योगी आदित्यनाथ करेंगे ₹464 करोड़ के RMLUPA नए परिसर का लोकार्पण, UP प्रशासन को मिलेगा हाईटेक आधार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 4 जुलाई 2026 को लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RMLUPA) के नवनिर्मित अत्याधुनिक परिसर का लोकार्पण करेंगे। यह परिसर ₹464 करोड़ से अधिक की लागत से 22.5 एकड़ भूमि पर तैयार किया गया है और इसे प्रदेश की प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
परिसर में क्या है खास
नए परिसर में अत्याधुनिक कक्षाएं, स्मार्ट प्रशिक्षण प्रणाली, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक स्तर के संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। यहाँ केवल परंपरागत प्रशासनिक पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाए जाएंगे, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस, नेतृत्व विकास, आपदा प्रबंधन और भविष्य की नीतिगत चुनौतियों से निपटने की तैयारी भी कराई जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षित अधिकारी सरकारी योजनाओं को अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुँचा सकेंगे।
सात दशक पुरानी व्यवस्था का आधुनिकीकरण
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक प्रशिक्षण प्रणाली लगभग सात दशक पुरानी है। इस नए परिसर के ज़रिए उसे पहली बार वैश्विक स्तर के मानकों से जोड़ा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में सरकारी प्रशासन को तकनीक-सक्षम बनाने की माँग बढ़ रही है और 'डिजिटल इंडिया' अभियान के तहत शासन में पारदर्शिता पर ज़ोर दिया जा रहा है। अकादमी प्रदेश के IAS, PCS और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों के क्षमता-निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगी।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सक्षम प्रशासन और समृद्ध अन्नदाता 'विकसित उत्तर प्रदेश' की सुदृढ़ आधारशिला हैं। इसी संकल्प के साथ आज लखनऊ में आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण हेतु ₹464 करोड़ से अधिक की लागत से 22 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण होगा।'
आम महोत्सव और बागवानी सम्मान भी
इसी कार्यक्रम में 9वें 'उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2026' का शुभारंभ और उसकी स्मारिका का विमोचन भी होगा। साथ ही प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे 'सुशासन और कृषि समृद्धि का संगम' बताते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति देगा। यह आयोजन प्रशासनिक सुधार और कृषि प्रोत्साहन को एक साथ जोड़ने की राज्य सरकार की रणनीति को दर्शाता है।
आगे की राह
नए परिसर के चालू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और अधिकारियों की जमीनी कार्यक्षमता में कितना सुधार आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन के साथ-साथ पाठ्यक्रम की नियमित समीक्षा और निजी क्षेत्र व शिक्षा जगत के साथ साझेदारी इस अकादमी को वास्तव में विश्वस्तरीय बना सकती है।