नियुक्ति पत्र: ओडिशा CM माझी ने 4,623 सरकारी कर्मचारियों को बताया 'शासन का असली चेहरा'

Click to start listening
नियुक्ति पत्र: ओडिशा CM माझी ने 4,623 सरकारी कर्मचारियों को बताया 'शासन का असली चेहरा'

सारांश

ओडिशा CM मोहन चरण माझी ने 23 अप्रैल को 7 विभागों के 4,623 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए। जून 2024 से अब तक 44,082 को सरकारी नौकरी मिली। CM ने भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 23 अप्रैल 2025 को 7 विभागों के 4,623 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
  • सर्वाधिक 4,113 नियुक्ति पत्र स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग को प्रदान किए गए।
  • जून 2024 से अब तक ओडिशा में 44,082 लोगों को सरकारी नौकरी और लगभग 92,000 लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला।
  • CM माझी ने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
  • CM ने कहा — लोक सेवक ही सरकार का असली चेहरा हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सामूहिक लक्ष्य है।
  • यह नियुक्ति अभियान भाजपा सरकार के जून 2024 में सत्ता संभालने के बाद से चल रहे रोजगार सृजन अभियान का हिस्सा है।

भुवनेश्वर, 23 अप्रैल। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार, 23 अप्रैल 2025 को राज्य के 7 सरकारी विभागों के कुल 4,623 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ही प्रशासन और शासन व्यवस्था में सरकार का वास्तविक चेहरा होते हैं। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से भ्रष्टाचार से दूर रहने और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

किन विभागों को मिले कितने नियुक्ति पत्र

इस नियुक्ति समारोह में सात विभागों के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। सबसे अधिक 4,113 नियुक्ति पत्र स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग को मिले, जो कुल संख्या का लगभग 89 प्रतिशत है।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को 154, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग को 143, इस्पात एवं खान विभाग को 77, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास विभाग को 70, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग को 52 तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को 14 नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

CM माझी का संदेश — सेवा ही धर्म, भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता

मुख्यमंत्री माझी ने नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा करने का एक अनमोल अवसर है। उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने कर्मचारियों को दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि व्यक्तिगत विचारों को कार्य में बाधा न बनने दें और सरकारी नीतियों का पालन करें। समय की पाबंदी और कार्यस्थल पर शिष्टाचार बनाए रखना भी उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने और कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जून 2024 से अब तक 44,082 को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री माझी ने राज्य में युवाओं को रोजगार देने की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि जून 2024 से अब तक 44,082 युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, लगभग 92,000 लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिले हैं।

यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि भाजपा सरकार ओडिशा में रोजगार सृजन को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है। गौरतलब है कि जून 2024 में ही राज्य में मोहन चरण माझी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली थी, जब पार्टी ने 24 साल बाद बीजू जनता दल को सत्ता से बेदखल किया था।

व्यापक संदर्भ — रोजगार नीति और शासन सुधार की दिशा

यह नियुक्ति अभियान ऐसे समय में आया है जब ओडिशा सरकार शासन सुधार और पारदर्शिता को अपनी प्राथमिकता बता रही है। स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग में सर्वाधिक नियुक्तियां यह दर्शाती हैं कि राज्य शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रिक्त पदों को भरने की कोशिश कर रहा है, जो ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर डालेगी।

आलोचकों का कहना है कि सरकारी नौकरियों की घोषणाएं अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए की जाती हैं, लेकिन यदि ये नियुक्तियां वास्तव में जमीनी स्तर पर सेवा वितरण को बेहतर बनाती हैं, तो इसका प्रभाव ओडिशा के 4.7 करोड़ नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है।

आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नवनियुक्त कर्मचारी वास्तव में अपने-अपने विभागों में कितनी तेजी से कार्यभार संभालते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में कितने सफल होते हैं।

Point of View

बल्कि भाजपा की उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें 24 साल के बीजेडी शासन के बाद जनता को यह दिखाना है कि सत्ता परिवर्तन का असल फर्क जमीन पर दिखता है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या ये नियुक्तियां वास्तव में सेवा वितरण की खाई को पाटेंगी या केवल संख्याओं का खेल बनकर रह जाएंगी — क्योंकि ओडिशा के आदिवासी और दूरदराज के इलाकों में शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी दशकों से अनुपस्थित रहे हैं। 92,000 निजी क्षेत्र रोजगार का दावा भी तब तक अधूरा है जब तक उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व की पुष्टि नहीं होती। जवाबदेही तब सुनिश्चित होगी जब नियुक्ति पत्र असल सेवा में बदलेंगे।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

ओडिशा में 4,623 नियुक्ति पत्र किन विभागों में दिए गए?
ओडिशा में 23 अप्रैल 2025 को 7 विभागों में नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें स्कूल एवं जन शिक्षा (4,113), वन एवं पर्यावरण (154), MSME (143), इस्पात एवं खान (77), मत्स्य पालन (70), पंचायती राज (52) और कौशल विकास (14) विभाग शामिल हैं।
CM मोहन चरण माझी ने सरकारी कर्मचारियों को क्या संदेश दिया?
CM माझी ने कहा कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ही शासन का वास्तविक चेहरा हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार से दूर रहने, समय की पाबंदी, पारदर्शिता और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार का निर्देश दिया।
जून 2024 से ओडिशा में कितने लोगों को सरकारी नौकरी मिली?
ओडिशा में जून 2024 से अब तक 44,082 लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है। इसके अलावा लगभग 92,000 लोगों को निजी क्षेत्र में भी रोजगार मिला है।
ओडिशा सरकार की भ्रष्टाचार नीति क्या है?
ओडिशा सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है। CM माझी ने नवनियुक्त कर्मचारियों से इस नीति का पालन करने और जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुलझाने का आह्वान किया।
ओडिशा में सबसे अधिक नियुक्तियां किस विभाग में हुईं?
ओडिशा में सबसे अधिक 4,113 नियुक्तियां स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग में हुईं, जो कुल 4,623 नियुक्तियों का लगभग 89 प्रतिशत है। यह राज्य में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की प्राथमिकता को दर्शाता है।
Nation Press