क्या लिवरपूल में 'शांति की प्रतिध्वनियां' सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का यूके संस्करण सफल रहा?

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क्या लिवरपूल में 'शांति की प्रतिध्वनियां' सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का यूके संस्करण सफल रहा?

सारांश

लिवरपूल में आयोजित 'शांति की प्रतिध्वनियां' कार्यक्रम ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से ऐतिहासिक यादों को ताजा किया। इसमें चीन और अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर शांति और न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे वैश्विक सहयोग की भावना को बढ़ावा मिला।

Key Takeaways

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान से वैश्विक संबंध मजबूत होते हैं।
  • इतिहास को याद रखना शांति की रक्षा का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
  • कार्यक्रम में सौ से अधिक अतिथि शामिल हुए।
  • मीडिया कवरेज ने कार्यक्रम की महत्वता को बढ़ाया।
  • शांति और न्याय के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।

बीजिंग, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। स्थानीय समयानुसार 26 अगस्त को, चाइना मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'शांति की प्रतिध्वनियां' नामक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का ब्रिटिश संस्करण लिवरपूल में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के उप मंत्री और चाइना मीडिया ग्रुप के महानिदेशक शेन हाईश्योंग और जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की महानिदेशक तातियाना वालोवाया ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार साझा किए।

मैनचेस्टर में स्थित चीन के कार्यवाहक महावाणिज्यदूत यांग चियू और हंगरी के पूर्व प्रधानमंत्री मेडगेसी पीटर ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और अपने भाषण दिए। इस कार्यक्रम में सौ से अधिक अतिथि उपस्थित थे।

शेन हाईश्योंग ने कहा कि इस वर्ष जापानी आक्रमण के खिलाफ चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध की 80वीं वर्षगांठ है। अस्सी वर्ष पहले, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा समर्थित और स्थापित जापानी-विरोधी राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चे के बैनर तले, चीनी लोगों ने अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और रक्त बहाया। उन्होंने दुनिया भर की न्यायप्रिय शक्तियों के साथ पारस्परिक समर्थन साझा किया, फासीवाद को कंधे से कंधा मिलाकर हराया और एक प्रेरणादायक वीर गाथा लिखी। इतिहास को याद रखनेनिष्पक्षता और न्याय को कायम रख सकते हैं। और इतिहास को याद रखने से ही हम एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम को स्थानीय मीडिया का व्यापक ध्यान मिला। ब्रिटेन की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने एक समाचार विज्ञप्ति प्रसारित की, 146 वर्ष पुराने अखबार लिवरपूल इको ने मौके पर कवरेज की, और लिवरपूल वर्ल्ड नेटवर्क ने एक विशेष फीचर प्रकाशित किया। अब तक, इस रिपोर्ट को ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल, बेल्जियम, सर्बिया, हंगरी और ग्रीस सहित 11 देशों और क्षेत्रों के 255 मुख्यधारा के विदेशी मीडिया संस्थानों द्वारा साझा किया जा चुका है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Point of View

बल्कि वैश्विक शांति और न्याय की आवश्यकता की भी पुष्टि की। यह एक ऐसा अवसर है जो हमें हमारे इतिहास को याद दिलाता है और भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

शांति की प्रतिध्वनियां कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से शांति, न्याय और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए?
कार्यक्रम में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के उप मंत्री शेन हाईश्योंग, जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की महानिदेशक तातियाना वालोवाया, और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम का मीडिया पर क्या प्रभाव पड़ा?
इस कार्यक्रम को व्यापक मीडिया कवरेज मिली, जिसमें कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने इसकी रिपोर्टिंग की।