लचित बरफुकन पुलिस अकादमी बनी राष्ट्रीय ट्रेनिंग हब, गोवा-मणिपुर समेत कई राज्यों के जवान ले रहे प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गोलाघाट जिले के डेरगांव में स्थित लचित बरफुकन पुलिस अकादमी (एलबीपीए) तेज़ी से एक राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रही है, जहाँ अब कई राज्यों के पुलिसकर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरमा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य एलबीपीए को पूर्ण रूप से एक राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के रूप में विकसित करना है।
अकादमी की स्थापना और बुनियादी ढाँचा
एलबीपीए का पहला चरण मार्च 2025 में पूरा हुआ और इसका उद्घाटन तत्काल बाद किया गया। इस चरण में ₹167.4 करोड़ की लागत से एक पाँच मंज़िला शैक्षणिक परिसर बनाया गया है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, अनुसंधान सुविधाएँ, हथियार सिमुलेटर, प्रशासनिक कार्यालय, एक संग्रहालय और आधुनिक परेड ग्राउंड शामिल हैं। पूरे प्रोजेक्ट को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है और इसमें कुल अनुमानित निवेश ₹1,050 करोड़ है।
अंतर-राज्यीय प्रशिक्षण की बढ़ती भूमिका
मणिपुर और गोवा सहित कई राज्यों के पुलिसकर्मी एलबीपीए में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अगस्त 2025 में गोवा पुलिस के 700 रंगरूटों ने यहाँ 43 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया — जो अकादमी की अंतर-राज्यीय पुलिस प्रशिक्षण में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में पुलिस बलों के आधुनिकीकरण पर ज़ोर दिया जा रहा है।
आधुनिक चुनौतियों के लिए विशेष पाठ्यक्रम
सरमा ने बताया कि अकादमी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नए जमाने के अपराधों के अनुरूप अनुकूलित किया जा रहा है। इनमें साइबर अपराध जाँच, डिजिटल फोरेंसिक, आपदा प्रतिक्रिया और आंतरिक सुरक्षा विशेष रूप से शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'पुलिसिंग का भविष्य चाहता है कि हम समय से आगे रहें।'
केंद्र सरकार का समर्थन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अकादमी के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए कहा था कि यह संस्थान पाँच वर्षों के भीतर देश की अग्रणी पुलिस अकादमी के रूप में उभर सकता है और पूरे पूर्वोत्तर तथा उससे आगे की पुलिसिंग आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। गौरतलब है कि केंद्र का यह समर्थन असम की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राष्ट्रीय मान्यता दिलाता है।
आगे की राह
सरमा ने स्पष्ट किया कि असम इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में 'अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है।' शेष चरणों के पूरे होने के बाद एलबीपीए की क्षमता और विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है, जिससे यह पूर्वोत्तर भारत के पुलिस प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।