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ओडिशा में जनगणना कर्मियों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: SOP जारी, हीटस्ट्रोक और हमलों पर सख्ती

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ओडिशा में जनगणना कर्मियों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: SOP जारी, हीटस्ट्रोक और हमलों पर सख्ती

सारांश

ओडिशा में जनगणना कर्मियों पर हमले और हीटस्ट्रोक की घटनाओं के बाद राजस्व विभाग ने SOP जारी की। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे काम बंद, पुलिस सुरक्षा और ORS पैकेट का प्रावधान। बाधा डालने पर 3 साल तक जेल।

मुख्य बातें

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 23 अप्रैल 2026 को जनगणना कर्मियों की सुरक्षा के लिए SOP जारी की।
ढेंकनाल जिले में जनगणना कर्मचारियों पर हुए हमलों और हीटस्ट्रोक की घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया।
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच फील्ड विजिट से परहेज और कर्मियों को ORS पैकेट देने का निर्देश दिया गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिसकर्मी की तैनाती और हर घंटे ट्रैकिंग अनिवार्य की गई।
जनगणना कार्य में बाधा डालने पर जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत 3 साल तक जेल का प्रावधान।
जनगणना 2027 का पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चलेगा।

भुवनेश्वर, 23 अप्रैल 2026: ओडिशा में जनगणना कर्मचारियों पर हमले और हीटस्ट्रोक की बढ़ती घटनाओं के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार को एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की। यह SOP जनगणना कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और फील्ड ड्यूटी के दौरान उनकी हिफाजत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। जनगणना 2027 का पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक राज्यभर में चल रहा है।

क्यों जारी हुई यह SOP?

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरबिंदो कुमार पाधी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों, नगर आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित पत्र में स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में जनगणना कर्मियों के साथ कई अप्रिय घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जनगणना कार्य की गति पर भी प्रतिकूल असर डाला है।

विशेष रूप से ढेंकनाल जिले में जनगणना कर्मचारियों पर हुए हमलों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया। इसके अलावा प्रचंड गर्मी के बीच फील्ड ड्यूटी करने वाले कर्मियों में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामले भी सामने आए हैं।

SOP में क्या हैं मुख्य निर्देश?

जारी SOP के अनुसार, सभी गणनाकर्मियों और सुपरवाइजरों को हर समय अपना आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) पहनना अनिवार्य होगा और फील्ड ड्यूटी के दौरान नियुक्ति पत्र साथ रखना होगा।

गर्मी से बचाव के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच — यानी सबसे अधिक तापमान वाले घंटों में — फील्ड विजिट से परहेज करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे कर्मियों को ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के पैकेट उपलब्ध कराएं।

अलग-थलग और संवेदनशील इलाकों में कर्मियों को जोड़ों (pairs) में काम करने की सलाह दी गई है। सुपरवाइजरों को हर घंटे गणनाकर्मियों की स्थिति ट्रैक करने का निर्देश भी SOP में शामिल है।

खतरा महसूस होने पर क्या करें?

SOP में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मी को दुश्मनी या खतरे का आभास हो, तो वे तत्काल उस स्थान को छोड़ दें और किसी भी प्रकार के टकराव से बचें। बाद में पुलिस सुरक्षा के साथ उस घर या क्षेत्र में दोबारा जाया जा सकता है।

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि कर्मियों की आवाजाही का शेड्यूल स्थानीय पुलिस थानों के साथ साझा किया जाए, ताकि उनकी निगरानी हो सके और किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।

चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों में फील्डवर्क के दौरान एक पुलिसकर्मी को गणनाकर्मियों और सुपरवाइजरों के साथ तैनात रहने का प्रावधान भी SOP में किया गया है।

कानूनी प्रावधान और सख्त कार्रवाई

विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति जनगणना कर्मियों के कार्य में बाधा डालेगा या उन्हें रोकेगा, उसके विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 (संशोधित) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अधिनियम के अंतर्गत दोषी को जुर्माने के साथ-साथ तीन वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है।

विभाग ने कर्मियों को यह भी निर्देश दिया है कि काम शुरू करने से पहले स्थानीय समुदाय के नेताओं से संपर्क कर उनका सहयोग प्राप्त करें, ताकि जनगणना प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि जनगणना 2021 कोविड महामारी के कारण वर्षों तक टलती रही और अब जनगणना 2027 के रूप में यह प्रक्रिया शुरू हुई है। ऐसे में फील्ड कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है, बल्कि इस ऐतिहासिक डेटा संग्रह की सफलता के लिए भी अनिवार्य है।

अन्य राज्यों की तुलना में ओडिशा ने यह SOP अपेक्षाकृत जल्दी जारी की, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जनगणना का समय-निर्धारण ही मूल समस्या है, जिसे नीतिगत स्तर पर संबोधित किया जाना चाहिए था।

आने वाले हफ्तों में 15 मई 2026 तक जनगणना के पहले चरण की समाप्ति होनी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि SOP के लागू होने के बाद कर्मियों की सुरक्षा की स्थिति में कितना सुधार आता है और क्या अन्य राज्य भी इसी तर्ज पर कदम उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन्हें खुद की सुरक्षा के लिए SOP की जरूरत पड़ रही है। गर्मी के चरम मौसम में जनगणना का शेड्यूल तय करना नीतिगत दूरदर्शिता की कमी दर्शाता है। SOP स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जमीनी स्तर पर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा या यह सिर्फ कागज पर रहेगा?
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में जनगणना कर्मचारियों के लिए SOP क्यों जारी की गई?
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जनगणना कर्मियों पर हमलों और हीटस्ट्रोक की घटनाओं के बाद SOP जारी की। ढेंकनाल जिले में हुए हमलों और गर्मी से उत्पन्न स्वास्थ्य जोखिमों ने इसे अनिवार्य बना दिया।
SOP में जनगणना कर्मचारियों के लिए कौन-कौन से नियम बनाए गए हैं?
SOP के तहत सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच फील्ड विजिट से परहेज, ID कार्ड अनिवार्य, ORS पैकेट, जोड़ों में काम और पुलिस थानों से समन्वय जैसे प्रावधान किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिसकर्मी की तैनाती भी अनिवार्य है।
जनगणना कर्मचारी को रोकने या हमला करने पर क्या सजा होगी?
जनगणना अधिनियम, 1948 (संशोधित) के तहत जनगणना कर्मी को बाधा पहुंचाने पर जुर्माना और तीन साल तक कारावास की सजा हो सकती है। यह कानूनी प्रावधान पूरे देश में लागू है।
ओडिशा में जनगणना 2027 का पहला चरण कब तक चलेगा?
जनगणना 2027 का पहला चरण — जिसमें मकानों की सूची और आवास जनगणना शामिल है — 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर आवास और सुविधाओं से संबंधित डेटा एकत्र कर रहे हैं।
क्या अन्य राज्यों में भी जनगणना कर्मियों की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम उठाए गए हैं?
अभी तक ओडिशा ने इस तरह की औपचारिक SOP जारी करने में पहल की है। अन्य राज्यों में इस स्तर के विस्तृत दिशा-निर्देश सार्वजनिक रूप से जारी नहीं हुए हैं, हालांकि जनगणना अधिनियम सभी राज्यों पर समान रूप से लागू होता है।
राष्ट्र प्रेस
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