28 जुलाई 2026
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ओडिशा CM माझी ने गिनाईं दो वर्षों की उपलब्धियाँ: किसान आत्महत्या रोकथाम और शिकायत निवारण सबसे आगे

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ओडिशा CM माझी ने गिनाईं दो वर्षों की उपलब्धियाँ: किसान आत्महत्या रोकथाम और शिकायत निवारण सबसे आगे

सारांश

ओडिशा में BJP सरकार के दो साल पूरे होने पर CM माझी ने किसान आत्महत्या रोकथाम और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ को शीर्ष उपलब्धियाँ गिनाया। रोज़गार और प्राकृतिक आपदाएँ आगे की बड़ी चुनौतियाँ बताईं।

मुख्य बातें

CM मोहन चरण माझी ने 12 जून 2026 को भुवनेश्वर में BJP सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का पुनरुद्धार और किसान आत्महत्या रोकथाम को सबसे बड़ी उपलब्धियाँ बताया।
समृद्ध कृषक योजना , PM-किसान सम्मान निधि और CM-किसान योजना के ज़रिये किसानों को वित्तीय सहायता दी गई।
चिट फंड घोटाले में आरोपियों की संपत्तियों की नीलामी शुरू; वैध जमाकर्ताओं को धन वापसी की प्रक्रिया जारी।
उत्तरी ओडिशा विकास परिषद के लिए ₹200 करोड़ का आवंटन; संबलपुर में पश्चिमी परिषद मुख्यालय प्रस्ताव विलंबित।
युवा रोज़गार और अल नीनो से उत्पन्न आपदाओं को आगे की दो सबसे बड़ी चुनौतियाँ बताया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 जून 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के पुनरुद्धार और किसान-केंद्रित योजनाओं के ज़रिये किसानों की आत्महत्याओं पर अंकुश लगाने को अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ बताया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में माझी ने कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई नीति का भी विस्तार से उल्लेख किया।

शिकायत निवारण प्रकोष्ठ: जन समस्याओं का सीधा समाधान

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में नियमित सुनवाई से आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव हो सका है। उन्होंने इसे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ठोस कदम बताया। यह प्रकोष्ठ पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में निष्क्रिय पड़ा था, और BJP सरकार ने सत्ता में आते ही इसे पुनः सक्रिय किया।

किसान आत्महत्या रोकथाम: सरकार का दावा

माझी ने कहा कि उनकी सरकार ने समृद्ध कृषक योजना, प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री-किसान योजना के तहत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनकी आजीविका में सुधार किया है। उनके अनुसार इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में संकटग्रस्त किसान आत्महत्याओं में कमी आई है। हालाँकि, सरकार ने इस दावे की पुष्टि के लिए कोई स्वतंत्र आँकड़ा या तुलनात्मक डेटा सार्वजनिक नहीं किया।

भ्रष्टाचार और चिट फंड घोटाले

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रशासन ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। चिट फंड घोटालों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपियों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की जा चुकी है और वैध रसीदें प्रस्तुत करने वाले वास्तविक जमाकर्ताओं को धनराशि वापस करने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। इसके अलावा, राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन देने की योजना जारी है।

क्षेत्रीय विकास और संतुलन की चुनौती

माझी ने उत्तर ओडिशा विकास परिषद, दक्षिण ओडिशा विकास परिषद और पश्चिमी ओडिशा विकास परिषद से जुड़ी चिंताओं को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उत्तरी ओडिशा विकास परिषद के लिए ₹200 करोड़ के आवंटन के साथ एक कार्यबल गठित किया गया है। संबलपुर में पश्चिमी ओडिशा विकास परिषद का मुख्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव विभिन्न जिलों की परस्पर विरोधी माँगों के कारण विलंबित हुआ है, यह उन्होंने स्वयं स्वीकार किया।

आगे की चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री ने माना कि आने वाले समय में युवाओं के लिए पर्याप्त रोज़गार के अवसर पैदा करना और अल नीनो जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे का सामना करना उनकी सरकार के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियाँ होंगी। यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय में आई है जब ओडिशा के कई जिले सूखे और अनियमित मानसून से प्रभावित रहे हैं। आने वाले महीनों में सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन और उनके ज़मीनी परिणाम ही इन दावों की असली कसौटी होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऋण-निर्भरता और मानसून की अनिश्चितता में हैं, जिनका समाधान वित्तीय हस्तांतरण से आंशिक ही होता है। संबलपुर मुख्यालय विवाद यह भी दर्शाता है कि क्षेत्रीय असंतुलन की राजनीति BJP के लिए भी उतनी ही जटिल है जितनी पूर्ववर्ती सरकारों के लिए थी। दो वर्षों की असली परीक्षा अगले बजट चक्र में होगी, जब रोज़गार और आपदा प्रबंधन के वादे संख्याओं में दिखने चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा CM माझी ने अपने दो वर्षों की कौन-सी उपलब्धियाँ गिनाई हैं?
मुख्यमंत्री माझी ने मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के पुनरुद्धार और किसान-केंद्रित योजनाओं के ज़रिये किसान आत्महत्याओं पर अंकुश लगाने को अपने कार्यकाल की दो सबसे बड़ी उपलब्धियाँ बताया। यह दावा BJP सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर 12 जून 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया।
ओडिशा में किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए कौन-सी योजनाएँ चलाई जा रही हैं?
सरकार ने समृद्ध कृषक योजना, प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री-किसान योजना के तहत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की है। माझी के अनुसार इन योजनाओं ने किसानों की आजीविका में सुधार कर संकटग्रस्त आत्महत्याओं को रोकने में मदद की है।
ओडिशा चिट फंड घोटाले में सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
माझी सरकार ने आरोपियों की संपत्तियों की नीलामी शुरू कर दी है और वैध रसीदें प्रस्तुत करने वाले वास्तविक जमाकर्ताओं को धनराशि वापस करने की प्रक्रिया आरंभ की है। सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का ऐलान किया है।
उत्तरी ओडिशा विकास परिषद के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
उत्तरी ओडिशा विकास परिषद के लिए ₹200 करोड़ के आवंटन के साथ एक कार्यबल का गठन किया गया है। वहीं, संबलपुर में पश्चिमी ओडिशा विकास परिषद का मुख्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव विभिन्न जिलों की परस्पर विरोधी माँगों के कारण अभी विलंबित है।
CM माझी के सामने आगे की सबसे बड़ी चुनौतियाँ क्या हैं?
मुख्यमंत्री माझी ने स्वयं स्वीकार किया कि युवाओं के लिए पर्याप्त रोज़गार के अवसर पैदा करना और अल नीनो जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे से निपटना उनकी सरकार के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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