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ओडिशा विधानसभा मानसून सत्र 22 सितंबर से, MMDR एक्ट और पाठ्यपुस्तक विवाद पर विपक्ष का हमला तय

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ओडिशा विधानसभा मानसून सत्र 22 सितंबर से, MMDR एक्ट और पाठ्यपुस्तक विवाद पर विपक्ष का हमला तय

सारांश

ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र 22 सितंबर से महज नौ कामकाजी दिनों का होगा, लेकिन विपक्ष के एजेंडे में MMDR संशोधन, पाठ्यपुस्तक विवाद और आदिवासी अधिकारों जैसे बड़े मुद्दे हैं। 29 सितंबर को प्रस्तावित विधानसभा घेराव सत्र को और गरमा सकता है।

मुख्य बातें

17वीं ओडिशा विधानसभा का सातवाँ सत्र 22 सितंबर 2026 से शुरू होकर 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
सत्र में कुल नौ कामकाजी दिन होंगे; 26-27 सितंबर और 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को अवकाश रहेगा।
बीजद और कांग्रेस MMDR अमेंडमेंट एक्ट, 2026 को ओडिशा के खनिज हितों के लिए खतरा बताते हुए सरकार को घेरेंगी।
नवीन पटनायक ने 13 अगस्त को विधेयक पास होने को 'ओडिशा के लिए काला दिन' बताया।
'इंडिया' ब्लॉक ने 29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा के बड़े घेराव की घोषणा की है।
विपक्ष स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा माँग रहा है, पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को लेकर।

17वीं ओडिशा विधानसभा का सातवाँ सत्र 22 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा — यह जानकारी विधानसभा सचिवालय ने 3 सितंबर को जारी आधिकारिक अधिसूचना में दी। इस सत्र में कुल नौ कामकाजी दिन निर्धारित हैं, जिनमें सरकारी कामकाज के आठ दिन शामिल हैं। माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 और स्कूली पाठ्यपुस्तकों में प्रकाशन संबंधी गलतियों को लेकर विपक्ष के तीखे तेवर सत्र को गरमाने के लिए तैयार हैं।

सत्र का कार्यक्रम

अधिसूचना के अनुसार, 26 और 27 सितंबर को सरकारी अवकाश के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। इसी तरह 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर भी कोई कामकाज नहीं होगा। इस प्रकार प्रभावी कार्यदिवस सीमित रहेंगे, जबकि विपक्ष के पास उठाने के लिए मुद्दों की लंबी सूची है।

MMDR संशोधन पर विपक्ष का मोर्चा

मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' ब्लॉक ने माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 को ओडिशा के खनिज हितों के लिए खतरनाक बताते हुए सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बीजद प्रमुख और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने ओडिशा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों को लिखे पत्र में कहा, '13 अगस्त, जब आपके (भाजपा सरकार के) समर्थन से लोकसभा में यह विधेयक पास हुआ था, ओडिशा के लिए एक काला दिन था।'

गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' ब्लॉक ने 29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा के बड़े घेराव की घोषणा पहले ही कर दी है। बीजद ने भी स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को गाँव के स्तर से लेकर राज्य विधानसभा तक हर मंच पर उठाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक है और खनन राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।

पाठ्यपुस्तक विवाद और मंत्री पर इस्तीफे की माँग

विपक्षी दल राज्य की नई स्कूली पाठ्यपुस्तकों में पाई गई कई प्रकाशन संबंधी गलतियों का मुद्दा भी सदन में उठाने की तैयारी में हैं। विपक्ष इस मामले में ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की माँग कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों में गलतियाँ शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर डालती हैं और इसके लिए मंत्री को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

अन्य प्रमुख मुद्दे

बीजद और कांग्रेस सत्र के दौरान राज्य में किसानों, महिलाओं, कानून-व्यवस्था और आदिवासी अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की ओर सदन का ध्यान आकर्षित करने की भी कोशिश करेंगी। इन मुद्दों पर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

आगे क्या

29 सितंबर को प्रस्तावित विधानसभा घेराव और सत्र के दौरान विपक्ष की आक्रामक रणनीति को देखते हुए भुवनेश्वर में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज होने के आसार हैं। सत्र की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य सरकार MMDR संशोधन और पाठ्यपुस्तक विवाद पर विपक्ष के सवालों का कितना ठोस जवाब दे पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन MMDR संशोधन पर विपक्ष का गुस्सा असली और गहरा है — ओडिशा जैसे खनिज-समृद्ध राज्य के लिए यह कानून राजस्व संप्रभुता का सवाल है, महज तकनीकी संशोधन नहीं। बीजद का 'गाँव से विधानसभा तक' आंदोलन और 29 सितंबर का घेराव दिखाता है कि विपक्ष केवल सदन तक सीमित नहीं रहना चाहता। पाठ्यपुस्तक विवाद भले ही अलग मुद्दा लगे, लेकिन यह राज्य सरकार की प्रशासनिक विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। असली परीक्षा यह है कि सत्ताधारी दल इन दोनों मोर्चों पर एक साथ कितना प्रभावी जवाब दे पाता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र 2026 कब से कब तक चलेगा?
17वीं ओडिशा विधानसभा का सातवाँ सत्र 22 सितंबर 2026 से शुरू होकर 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें कुल नौ कामकाजी दिन होंगे, जिनमें सरकारी कामकाज के आठ दिन शामिल हैं।
MMDR अमेंडमेंट एक्ट 2026 पर ओडिशा में विवाद क्यों है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 ओडिशा जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के हितों को कमज़ोर करता है। बीजद नेता नवीन पटनायक ने 13 अगस्त को इसके पास होने को 'ओडिशा के लिए काला दिन' बताया है।
ओडिशा पाठ्यपुस्तक विवाद क्या है और किस मंत्री पर इस्तीफे की माँग है?
राज्य की नई स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कई प्रकाशन संबंधी गलतियाँ पाई गई हैं, जिसे लेकर विपक्ष ने स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की माँग की है। यह मुद्दा भी विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा।
29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा घेराव की क्या योजना है?
कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' ब्लॉक ने 29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा का बड़ा घेराव करने की घोषणा की है। यह घेराव मुख्यतः MMDR संशोधन के विरोध में होगा।
ओडिशा विधानसभा सत्र में किन अन्य मुद्दों पर बहस होगी?
MMDR और पाठ्यपुस्तक विवाद के अलावा, बीजद और कांग्रेस किसानों की समस्याएँ, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी सदन में उठाने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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