27 जून 2026
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नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्यालय का उद्घाटन: CM योगी ने किया ₹2,500 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

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नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्यालय का उद्घाटन: CM योगी ने किया ₹2,500 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

सारांश

50 वर्षों बाद नोएडा प्राधिकरण को मिला अपना आधुनिक मुख्यालय — ₹390 करोड़ का भवन और ₹2,500 करोड़ की परियोजनाएँ। CM योगी ने जेवर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, लैंड बैंक और ओडीओपी विस्तार का रोडमैप भी रखा।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को नोएडा प्राधिकरण के ₹390 करोड़ के नवनिर्मित मुख्यालय का उद्घाटन किया।
नोएडा-दादरी क्षेत्र की ₹2,500 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।
50 वर्षों बाद नोएडा प्राधिकरण को अपना स्थायी आधुनिक कार्यालय मिला; सेवाओं के ऑनलाइन होने और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी का निर्देश।
सरकार ने 3 लाख से अधिक होमबायर्स को आवास दिलाने का दावा किया; कुछ मामले न्यायालयों में लंबित।
देश के 55% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स उत्तर प्रदेश में निर्मित होने का दावा; जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की घोषणा।
वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूज़ीन योजना के तहत प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का अभियान शुरू।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को नोएडा में नोएडा प्राधिकरण के नवनिर्मित मुख्यालय भवन का औपचारिक उद्घाटन किया। ₹390 करोड़ की लागत से तैयार इस आधुनिक कार्यालय परिसर के लोकार्पण के साथ ही मुख्यमंत्री ने नोएडा-दादरी क्षेत्र की ₹2,500 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि 50 वर्षों बाद नोएडा प्राधिकरण को उसका अपना आधुनिक मुख्यालय मिला है, जो नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का प्रतीक है।

मुख्य घटनाक्रम

उद्घाटन समारोह में सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक पंकज सिंह, कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भवन में किसानों, उद्यमियों, निवेशकों और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान एक ही छत के नीचे सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकतम सेवाएँ ऑनलाइन की जाएँ और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के ज़रिये सभी कार्यों की प्रभावी निगरानी की जाए।

औद्योगिक विकास और निवेश पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल नहीं था, किंतु अब प्रदेश निवेश और विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन निवेशकों ने प्राधिकरण से भूमि लेकर उद्योग स्थापित नहीं किए हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जाएँ और नई औद्योगिक परियोजनाओं के लिए लैंड बैंक तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सेल, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और अपैरल पार्क जैसी परियोजनाएँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देंगी।

होमबायर्स और एमएसएमई पर सरकार का रुख

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डर-बायर विवाद सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती रही है। सरकार ने तीन लाख से अधिक होमबायर्स को उनका आवास दिलाने में सफलता हासिल की है, जबकि कुछ मामले अभी भी न्यायालयों में लंबित हैं। एमएसएमई क्षेत्र के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यह क्षेत्र समस्याओं से घिरा था, लेकिन वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना और हाई लेवल कमेटी के ज़रिये उद्योगों की समस्याओं का समाधान किया गया। उन्होंने दावा किया कि आज देश के 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स उत्तर प्रदेश में निर्मित हो रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

विधायक पंकज सिंह ने कहा कि नए भवन में सभी विभाग एक ही परिसर में कार्य करेंगे, जिससे नागरिकों को बेहतर और तेज़ सेवाएँ मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ पहले प्रदेश कट्टों के लिए जाना जाता था, वहीं आज ब्रह्मोस मिसाइल जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि एक समय गौतमबुद्ध नगर कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति के लिए चर्चा में रहता था, लेकिन आज जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने किसानों और आबादी संबंधी लंबित मामलों के समाधान की भी माँग उठाई।

आगे क्या

कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि एमएसएमई नीति-2022 के माध्यम से छोटे उद्योगों को नई पहचान मिली है और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स, बिजली, पानी, आवास और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूज़ीन योजना के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के अभियान की भी घोषणा की। नोएडा प्राधिकरण का यह नया मुख्यालय प्रदेश की बदलती औद्योगिक तस्वीर का एक नया पड़ाव है, और आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट तथा अन्य बड़ी परियोजनाओं के साथ इस क्षेत्र का महत्व और बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 'एक छत के नीचे सेवा' का वादा ज़मीन पर कितना उतरता है — क्योंकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में होमबायर्स के हज़ारों मामले वर्षों से अटके हैं। ₹2,500 करोड़ की परियोजनाओं की घोषणाएँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश की बढ़ती रफ़्तार को दर्शाती हैं, लेकिन लैंड बैंक निर्माण और निवेशकों को नोटिस जैसे निर्देश यह भी संकेत देते हैं कि भूमि आवंटन में पुरानी अनियमितताएँ अभी सुलझी नहीं हैं। जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक पार्कों की समयसीमा पर सरकार की ओर से स्पष्ट रोडमैप अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्यालय का उद्घाटन कब और किसने किया?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 जून 2026 को नोएडा प्राधिकरण के नवनिर्मित मुख्यालय का उद्घाटन किया। यह भवन ₹390 करोड़ की लागत से बना है और 50 वर्षों बाद प्राधिकरण को अपना स्थायी कार्यालय मिला है।
नोएडा-दादरी क्षेत्र में कितनी लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ?
CM योगी ने नोएडा-दादरी क्षेत्र की लगभग ₹2,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सेल, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और अपैरल पार्क जैसी औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के होमबायर्स के बारे में सरकार ने क्या कहा?
CM योगी ने कहा कि सरकार ने 3 लाख से अधिक होमबायर्स को उनका आवास दिलाने में सफलता हासिल की है। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मामले अभी भी न्यायालयों में लंबित हैं।
जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ानें कब शुरू होंगी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। हालाँकि, कोई निश्चित तारीख इस अवसर पर नहीं बताई गई।
उत्तर प्रदेश में एमएसएमई और ओडीओपी योजना की क्या स्थिति है?
CM योगी ने दावा किया कि देश के 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स अब उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और नई वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूज़ीन योजना के ज़रिये स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का अभियान शुरू किया जा रहा है।
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