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रोजगार मेला: PM मोदी ने 47 स्थानों पर 51,000 से अधिक युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, जुएल ओराम ने दी बधाई

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रोजगार मेला: PM मोदी ने 47 स्थानों पर 51,000 से अधिक युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, जुएल ओराम ने दी बधाई

सारांश

PM मोदी ने 23 मई को देशभर के 47 स्थानों पर 51,000 से अधिक युवाओं को वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र सौंपे। भुवनेश्वर में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने चयनितों को बधाई दी। भारतीय रेलवे से लेकर एम्स तक — नव-नियुक्त युवाओं ने अपनी संघर्ष की कहानियाँ साझा कीं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 23 मई 2025 को देशभर के 47 स्थानों पर 51,000 से अधिक उम्मीदवारों को वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए।
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने भुवनेश्वर में आयोजित रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी।
सोनाली मिश्रा का चयन भारतीय रेलवे के लेवल-1 श्रेणी में हुआ; पोशाली हल्दर एम्स भुवनेश्वर में नर्सिंग ऑफिसर बनीं।
छत्तीसगढ़ के एक अभ्यर्थी ने पाँचवें प्रयास में एम्स भुवनेश्वर में सफलता पाई।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 23 मई को रोजगार मेले के अंतर्गत देशभर के 47 स्थानों पर 51,000 से अधिक नवनियुक्त उम्मीदवारों को वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। भुवनेश्वर सहित ओडिशा में भी इस अवसर पर रोजगार मेले का आयोजन हुआ, जहाँ केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने कार्यक्रम में कहा कि आज हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र मिले हैं, जिनमें भुवनेश्वर के अभ्यर्थी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

ओराम ने नव-नियुक्त युवाओं से ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और रोजगार के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

नव-नियुक्त उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया

रोजगार मेले में भारतीय रेलवे के लेवल-1 श्रेणी में चयनित सोनाली मिश्रा ने कहा, 'मैं भारत सरकार की बेहद आभारी हूँ कि युवाओं को ऐसा अवसर दिया जा रहा है। मेरे माता-पिता मुझ पर गर्व महसूस कर रहे हैं। आज के समय में सरकारी नौकरी हासिल करना काफी प्रतिस्पर्धात्मक है और अब मैं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हूँ।'

एम्स भुवनेश्वर ट्रॉमा सेंटर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर चयनित पोशाली हल्दर ने बताया कि कॉलेज समाप्त होने के बाद से वह इस दिन का इंतज़ार कर रही थीं। उन्होंने कहा, 'यह मेरा पहला प्रयास था और एम्स भुवनेश्वर में मेरा चयन हुआ है। मैं युवाओं से कहना चाहती हूँ कि अपना 100 प्रतिशत दें, सफलता ज़रूर मिलेगी।'

छत्तीसगढ़ के एक अभ्यर्थी, जिनका चयन एम्स भुवनेश्वर में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में हुआ, ने अपनी यात्रा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पाँच प्रयासों के बाद सफलता पाई। उन्होंने कहा, 'लोग कई बार हार मान जाते हैं, लेकिन मैंने चार बार असफल होने के बाद भी कोशिश जारी रखी। मेहनत करते रहिए, एक दिन ज़रूर सफलता मिलेगी।'

सरकार की प्रतिबद्धता

गौरतलब है कि रोजगार मेला केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से भरा जाता है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब युवा बेरोज़गारी देश में एक महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दा बनी हुई है।

केंद्रीय मंत्री ओराम ने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए और पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

क्या होगा आगे

इस रोजगार मेले में भारतीय रेलवे, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एम्स जैसी प्रमुख संस्थाओं सहित कई केंद्रीय विभागों में नियुक्तियाँ की गई हैं। नव-नियुक्त कर्मचारियों के शीघ्र ही अपने-अपने पदों पर योगदान देने की उम्मीद है, जिससे विभिन्न सरकारी सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये नियुक्तियाँ उस रोज़गार की खाई को पाट रही हैं जो वर्षों की भर्ती-रोक से बनी है — या केवल बकाया रिक्तियाँ भरी जा रही हैं। 51,000 का आँकड़ा एक आयोजन के लिए बड़ा है, परंतु केंद्र सरकार के विभागों में लाखों पद अभी भी रिक्त बताए जाते हैं। पारदर्शिता की बात तो होती है, पर स्वतंत्र सत्यापन-तंत्र के बिना यह मापना कठिन है कि इन मेलों से वास्तविक रोज़गार-वृद्धि हो रही है या केवल पहले से स्वीकृत पदों का औपचारिक वितरण।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोजगार मेला 2025 में कितने युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले?
23 मई 2025 को आयोजित रोजगार मेले में PM मोदी ने देशभर के 47 स्थानों पर 51,000 से अधिक नवनियुक्त उम्मीदवारों को वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें भुवनेश्वर सहित ओडिशा के अभ्यर्थी भी शामिल थे।
भुवनेश्वर रोजगार मेले में कौन-से पदों पर नियुक्तियाँ हुईं?
भुवनेश्वर में आयोजित रोजगार मेले में भारतीय रेलवे के लेवल-1 श्रेणी और एम्स भुवनेश्वर ट्रॉमा सेंटर में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर नियुक्तियाँ हुईं। छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का भी एम्स भुवनेश्वर में चयन हुआ।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने रोजगार मेले में क्या कहा?
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं से ईमानदारी और समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
रोजगार मेला क्या है और यह कैसे काम करता है?
रोजगार मेला केंद्र सरकार की वह पहल है जिसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित उम्मीदवारों को एक साथ नियुक्ति पत्र सौंपे जाते हैं। PM मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर के स्थानों को जोड़कर एक साथ नियुक्ति पत्र वितरित करते हैं, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनती है।
क्या रोजगार मेले में महिला उम्मीदवारों को भी नियुक्ति मिली?
हाँ, भुवनेश्वर रोजगार मेले में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों का चयन हुआ। भारतीय रेलवे में चयनित सोनाली मिश्रा और एम्स भुवनेश्वर में नर्सिंग ऑफिसर बनीं पोशाली हल्दर इसके उल्लेखनीय उदाहरण हैं।
राष्ट्र प्रेस
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