बेंगलुरु के 19वें रोजगार मेले में 84 युवाओं को नियुक्ति पत्र, PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से किया संबोधित
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 23 मई 2026 को आयोजित 19वें रोजगार मेले में 84 अभ्यर्थियों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री शोभा करंदलाजे ने भाग लिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया।
मुख्य घटनाक्रम
यह मेला केंद्र सरकार की रोजगार मेला श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती की जाती है। बेंगलुरु में आयोजित इस 19वें संस्करण में भारतीय रेलवे सहित कई केंद्रीय विभागों में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में अभ्यर्थियों के परिवारजन भी उपस्थित रहे।
PM मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए युवाओं को संबोधित करते हुए सेवा-भाव और कर्तव्यनिष्ठा पर जोर दिया। उपस्थित अभ्यर्थियों ने बताया कि मोदी के भाषण से उन्हें 'वर्क इज वर्शिप' की प्रेरणा मिली और उनमें खासा उत्साह देखा गया।
युवाओं की प्रतिक्रिया
नियुक्ति पत्र पाने वाले एक युवक ने कहा, 'केंद्र सरकार की नौकरी पाकर मुझे बेहद गर्व और खुशी महसूस हो रही है। देश की सेवा करना हमेशा मेरा सपना रहा है।' एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि सरकारी नौकरी मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और वह पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
एक युवती ने बताया, 'नौकरी पाना मेरा लंबे समय से सपना था। आज मैं खुद को बेहद सौभाग्यशाली महसूस कर रही हूं और मेरा परिवार मुझ पर गर्व कर रहा है।' एक अन्य महिला अभ्यर्थी, जिनके पिता स्वयं केंद्रीय सरकारी कर्मचारी हैं, ने कहा कि बचपन से सरकारी नौकरी का सपना था जो आज पूरा हुआ।
महिला भागीदारी पर जोर
भारतीय रेलवे में नियुक्त एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि रोजगार मेले में शामिल होकर उन्हें यह एहसास हुआ कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और महिलाएं हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रही हैं। उनके साथ पूरा परिवार कार्यक्रम में मौजूद था।
आगे की राह
रोजगार मेला श्रृंखला के तहत केंद्र सरकार का लक्ष्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरना है। यह आयोजन युवाओं को सीधे सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में एक सतत प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।