लद्दाख में कुशल मजदूरों को ₹575 और अकुशल को ₹450 प्रतिदिन, एलजी वीके सक्सेना का ऐतिहासिक आदेश
सारांश
मुख्य बातें
लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 17 मई 2026 को सरकारी विभागों में कार्यरत दैनिक और अंशकालिक मजदूरों की मजदूरी में बड़ी बढ़ोतरी का आदेश दिया है। नई व्यवस्था के तहत कुशल (स्किल्ड) मजदूरों को अब ₹575 प्रतिदिन और अकुशल (अनस्किल्ड) मजदूरों को ₹450 प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाएगा, जो काम के अनुपात के आधार पर होगा। यह कदम उन श्रमिकों को राहत देगा जो वर्षों से ₹300 से ₹500 प्रतिमाह जैसी अत्यंत कम मजदूरी पर काम कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से इस सुधार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह लद्दाख में एक ऐतिहासिक सुधार है, जिसका उद्देश्य हाशिए पर मौजूद मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी सुनिश्चित करना है। इस आदेश के दायरे में सफाईकर्मी, क्लीनर, माली और अन्य जरूरत-आधारित कर्मचारी आते हैं जो विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं।
एलजी ने स्पष्ट किया कि इन सभी मजदूरों का व्यापक सत्यापन किया जाएगा और मजदूरी में संशोधन की प्रक्रिया 20 दिनों के भीतर पूरी की जानी है। यह समयसीमा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित की गई है।
सामाजिक न्याय की दृष्टि
उपराज्यपाल सक्सेना ने इस निर्णय के पीछे की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि इतनी कम मजदूरी 'न्यूनतम मजदूरी अधिनियम' के प्रावधानों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ये श्रमिक पूरे लद्दाख में आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने में अमूल्य योगदान देते हैं, जिसे प्रशासन अब औपचारिक रूप से स्वीकार करता है।
गौरतलब है कि यह सुधार ऐसे समय में आया है जब लद्दाख में प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो रही है। इससे पहले 27 अप्रैल को एलजी सक्सेना ने नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास नामक पाँच नए जिलों के गठन की घोषणा की थी, जिससे लद्दाख में जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है।
आम जनता और मजदूरों पर असर
नई मजदूरी दरें लागू होने के बाद उन श्रमिकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी जो पहले मात्र ₹300 से ₹500 प्रतिमाह पर गुजारा कर रहे थे। कुशल मजदूरों के लिए ₹575 प्रतिदिन की दर महीने भर के काम पर अनुमानतः ₹14,000 से अधिक की मासिक आय सुनिश्चित कर सकती है — जो पिछली दरों की तुलना में कई गुना अधिक है। यह बदलाव विशेष रूप से उस वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है जो लद्दाख की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं देता है।
क्या होगा आगे
प्रशासन ने 20 दिनों के भीतर सभी पात्र मजदूरों का सत्यापन और संशोधित मजदूरी लागू करने का लक्ष्य रखा है। यह देखना होगा कि क्या यह प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी होती है और इससे लाभान्वित होने वाले मजदूरों की कुल संख्या कितनी है। लद्दाख में चल रहे प्रशासनिक विस्तार — नए जिलों के गठन — के साथ मिलकर यह कदम केंद्र शासित प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।