ओडिशा CM माझी ने 1,326 को नियुक्ति पत्र दिए, बोले — पद नहीं, जनसेवा ही असली सफलता
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 10 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित 16वें राज्यस्तरीय रोजगार मेले में 1,326 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में सफलता का पैमाना पद या प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में आया ठोस बदलाव है। ये कर्मचारी राज्य सरकार के नौ विभागों में अपनी सेवाएं देंगे।
किन विभागों में हुई नियुक्ति
नवनियुक्त कर्मचारी पंचायती राज एवं पेयजल, ऊर्जा, कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन, खेल एवं युवा सेवाएं, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा आबकारी विभाग सहित कुल नौ सरकारी विभागों में तैनात होंगे। यह नियुक्ति अभियान ओडिशा सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत जून 2024 से अब तक 45,408 लोगों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री का संदेश — जनसेवा ही कर्तव्य
नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा, 'जब भी कोई व्यक्ति किसी समस्या के साथ आपके पास आए, तो सम्मानपूर्वक सुनना और तुरंत कार्रवाई करना ही सच्ची जनसेवा है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी सरकारी लाभ और सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोगों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान कर्मचारियों का नैतिक दायित्व है।
निवेश और रोजगार का बड़ा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में ओडिशा में लगभग ₹21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने इसे राज्य के औद्योगीकरण की दिशा में निर्णायक कदम बताया। गौरतलब है कि यह आँकड़ा 2036 तक 'समृद्ध ओडिशा' और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर बढ़ने की राज्य सरकार की दीर्घकालिक योजना से जुड़ा है।
ओडिशा फूड प्रोसेसिंग रोडशो के नतीजे
मेले से दो दिन पूर्व नई दिल्ली और नोएडा में आयोजित ओडिशा फूड प्रोसेसिंग रोडशो का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि उन्होंने 46 बैठकों में 208 निवेशकों से सीधी बातचीत की। इन बैठकों में 38 समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें कुल ₹66,392 करोड़ का निवेश शामिल है और 54,135 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
रिवर्स माइग्रेशन — बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि ओडिशा में अब रिवर्स माइग्रेशन की प्रवृत्ति देखी जा रही है — यानी जो युवा काम की तलाश में दूसरे राज्यों में गए थे, वे वापस लौट रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित कर रहा है। माझी ने कहा कि आने वाले समय में औद्योगीकरण और रोजगार के क्षेत्र में राज्य में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।