ओडिशा में BJP सरकार के 2 साल पूरे: CM माझी बोले — 'यह पद सत्ता नहीं, जनसेवा का माध्यम है'
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 जून 2026 को अपनी सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर भगवान जगन्नाथ, ओडिशा की जनता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में माझी ने इस कार्यकाल को 'सेवा, समर्पण और सुशासन का यज्ञ' बताया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री माझी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, '12 जून 2024 को, यानी ठीक दो साल पहले भगवान जगन्नाथ की असीम कृपा और आपके आशीर्वाद व अटूट भरोसे से राज्य में सुशासन के एक नए युग की शुरुआत हुई थी। इस धरती के बेटे के तौर पर मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र के मार्गदर्शन में आपकी सेवा करने का पवित्र दायित्व सौंपा गया था।'
उन्होंने अपनी व्यक्तिगत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा, 'एक स्वयंसेवक के समर्पित भाव के साथ मैंने शिक्षक से सरपंच और फिर विधायक बनकर लोगों के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहने का जो सफर शुरू किया था, वह आज भी जारी है। मेरे लिए मुख्यमंत्री का यह पद सत्ता का आसन नहीं, बल्कि जनसेवा का एक पवित्र माध्यम है।'
विकास का दावा और जन-संकल्प
माझी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उनकी सरकार ने 'गांवों से शहरों तक, खेतों से उद्योगों तक, शिक्षा से स्वास्थ्य तक' हर क्षेत्र में विकास की नई लहर लाने का प्रयास किया है। उन्होंने 4 करोड़ से अधिक ओडिया नागरिकों के सामूहिक संकल्प को इस यात्रा की असली शक्ति बताया।
उन्होंने कहा, 'यह दो साल का सफर सिर्फ समय का पैमाना नहीं है, यह सेवा, समर्पण और एक समृद्ध ओडिशा बनाने का एक संकल्पित यज्ञ है।' माझी ने 'मां उत्कल' की सेवा में सामूहिक प्रयासों का आह्वान करते हुए कहा कि 'सेवा के इस निरंतर यज्ञ के असली नायक जनता ही है।'
चुनावी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ओडिशा में 147 विधानसभा सीटों के लिए 13 मई से 1 जून 2024 तक चुनाव हुए थे और परिणाम 4 जून 2024 को घोषित किए गए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 78 सीटें जीतकर साधारण बहुमत हासिल किया और नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) सरकार के 24 वर्षों के शासन का अंत किया।
क्योंझर से विधायक मोहन चरण माझी ने 12 जून 2024 को ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह ऐसे समय में आया था जब BJP ने पहली बार ओडिशा में स्वतंत्र बहुमत से सरकार बनाई।
आगे की राह
दो वर्ष की इस वर्षगांठ पर माझी सरकार ने अपनी उपलब्धियों को 'जनआशीर्वाद का परिणाम' बताया है। आलोचकों का कहना है कि सरकार के दावों की असली परीक्षा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के ठोस आँकड़ों से होगी, जो आने वाले समय में सामने आएंगे।