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हाथरस में योगी का अखिलेश पर प्रहार: 'रामलला के दर्शन करें, सद्बुद्धि आएगी'; ₹548 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

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हाथरस में योगी का अखिलेश पर प्रहार: 'रामलला के दर्शन करें, सद्बुद्धि आएगी'; ₹548 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

सारांश

हाथरस में ₹548 करोड़ की परियोजनाओं के मंच से सीएम योगी ने अखिलेश यादव को 'रामलला के दर्शन' की नसीहत दी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान की माँग उठाई — विकास कार्यक्रम बना राजनीतिक रणभूमि।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 28 जून 2025 को हाथरस में ₹548 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
योगी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा — 'एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, सद्बुद्धि आ जाएगी।' उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का अभियान चलाने की माँग उठाई।
योगी ने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश दंगामुक्त और माफियामुक्त हुआ; हजारों मोहर्रम जुलूस शांतिपूर्ण रहे।
सरकार की नीति — धार्मिक आयोजनों के लिए किसी गरीब का घर या छज्जा नहीं हटाया जाएगा।
हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद क्षेत्रों में किसान और युवा-केंद्रित परियोजनाओं का ऐलान।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 जून 2025 को हाथरस में ₹548 करोड़ की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के मंच से समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा हमला बोला। अयोध्या को धार्मिक नगरी बताने संबंधी अखिलेश यादव के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए योगी ने कहा कि जिनकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियाँ चलीं, उन्हें अयोध्या के विकास की चिंता करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

अखिलेश पर सीधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी ने सपा प्रमुख को संबोधित करते हुए कहा, 'अयोध्या को किसी से पहचान लेने की ज़रूरत नहीं है। आप इसकी चिंता मत करिए, पश्चाताप करिए और एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, सद्बुद्धि आ जाएगी।' उन्होंने आगे कहा कि यदि अखिलेश यादव वास्तव में स्वयं को धार्मिक साबित करना चाहते हैं, तो उन्हें मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विषय में भी खुलकर बोलना चाहिए और राम जन्मभूमि की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का अभियान चलाना चाहिए।

योगी ने यह भी आरोप लगाया कि सपा शासन में कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाए गए और धार्मिक आयोजनों को बाधित किया गया। उन्होंने कहा कि आज वही सपा उस कांग्रेस के साथ खड़ी है जिसने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कुचलने का काम किया था।

कानून-व्यवस्था और मोहर्रम जुलूस पर दावे

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों, कर्फ्यू और अराजकता के लिए बदनाम था, जबकि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में हजारों मोहर्रम जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकले और कहीं कोई उपद्रव नहीं हुआ।

योगी ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति है कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर किसी गरीब का मकान, छज्जा या झोपड़ी नहीं हटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ताजिए की ऊँचाई कम की जा सकती है, लेकिन आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं से कोई समझौता नहीं होगा।

अयोध्या और मोदी का उल्लेख

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का वैभव पुनर्स्थापित हुआ है और यह त्रेतायुग की स्मृतियों को साकार कर रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को आज अयोध्या की याद आ रही है।

हाथरस में विकास परियोजनाएँ

राजनीतिक हमलों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर, बेहतर बीज और कृषि अनुसंधान संस्थानों की चर्चा करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है। इन परियोजनाओं से जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मिलकर सपा को हिंदू मतदाताओं की नज़र में 'धर्म-विरोधी' साबित करने की कोशिश हैं। गौरतलब है कि मोहर्रम जुलूस और ताजिए की ऊँचाई जैसे मुद्दे उठाकर योगी ने बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक ध्रुवीकरण की लकीर और गहरी खींची। ₹548 करोड़ की परियोजनाएँ असली एजेंडे की पृष्ठभूमि बन गईं — सवाल यह है कि क्या इन परियोजनाओं का जमीनी असर उतना ही मुखर होगा जितनी यह राजनीतिक भाषणबाजी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाथरस में सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
सीएम योगी ने कहा कि जिनकी सरकार में रामभक्तों पर गोलियाँ चलीं, उन्हें अयोध्या के विकास की चिंता करने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव को 'रामलला के दर्शन' की नसीहत देते हुए कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध और धार्मिक आयोजनों को बाधित करने के आरोप भी लगाए।
हाथरस में कितनी राशि की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ?
28 जून 2025 को हाथरस में ₹548 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं और इनमें किसान-केंद्रित कोल्ड स्टोरेज व प्रोसेसिंग सेंटर भी शामिल हैं।
योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर क्या कहा?
सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में धार्मिक हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी खुलकर बोलें। उन्होंने राम जन्मभूमि की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान चलाने की माँग उठाई।
मोहर्रम जुलूस और ताजिए पर योगी सरकार की क्या नीति है?
योगी ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर किसी गरीब का घर, छज्जा या झोपड़ी नहीं हटाई जाएगी। ज़रूरत पड़ने पर ताजिए की ऊँचाई कम की जा सकती है, लेकिन आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं से समझौता नहीं होगा।
योगी ने कांग्रेस पर क्या टिप्पणी की?
सीएम योगी ने आपातकाल को संविधान पर सबसे बड़ा प्रहार बताया और कहा कि सपा आज उसी कांग्रेस के साथ खड़ी है जिसने लोकतंत्र को कुचला था। उन्होंने इसे सपा-कांग्रेस गठबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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