लद्दाख में कुशल मजदूरों को ₹575 और अकुशल को ₹450 प्रतिदिन, एलजी वीके सक्सेना का ऐतिहासिक आदेश

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लद्दाख में कुशल मजदूरों को ₹575 और अकुशल को ₹450 प्रतिदिन, एलजी वीके सक्सेना का ऐतिहासिक आदेश

सारांश

वर्षों से ₹300–₹500 प्रतिमाह पर काम कर रहे लद्दाख के सरकारी मजदूरों के लिए एलजी वीके सक्सेना का यह आदेश एक बड़ा बदलाव है — कुशल को ₹575 और अकुशल को ₹450 प्रतिदिन। 20 दिनों में सत्यापन की समयसीमा इस सुधार की असली परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कुशल मजदूरों के लिए ₹575 प्रतिदिन और अकुशल मजदूरों के लिए ₹450 प्रतिदिन की नई मजदूरी दर लागू करने का आदेश दिया।
पहले ये मजदूर विभिन्न सरकारी विभागों में मात्र ₹300 से ₹500 प्रतिमाह पर कार्यरत थे।
सफाईकर्मी, क्लीनर, माली और अन्य दैनिक व अंशकालिक कर्मचारी इस आदेश के दायरे में आते हैं।
सभी पात्र मजदूरों का व्यापक सत्यापन और मजदूरी संशोधन 20 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है।
यह सुधार 'न्यूनतम मजदूरी अधिनियम' के प्रावधानों के अनुरूप है।
इससे पहले 27 अप्रैल को एलजी ने लद्दाख में पाँच नए जिलों के गठन की घोषणा की थी, जिससे जिलों की संख्या 7 हो गई।

लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 17 मई 2026 को सरकारी विभागों में कार्यरत दैनिक और अंशकालिक मजदूरों की मजदूरी में बड़ी बढ़ोतरी का आदेश दिया है। नई व्यवस्था के तहत कुशल (स्किल्ड) मजदूरों को अब ₹575 प्रतिदिन और अकुशल (अनस्किल्ड) मजदूरों को ₹450 प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाएगा, जो काम के अनुपात के आधार पर होगा। यह कदम उन श्रमिकों को राहत देगा जो वर्षों से ₹300 से ₹500 प्रतिमाह जैसी अत्यंत कम मजदूरी पर काम कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इस सुधार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह लद्दाख में एक ऐतिहासिक सुधार है, जिसका उद्देश्य हाशिए पर मौजूद मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी सुनिश्चित करना है। इस आदेश के दायरे में सफाईकर्मी, क्लीनर, माली और अन्य जरूरत-आधारित कर्मचारी आते हैं जो विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं।

एलजी ने स्पष्ट किया कि इन सभी मजदूरों का व्यापक सत्यापन किया जाएगा और मजदूरी में संशोधन की प्रक्रिया 20 दिनों के भीतर पूरी की जानी है। यह समयसीमा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित की गई है।

सामाजिक न्याय की दृष्टि

उपराज्यपाल सक्सेना ने इस निर्णय के पीछे की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि इतनी कम मजदूरी 'न्यूनतम मजदूरी अधिनियम' के प्रावधानों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ये श्रमिक पूरे लद्दाख में आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने में अमूल्य योगदान देते हैं, जिसे प्रशासन अब औपचारिक रूप से स्वीकार करता है।

गौरतलब है कि यह सुधार ऐसे समय में आया है जब लद्दाख में प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो रही है। इससे पहले 27 अप्रैल को एलजी सक्सेना ने नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास नामक पाँच नए जिलों के गठन की घोषणा की थी, जिससे लद्दाख में जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है।

आम जनता और मजदूरों पर असर

नई मजदूरी दरें लागू होने के बाद उन श्रमिकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी जो पहले मात्र ₹300 से ₹500 प्रतिमाह पर गुजारा कर रहे थे। कुशल मजदूरों के लिए ₹575 प्रतिदिन की दर महीने भर के काम पर अनुमानतः ₹14,000 से अधिक की मासिक आय सुनिश्चित कर सकती है — जो पिछली दरों की तुलना में कई गुना अधिक है। यह बदलाव विशेष रूप से उस वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है जो लद्दाख की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं देता है।

क्या होगा आगे

प्रशासन ने 20 दिनों के भीतर सभी पात्र मजदूरों का सत्यापन और संशोधित मजदूरी लागू करने का लक्ष्य रखा है। यह देखना होगा कि क्या यह प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी होती है और इससे लाभान्वित होने वाले मजदूरों की कुल संख्या कितनी है। लद्दाख में चल रहे प्रशासनिक विस्तार — नए जिलों के गठन — के साथ मिलकर यह कदम केंद्र शासित प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जो मजदूर वर्षों से ₹300–₹500 प्रतिमाह पर काम कर रहे थे, उनके बकाया का क्या होगा — और इस उल्लंघन के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी। 20 दिनों की सत्यापन समयसीमा महत्वाकांक्षी है, लेकिन लद्दाख की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए इसे पूरा करना प्रशासन के लिए कड़ी परीक्षा होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि यह घोषणा सोशल मीडिया पर की गई — जो पारदर्शिता का संकेत है, लेकिन आधिकारिक अधिसूचना और क्रियान्वयन की निगरानी के लिए ठोस तंत्र की जरूरत अभी बनी हुई है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लद्दाख में नई मजदूरी दरें क्या हैं?
नई व्यवस्था के तहत कुशल (स्किल्ड) मजदूरों को ₹575 प्रतिदिन और अकुशल (अनस्किल्ड) मजदूरों को ₹450 प्रतिदिन मिलेगा। यह भुगतान काम के अनुपात के आधार पर होगा।
लद्दाख में मजदूरी बढ़ोतरी का आदेश किसने दिया?
लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने यह आदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी और इसे 'ऐतिहासिक सुधार' बताया।
इस मजदूरी बढ़ोतरी से कौन से मजदूर लाभान्वित होंगे?
विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत दैनिक मजदूर और पार्ट-टाइम/जरूरत-आधारित कर्मचारी — जैसे सफाईकर्मी, क्लीनर, माली आदि — इस आदेश के दायरे में आते हैं। ये वे श्रमिक हैं जो पहले ₹300 से ₹500 प्रतिमाह पर काम कर रहे थे।
नई मजदूरी दरें कब तक लागू होंगी?
उपराज्यपाल के आदेश के अनुसार सभी पात्र मजदूरों का सत्यापन और मजदूरी संशोधन 20 दिनों के भीतर पूरा किया जाना है। इसके बाद संशोधित दरें प्रभावी होंगी।
लद्दाख में हाल ही में और क्या प्रशासनिक बदलाव हुए हैं?
27 अप्रैल को एलजी वीके सक्सेना ने लद्दाख में नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास नामक पाँच नए जिलों के गठन की घोषणा की थी। इससे लद्दाख में जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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