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ओडिशा CM माझी की 19वीं जन सुनवाई: 96% शिकायतें निपटाईं, 700 से अधिक नई याचिकाएं मिलीं

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ओडिशा CM माझी की 19वीं जन सुनवाई: 96% शिकायतें निपटाईं, 700 से अधिक नई याचिकाएं मिलीं

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी की 19वीं जन सुनवाई में राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ की 96% शिकायत निवारण दर सामने आई। 14,941 में से 14,331 याचिकाएं निपटाई गईं; जिला स्तर पर 2.59 लाख शिकायतों में 89% का समाधान। 12 गंभीर रोगियों को ₹6.15 लाख की चिकित्सा सहायता भी स्वीकृत।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 27 जुलाई को भुवनेश्वर में 19वीं जन शिकायत सुनवाई की अध्यक्षता की।
राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ में पिछली 18 बैठकों में 14,941 याचिकाओं में से 14,331 का निपटारा — समाधान दर 96% ।
जिला स्तर पर जून 2025 तक 2,59,213 शिकायतों की सुनवाई, जिनमें से 89% का समाधान।
गंभीर बीमारियों से पीड़ित 12 व्यक्तियों को एकल खिड़की प्रणाली से ₹6.15 लाख की चिकित्सा सहायता स्वीकृत।
सोमवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर 700 से अधिक नई शिकायत याचिकाएं प्राप्त हुईं।
राज्य के छह वरिष्ठ मंत्री भी सुनवाई में उपस्थित रहे।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार, 27 जुलाई को भुवनेश्वर के यूनिट-सेकेंड स्थित मुख्यमंत्री जन शिकायत प्रकोष्ठ में 19वीं जन शिकायत सुनवाई की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक शिकायत निवारण तंत्र की नियमित निगरानी के कारण समाधान दर में उल्लेखनीय सुधार आया है और इस व्यवस्था पर जनता का भरोसा मज़बूत हुआ है।

मुख्य आंकड़े और उपलब्धियां

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य स्तरीय शिकायत प्रकोष्ठ की पिछली 18 बैठकों में प्राप्त 14,941 याचिकाओं में से 14,331 का समाधान हो चुका है, जो कुल शिकायतों का लगभग 96 प्रतिशत है। सोमवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से 700 से अधिक नई शिकायत याचिकाएं प्राप्त हुईं।

जिला स्तर पर भी यह व्यवस्था सक्रिय है। जून 2025 के अंत तक जिला स्तर पर 2,59,213 शिकायतों की सुनवाई हो चुकी थी, जिनमें से 89 प्रतिशत का निपटारा किया जा चुका है।

दिव्यांगजनों और गंभीर रोगियों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री माझी ने इस बार भी परंपरा के अनुसार सबसे पहले शिकायत निवारण कक्ष के बाहर प्रतीक्षारत दिव्यांगजनों और गंभीर रूप से बीमार लोगों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं, याचिकाएं स्वीकार कीं और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद वे कक्ष के भीतर गए और पंजीकृत शिकायतकर्ताओं की बात सुनी।

माझी ने विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित लगभग 12 व्यक्तियों के लिए एकल खिड़की प्रणाली के ज़रिए ₹6.15 लाख की चिकित्सा सहायता भी स्वीकृत की।

बहुस्तरीय निगरानी तंत्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्तरीय पहल के अलावा, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक नियमित रूप से जिला स्तर पर जनता की शिकायतें सुन रहे हैं। तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी यह प्रक्रिया जारी है। माझी ने कहा, 'हर शिकायत की स्थिति पर नियमित रूप से नज़र रखी जा रही है। राज्य से ज़िले तक निगरानी के कारण ही समाधान दर में सुधार हो रहा है।'

सरकार की प्रतिक्रिया

माझी ने कहा, 'हमारी सरकार शुरू से ही आम जनता से जुड़ी रही है। हम आम जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। हमारी सरकार सही मायने में आम जनता की सरकार है।' गौरतलब है कि राज्य सरकार के छह वरिष्ठ मंत्री भी इस सुनवाई में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे और जनता की शिकायतें सुनीं।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में जन शिकायत प्रणालियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठते रहे हैं। ओडिशा का यह मॉडल — जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं नियमित सुनवाई करते हैं और बहुस्तरीय निगरानी सुनिश्चित की जाती है — राज्य शासन में जवाबदेही की एक नई मिसाल पेश कर सकता है। आने वाले महीनों में जिला और तहसील स्तर की सुनवाइयों का विस्तार इस व्यवस्था की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'समाधान' को कैसे परिभाषित किया जा रहा है — क्या शिकायतकर्ता संतुष्ट हैं, या फ़ाइल बंद कर दी गई है? जिला स्तर पर 89% की दर भी तब तक अर्थपूर्ण नहीं, जब तक स्वतंत्र सत्यापन न हो। गौरतलब है कि कई राज्यों में जन शिकायत प्रणालियाँ संख्याओं में तो सफल दिखती हैं, लेकिन ज़मीनी असर सीमित रहता है। माझी का व्यक्तिगत रूप से दिव्यांगजनों से पहले मिलना एक सकारात्मक प्रतीकात्मक कदम है, पर इस मॉडल की दीर्घकालिक विश्वसनीयता के लिए तीसरे पक्ष के ऑडिट और शिकायतकर्ताओं की फीडबैक प्रणाली ज़रूरी होगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा की जन शिकायत सुनवाई क्या है और यह कैसे काम करती है?
यह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भुवनेश्वर के जन शिकायत प्रकोष्ठ में नियमित रूप से आयोजित सुनवाई है, जिसमें नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से याचिकाएं दर्ज करा सकते हैं। राज्य, जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर इसकी निगरानी की जाती है।
ओडिशा की शिकायत निवारण दर कितनी है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ में पिछली 18 बैठकों में प्राप्त 14,941 याचिकाओं में से 14,331 का समाधान हो चुका है, जो लगभग 96% है। जिला स्तर पर जून 2025 तक 2,59,213 शिकायतों में से 89% का निपटारा किया गया।
19वीं जन सुनवाई में दिव्यांगजनों के लिए क्या किया गया?
मुख्यमंत्री माझी ने सुनवाई से पहले कक्ष के बाहर प्रतीक्षारत दिव्यांगजनों और गंभीर रोगियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी याचिकाएं स्वीकार कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
19वीं सुनवाई में कितनी चिकित्सा सहायता दी गई?
मुख्यमंत्री ने विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित लगभग 12 व्यक्तियों के लिए एकल खिड़की प्रणाली के ज़रिए ₹6.15 लाख की चिकित्सा सहायता स्वीकृत की।
क्या सिर्फ मुख्यमंत्री सुनवाई करते हैं या अन्य अधिकारी भी शामिल हैं?
नहीं, यह बहुस्तरीय व्यवस्था है। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री के साथ छह वरिष्ठ मंत्री भी सुनवाई में भाग लेते हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, तथा तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी नियमित सुनवाई होती है।
राष्ट्र प्रेस
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