बिहार पुलिस एकेडमी का 69वाँ दीक्षांत समारोह: 19 नए डीएसपी ने राजगीर में संभाला कार्यभार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस एकेडमी का 69वाँ दीक्षांत समारोह मंगलवार, 26 मई 2026 को राजगीर में आयोजित हुआ, जिसमें पासिंग-आउट परेड के बाद 19 नवप्रशिक्षित पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) ने औपचारिक रूप से बिहार पुलिस में कार्यभार ग्रहण किया। इस बैच में 14 पुरुष और 5 महिला अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
डीजीपी का संदेश: सेवा, न केवल वेतन
समारोह में बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए लोक सेवा और समर्पण की भावना पर सशक्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिसिंग को केवल वेतनभोगी पेशा नहीं समझना चाहिए।
1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार ने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस एकेडमी में अपने प्रशिक्षण के दिनों का स्मरण करते हुए पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल से जुड़ा एक प्रेरक किस्सा साझा किया। उनके अनुसार, एकेडमी के एक दौरे के दौरान किसी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी ने गिल से वेतन और भत्तों के बारे में पूछा था, जिस पर गिल ने कहा था कि जो कोई भी केवल आर्थिक लाभ के लिए पुलिस सेवा में आता है, वह किसी अच्छी जगह पर पान की दुकान खोलकर इससे अधिक कमा सकता है।
डीजीपी ने अधिकारियों को स्मरण कराया कि उनके कंधों पर अंकित 'बिहार पुलिस सेवा' शब्द नागरिकों के प्रति कर्तव्य और जवाबदेही का प्रतीक है — यह महज एक पदनाम नहीं, एक दायित्व है।
प्रशिक्षण की व्यापकता
इस बैच को आधुनिक पुलिसिंग पद्धतियों के साथ-साथ साइबर अपराध जाँच, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, दंगा नियंत्रण, आपदा प्रतिक्रिया, भीड़ प्रबंधन, मानवाधिकार और नेतृत्व विकास में व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। व्यावहारिक पक्ष में राइफल शूटिंग, आधुनिक हथियारों का संचालन, औपचारिक अभ्यास, घुड़सवारी और फील्ड ऑपरेशन भी शामिल रहे।
प्रशिक्षुओं की आवाज़
बैच की प्रशिक्षु डीएसपी पूजा कुमारी ने कहा कि एक साल का प्रशिक्षण शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, किंतु बेहद ज्ञानवर्धक भी रहा। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक चरण के बाद मिलने वाली फील्ड पोस्टिंग और भी बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।
बैच टॉपर उज्ज्वल कुमार उपकार ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ाया है और उन्हें पुलिसिंग के माध्यम से समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार किया है।
केपीएस गिल को श्रद्धांजलि
समारोह के दौरान पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख केपीएस गिल को विशेष रूप से याद किया गया। गिल उग्रवाद के दौर में पंजाब में आतंकवाद-विरोधी अभियानों का नेतृत्व करने के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। वे 1995 में सेवानिवृत्त हुए और 2017 में 82 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। इन 19 नए अधिकारियों पर अब वह विरासत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।