19वें रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, राजकोट में मंत्री मांडविया रहे मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 23 मई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए 19वें रोजगार मेले का उद्घाटन किया, जिसके तहत देशभर में 51 हजार से अधिक नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। राजकोट में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और नवनियुक्त युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
राजकोट में कार्यक्रम का आयोजन
राजकोट डिवीजन के जगजीवनराम रेलवे इंस्टीट्यूट में आयोजित इस समारोह में रेलवे, गृह, उच्च शिक्षा, डाक, बिजली, श्रम सहित लगभग 14 मंत्रालयों में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। राजकोट डिवीजन के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीणा ने बताया कि भारतीय रेलवे ने देशभर में 47 स्थानों पर एक साथ रोजगार मेलों का आयोजन किया।
मंत्री मांडविया का संबोधन
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है और नए भारत का निर्माण हो रहा है। युवाओं को योग्यता और क्षमता के आधार पर पूरी पारदर्शिता से नौकरी का मौका मिल रहा है।' उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिल चुका है।
युवाओं की प्रतिक्रिया
नियुक्ति पत्र पाने वाली एक युवती ने बताया कि उनका चयन बैंकिंग क्षेत्र में हुआ है और उन्होंने परीक्षा की तैयारी केवल यूट्यूब के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं से की थी। उन्होंने कहा, 'नियुक्ति पत्र मिलने से मुझे बड़ी खुशी हो रही है, क्योंकि मेरे सपने को पूरा करने का यह पहला चरण है।' एक अन्य युवती ने बताया कि उनका चयन डाक विभाग में हुआ है और वे केंद्र सरकार की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
रोजगार मेले की व्यापक पहुँच
गौरतलब है कि यह 19वाँ संस्करण है, जो दर्शाता है कि केंद्र सरकार की यह पहल नियमित रूप से जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब युवा बेरोजगारी और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है। मेले में एक साथ 47 शहरों में आयोजन और 14 मंत्रालयों की भागीदारी इसे पिछले संस्करणों की तुलना में अधिक व्यापक बनाती है।
आगे की राह
केंद्र सरकार के अनुसार, रोजगार मेलों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। नवनियुक्त कर्मचारी अपनी-अपनी सेवाओं में जल्द योगदान देना शुरू करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की केंद्रीकृत भर्ती प्रक्रिया से न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि सुदूर क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिलता है।