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ओडिशा पाठ्यपुस्तकों में 1,678 त्रुटियां: CM माझी ने 7 दिन में रिपोर्ट माँगी, दोषियों पर कार्रवाई तय

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ओडिशा पाठ्यपुस्तकों में 1,678 त्रुटियां: CM माझी ने 7 दिन में रिपोर्ट माँगी, दोषियों पर कार्रवाई तय

सारांश

ओडिशा की स्कूली किताबों में 1,678 गलतियाँ — यह महज़ छपाई की चूक नहीं, बल्कि SCERT की पूरी गुणवत्ता-जाँच प्रक्रिया पर सवाल है। CM माझी ने 7 दिन में रिपोर्ट माँगी है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि दोषी तय होंगे या मामला फ़ाइलों में दब जाएगा।

मुख्य बातें

ओडिशा पाठ्यक्रम-2025 के तहत SCERT द्वारा तैयार कक्षा 1 से 8 की पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं।
सर्वाधिक 705 गलतियां कक्षा 8 की पुस्तकों में; 'जिज्ञासा' में 294 और संस्कृत में 114 अशुद्धियाँ।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 17 जून 2025 को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया।
समिति को 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है; दोषी अधिकारियों या एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
BJD और कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे और सरकार से सार्वजनिक माफ़ी की माँग की।

ओडिशा सरकार की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में 1,678 त्रुटियां उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 17 जून 2025 को भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के साथ-साथ जाँच समिति गठित करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह बैठक ओडिशा पाठ्यक्रम-2025 के तहत SCERT द्वारा तैयार नई पुस्तकों में पाई गई व्यापक अशुद्धियों के मद्देनज़र बुलाई गई थी।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

समीक्षा बैठक में स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मुख्य सचिव अनु गर्ग तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने पाठ्यपुस्तकों में चिन्हित सभी गलतियों को बिना किसी देरी के सुधारने का निर्देश दिया।

उच्चस्तरीय जाँच समिति का गठन

मुख्यमंत्री माझी ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। यह समिति इस लापरवाही की जड़ तक जाएगी और त्रुटियों के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों की पहचान करेगी। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसके आधार पर दोषी अधिकारियों या संस्थाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किन कक्षाओं में कितनी त्रुटियां

रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा पाठ्यक्रम-2025 के तहत SCERT द्वारा कक्षा 1 से 8 तक के लिए तैयार नई पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं। इनमें सर्वाधिक 705 गलतियां अकेले कक्षा 8 की पुस्तकों में दर्ज की गई हैं। कक्षा 8 की 'जिज्ञासा' पुस्तक में 294, संस्कृत में 114, सामाजिक विज्ञान में 25, साहित्य में 31 तथा अंग्रेज़ी और गणित की पुस्तकों में भी कई गंभीर अशुद्धियाँ पाई गई हैं। गौरतलब है कि ये पुस्तकें इसी शैक्षणिक सत्र में लाखों विद्यार्थियों के हाथों में पहुँच चुकी हैं।

विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर बीजू जनता दल (BJD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि नई ओड़िया पाठ्यपुस्तकों में इतनी बड़ी संख्या में हुई गलतियाँ राज्य की शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर को उजागर करती हैं। दोनों दलों ने स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की माँग करते हुए सरकार से सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगने की भी अपील की है।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री माझी ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सामग्री में उच्च स्तर की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखना अनिवार्य है। जाँच समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषी पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की रूपरेखा स्पष्ट होगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार SCERT की कार्यप्रणाली में दीर्घकालिक सुधार के लिए कोई संस्थागत ढाँचा भी प्रस्तावित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

678 त्रुटियाँ केवल प्रूफ़रीडिंग की विफलता नहीं हैं — ये SCERT की पूरी पाठ्यपुस्तक-निर्माण प्रक्रिया में संस्थागत लापरवाही की ओर इशारा करती हैं, जहाँ कई स्तरीय जाँच होनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से ज़रूरी थी, लेकिन सात दिन की समिति-रिपोर्ट तब तक अर्थहीन है जब तक उसके निष्कर्ष सार्वजनिक न हों और दोषियों पर वास्तविक जवाबदेही तय न हो। ओडिशा में पाठ्यपुस्तक-विवाद पहली बार नहीं आया है; बिना संस्थागत सुधार के यह चक्र दोहराता रहेगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में कितनी त्रुटियां पाई गई हैं और किन कक्षाओं में?
ओडिशा पाठ्यक्रम-2025 के तहत SCERT द्वारा तैयार कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं। इनमें सर्वाधिक 705 गलतियां कक्षा 8 की पुस्तकों में हैं, जिनमें 'जिज्ञासा' में 294 और संस्कृत में 114 अशुद्धियाँ शामिल हैं।
CM माझी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 17 जून 2025 को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया। समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर क्या माँग की है?
BJD और कांग्रेस ने स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। दोनों दलों ने BJP सरकार पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता गिराने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफ़ी की भी माँग की है।
जाँच समिति कब तक रिपोर्ट देगी और आगे क्या होगा?
विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों या एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और सभी चिन्हित त्रुटियों को तत्काल सुधारने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
SCERT ओडिशा क्या है और इन पाठ्यपुस्तकों को किसने तैयार किया?
SCERT (State Council of Educational Research and Training) ओडिशा राज्य की शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद है, जो पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकें तैयार करती है। ओडिशा पाठ्यक्रम-2025 के तहत कक्षा 1 से 8 की ये नई पुस्तकें SCERT ने ही विकसित की थीं, जिनमें अब 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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