जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध विजय की 81वीं वर्षगांठ: बीजिंग में संगोष्ठी, सीपीसी नेता ली शूलेई शामिल
सारांश
मुख्य बातें
चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर 3 सितंबर को चीन की राजधानी बीजिंग (पेइचिंग) में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और प्रचार-प्रसार विभाग के प्रमुख ली शूलेई ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
संगोष्ठी में किन संस्थाओं ने की भागीदारी
इस संगोष्ठी का संयुक्त आयोजन सीपीसी केंद्रीय समिति के संयुक्त मोर्चा विभाग, केंद्रीय पार्टी इतिहास व साहित्य अनुसंधान संस्थान और केंद्रीय सैन्य आयोग के राजनीतिक कार्य विभाग ने मिलकर किया। कार्यक्रम में करीब 200 मेहमानों ने भाग लिया, जिनमें युवा सैनिक और छात्र प्रतिनिधि भी सम्मिलित थे।
मुख्य वक्तव्य और संदेश
संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने क्रमशः भाषण दिए। वक्ताओं ने युद्ध की विजय के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला और इतिहास को याद रखने, शहीदों का सम्मान करने, शांति को संजोने तथा बेहतर भविष्य बनाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने अविचल रूप से शांतिपूर्ण विकास के मार्ग पर बने रहने की आकांक्षा भी प्रकट की।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 3 सितंबर को चीन में जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की विजय के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और जापान के आत्मसमर्पण से जुड़ा है, जो चीन के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी राष्ट्रीय एकता और ऐतिहासिक स्मृति को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दे रहा है।
आगे की दिशा
इस वर्षगांठ के अवसर पर व्यक्त किए गए संकल्पों से स्पष्ट है कि चीन अपनी युवा पीढ़ी को इस ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने और शांतिपूर्ण विकास की नीति को आगे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्ध है। युवा सैनिकों और छात्रों की भागीदारी इस दिशा में एक सुविचारित कदम के रूप में देखी जा रही है।