9 जुलाई 2026
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सीएम योगी का तंज: कब्रिस्तान प्रेमी ही करते हैं राम मंदिर का विरोध, बांदा में ₹710 करोड़ की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण

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सीएम योगी का तंज: कब्रिस्तान प्रेमी ही करते हैं राम मंदिर का विरोध, बांदा में ₹710 करोड़ की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण

सारांश

बांदा में ₹710 करोड़ की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए सीएम योगी ने सपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया — 'कब्रिस्तान प्रेमी राम मंदिर का विरोध करते हैं।' साथ ही बुंदेलखंड में 64 हजार एकड़ माफिया जमीन मुक्त कराने और डिफेंस कॉरिडोर से रोजगार का दावा किया।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9 जुलाई 2026 को बांदा में ₹710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
उन्होंने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये दल राम मंदिर , काशी विश्वनाथ और अन्य धामों के विकास का विरोध करते हैं।
योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफियाओं से 64 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई, जिस पर अब निवेश और रोजगार सृजन हो रहा है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को क्षेत्र की बदलती तस्वीर का प्रतीक बताया।
अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया; कालिंजर दुर्ग और चित्रकूट के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने वादा किया कि बुंदेलखंड को 'धरती का स्वर्ग' बनाने के लिए हर परियोजना लागू की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 जुलाई 2026 को बांदा में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा है, वही लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का विरोध करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

मुख्य बयान और राजनीतिक प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में जो धनराशि मंदिरों और धामों के विकास पर खर्च होनी चाहिए थी, वह कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनाने में लगाई जाती थी। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इन दलों ने हिंदू परंपरा और सनातन संस्कृति को कोसना अपना जीवन-ध्येय बना लिया है और वे मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट तथा नैमिषारण्य धाम के विकास का विरोध करते हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि नकारात्मक और विकास-विरोधी सोच वाले लोगों को मतदाताओं को खारिज कर देना चाहिए। योगी ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की डबल इंजन सरकार तुष्टिकरण की नीति पर नहीं चलती।

बुंदेलखंड के बदलाव का बयान

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड की पुरानी दुर्दशा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि 2017 में जब वे पहली बार इस क्षेत्र में आए, तो पिछड़ापन, पलायन और पानी की कमी यहाँ की पहचान थी। खनन माफिया, भूमाफिया और डकैतों का ऐसा आतंक था कि किसान खेत में जाने से डरते थे और थानों में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी।

उन्होंने दावा किया कि अब बुंदेलखंड में महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलीटेक्निक कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर इस क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं।

माफिया कार्रवाई और रोजगार का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने सपा से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ भूमि खाली कराई है, जिस पर अब निवेश हो रहा है और युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जिन लोगों को प्रदेश की रखवाली की जिम्मेदारी दी गई थी, वही प्रदेश को लूटते थे।

उन्होंने विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस ने बुंदेलखंड को डकैत दिए, जबकि उनकी सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल भारत की रक्षा शक्ति का प्रतीक बन रही है।

सांस्कृतिक विरासत और प्रतिमा अनावरण

मुख्यमंत्री ने अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किए जाने का उल्लेख किया और कहा कि बांदा में महापुरुषों के नाम पर पार्क बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कालिंजर के अजेय दुर्ग और नीलकंठ महादेव का भी जिक्र किया। उन्होंने सुबह चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की स्मृतियाँ बुंदेलखंड से जुड़ी हैं।

आगे की राह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि विकास और विरासत संरक्षण के लिए जो भी परियोजनाएँ शासन के संज्ञान में आएंगी, उन्हें लागू किया जाएगा और बुंदेलखंड को 'धरती का स्वर्ग' बनाया जाएगा। उन्होंने बबेरू के सपा विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि विकास में रुचि नहीं रखते, उनकी उद्दंडता को रोकना जरूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी घोषणा को विपक्ष पर तीखे प्रहार के साथ जोड़ना यह संकेत देता है कि सरकार विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को एक ही मंच पर पेश करने की रणनीति अपना रही है। 64 हजार एकड़ भूमि मुक्ति और बुंदेलखंड के कायाकल्प के दावों की स्वतंत्र सत्यापन अभी भी अपेक्षित है, क्योंकि रोजगार के आँकड़े और माफिया-मुक्त क्षेत्र की वास्तविकता जमीनी स्तर पर परखी जानी चाहिए।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने बांदा में क्या-क्या घोषणाएँ कीं?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9 जुलाई 2026 को बांदा और बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें कनेक्टिविटी, पेयजल, सिंचाई और शिक्षा से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं।
योगी आदित्यनाथ के 'कब्रिस्तान' वाले बयान का क्या मतलब है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौर में मंदिरों और धामों के विकास के लिए निर्धारित धनराशि कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च की जाती थी। उन्होंने इसे विपक्ष की 'तुष्टिकरण नीति' का हिस्सा बताया और कहा कि इसीलिए ये दल राम मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का विरोध करते हैं।
बुंदेलखंड में माफिया से कितनी जमीन मुक्त कराई गई?
सीएम योगी के अनुसार, उनकी सरकार ने सपा से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई है। उन्होंने दावा किया कि इस भूमि पर अब निवेश हो रहा है और युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
बुंदेलखंड में योगी सरकार ने कौन-से बड़े संस्थान स्थापित किए हैं?
योगी सरकार के दौरान बुंदेलखंड में महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलीटेक्निक कॉलेज की स्थापना का दावा किया गया है। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी इस क्षेत्र में विकसित किए गए हैं।
सीएम योगी ने बबेरू के सपा विधायक पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री ने कहा कि बबेरू के सपा विधायक को विकास में कोई रुचि नहीं है और उनके लिए विकास का अर्थ गरीबों की जमीन पर कब्जा करना और उन्हें प्रताड़ित करना है। उन्होंने इसे 'उद्दंडता' करार देते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्ति को रोकना जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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