इस दिन को राष्ट्रीय स्मृति और देशभक्ति की भावना को पुनर्जीवित करने के अवसर के रूप में मनाता है।
आगे की राह
इस वर्ष का समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब चीन अपनी युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय इतिहास और शहीदों की विरासत से जोड़ने पर विशेष ज़ोर दे रहा है। आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों को और व्यापक रूप देने की योजना बताई जा रही है।