पटना में बिहार पुलिस रेडियो ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन, 40 कर्मियों को मिलेगा आधुनिक संचार प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को पटना में बिहार पुलिस रेडियो ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (बीपीआरटीआई) का औपचारिक उद्घाटन किया, जो राज्य की तकनीकी पुलिसिंग क्षमताओं और वायरलेस संचार नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस संस्थान के माध्यम से पुलिस कर्मियों को आधुनिक रेडियो तकनीक और डिजिटल संचार प्रणालियों में विशेष दक्षता दी जाएगी।
उद्घाटन और प्रशिक्षण कार्यक्रम
संस्थान का उद्घाटन बिहार पुलिस के तकनीकी सेवा एवं संचार विंग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) अमित लोढ़ा ने किया। उद्घाटन के साथ ही पुलिस वायरलेस ऑपरेटर ग्रेड-द्वितीय पाठ्यक्रम के लिए चयनित 40 कर्मियों का गहन अभिविन्यास प्रशिक्षण भी आरंभ किया गया।
प्रशिक्षुओं को आधुनिक रेडियो प्रौद्योगिकी, उन्नत संचार प्रणालियों और आपात परिस्थितियों में सूचना के त्वरित प्रसारण की व्यावहारिक तकनीकों में पारंगत किया जाएगा।
एडीजी लोढ़ा का संदेश
सभा को संबोधित करते हुए एडीजी अमित लोढ़ा ने कहा कि अपराध नियंत्रण, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए एक मज़बूत सूचना नेटवर्क अनिवार्य है। उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग में विश्वसनीय संचार ढाँचे की केंद्रीय भूमिका पर ज़ोर दिया।
आम जनता और राज्य पुलिसिंग पर असर
अधिकारियों के अनुसार, बीपीआरटीआई से प्रशिक्षित वायरलेस ऑपरेटरों को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों और पुलिस थानों में तैनात किया जाएगा। इससे बिहार के दूरदराज़ के क्षेत्रों में भी सुरक्षित और निर्बाध सूचना संचार सुनिश्चित हो सकेगा, जो आपदा प्रबंधन अभियानों और संवेदनशील परिस्थितियों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
बिहार पुलिस के व्यापक आधुनिकीकरण का हिस्सा
गौरतलब है कि हाल के महीनों में बिहार पुलिस ने प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी का विस्तार किया गया है और यातायात कर्मियों को ड्यूटी के दौरान बॉडी-वियर कैमरे पहनने का निर्देश दिया गया है। बीपीआरटीआई की स्थापना इसी व्यापक आधुनिकीकरण अभियान की अगली कड़ी मानी जा रही है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकारें पुलिस बलों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की राष्ट्रीय प्राथमिकता के अनुरूप कदम उठा रही हैं। बीपीआरटीआई के पूरी तरह क्रियाशील होने के बाद बिहार पुलिस की सूचना आदान-प्रदान की गति और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।