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गिग वर्कर्स के लिए NPS: ₹99 से शुरू करें रिटायरमेंट निवेश, PFRDA ने बताया पूरा फ्रेमवर्क

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गिग वर्कर्स के लिए NPS: ₹99 से शुरू करें रिटायरमेंट निवेश, PFRDA ने बताया पूरा फ्रेमवर्क

सारांश

जोमैटो-स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म के लाखों गिग वर्कर्स अब ₹99 से NPS में निवेश शुरू कर सकते हैं। PFRDA का ई-श्रमिक मॉडल इन्हें पहली बार एक विनियमित पेंशन ढाँचे से जोड़ता है — बिना किसी न्यूनतम या अधिकतम योगदान सीमा के।

मुख्य बातें

PFRDA ने 12 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि गिग वर्कर्स मात्र ₹99 से NPS में निवेश शुरू कर सकते हैं।
NPS ई-श्रमिक मॉडल की शुरुआत 29 अक्टूबर 2025 के PFRDA सर्कुलर से हुई थी।
योगदान की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं; प्लेटफॉर्म, वर्कर या दोनों मिलकर योगदान कर सकते हैं।
प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर्स को PFRDA के साथ अलग पंजीकरण की आवश्यकता नहीं ; PoP के ज़रिए एनरोलमेंट होगी।
खाता खुलने के बाद वर्कर के पास निवेश योजना और पेंशन फंड बदलने का पूरा अधिकार ।
KYC आधार-आधारित ई-केवाईसी से पूरी होगी और PRAN जेनरेट किया जाएगा।

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने 12 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स अब मात्र ₹99 के मासिक योगदान से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत अपना रिटायरमेंट फंड बनाना शुरू कर सकते हैं। रेगुलेटर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस योजना की विशेषताओं की जानकारी साझा की।

NPS ई-श्रमिक मॉडल क्या है

PFRDA ने 29 अक्टूबर 2025 के एक सर्कुलर के ज़रिए NPS ई-श्रमिक (प्लेटफॉर्म सर्विस पार्टनर) मॉडल की शुरुआत की थी। यह मॉडल उन लोगों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है जो सर्विस कॉन्ट्रैक्ट के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को सेवाएँ देते हैं। यह ढाँचा मोटे तौर पर मौजूदा NPS कॉर्पोरेट मॉडल जैसा है, लेकिन इसे गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों की अनिश्चित आय को ध्यान में रखकर अनुकूलित किया गया है।

योगदान की लचीली संरचना

PFRDA के अनुसार, इस फ्रेमवर्क में योगदान की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है। वर्कर अपनी आर्थिक स्थिति और सुविधा के अनुसार निवेश कर सकते हैं। योगदान तीन तरीकों से हो सकता है — प्लेटफॉर्म और वर्कर मिलकर, केवल वर्कर, या वर्कर की ओर से पूरी तरह प्लेटफॉर्म या एग्रीगेटर। हालाँकि, वर्कर और प्लेटफॉर्म आपसी सहमति से प्रत्येक योगदान के लिए एक न्यूनतम राशि तय कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन और ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया

एक महत्त्वपूर्ण सुविधा यह है कि प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर्स को PFRDA के साथ अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoP) — यानी NPS खाता खोलने और संबंधित सेवाएँ देने वाली संस्थाएँ — एग्रीगेटर्स के साथ समझौता कर वर्करों को एनरोल कर सकती हैं।

ऑनबोर्डिंग दो चरणों में होती है। पहले चरण में वर्कर की KYC जानकारी — नाम, पता, PAN, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण — एकत्र की जाती है। KYC को आधार-आधारित ई-केवाईसी या PFRDA द्वारा अनुमोदित किसी अन्य माध्यम से पूरा किया जा सकता है। दूसरे चरण में वर्कर की सहमति मिलने पर एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जेनरेट किया जाता है।

निवेश विकल्प और वर्कर के अधिकार

शुरुआती चरण में प्लेटफॉर्म, वर्कर के लिए निवेश योजना और पेंशन फंड का चयन कर सकता है। गौरतलब है कि खाता खुलने के बाद वर्कर के पास इन विकल्पों को अपनी इच्छानुसार बदलने का पूरा अधिकार होता है। PFRDA ने अपनी पोस्ट में कहा, 'आपका काम बेशक आपकी अगली बुकिंग पर निर्भर करता है, लेकिन आपका रिटायरमेंट नहीं।'

आम जनता पर असर

यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत में गिग इकॉनमी तेज़ी से विस्तार पा रही है और लाखों वर्कर सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हैं। असंगठित क्षेत्र के इन कर्मचारियों के पास पहले से कोई संस्थागत पेंशन व्यवस्था नहीं थी। यह फ्रेमवर्क उन्हें पहली बार एक विनियमित, सरकार-समर्थित रिटायरमेंट बचत योजना से जोड़ता है। आगे यह देखना होगा कि प्लेटफॉर्म कंपनियाँ स्वेच्छा से इस ढाँचे को अपनाती हैं या नहीं, क्योंकि अभी यह अनिवार्य नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती स्वैच्छिक भागीदारी की है — जब तक प्लेटफॉर्म कंपनियों पर योगदान देने की कोई बाध्यता नहीं होगी, तब तक यह ढाँचा कागज़ पर ही रहने का जोखिम उठाता है। गिग वर्करों की अनिश्चित आय को देखते हुए ₹99 की सीमा प्रतीकात्मक तो है, पर पर्याप्त रिटायरमेंट कोष बनाने के लिए निरंतर और बड़े योगदान की ज़रूरत होगी। यह भी देखना होगा कि जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियाँ, जो पहले से 'स्वतंत्र ठेकेदार' मॉडल की आड़ में श्रम दायित्वों से बचती रही हैं, इस फ्रेमवर्क को अपनाने में कितनी रुचि दिखाती हैं।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिग वर्कर्स NPS में कितने रुपए से निवेश शुरू कर सकते हैं?
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स मात्र ₹99 के योगदान से NPS में निवेश शुरू कर सकते हैं। PFRDA ने कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा तय नहीं की है, इसलिए वर्कर अपनी सुविधा के अनुसार योगदान कर सकते हैं।
NPS ई-श्रमिक मॉडल क्या है और यह कब शुरू हुआ?
NPS ई-श्रमिक (प्लेटफॉर्म सर्विस पार्टनर) मॉडल PFRDA द्वारा 29 अक्टूबर 2025 के सर्कुलर के ज़रिए शुरू किया गया था। यह उन वर्करों के लिए है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सर्विस कॉन्ट्रैक्ट के तहत काम करते हैं, जैसे जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी के डिलीवरी पार्टनर।
क्या प्लेटफॉर्म कंपनियों को PFRDA में अलग से रजिस्ट्रेशन करानी होगी?
नहीं, प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर्स को PFRDA के साथ अलग से पंजीकरण कराने की ज़रूरत नहीं है। पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoP) एग्रीगेटर्स के साथ समझौता कर वर्करों को सीधे एनरोल कर सकते हैं।
NPS खाते में योगदान कौन कर सकता है — वर्कर, प्लेटफॉर्म या दोनों?
इस फ्रेमवर्क में तीनों विकल्प उपलब्ध हैं — केवल वर्कर, केवल प्लेटफॉर्म/एग्रीगेटर, या दोनों मिलकर योगदान कर सकते हैं। वर्कर और प्लेटफॉर्म आपसी सहमति से प्रत्येक योगदान के लिए एक न्यूनतम राशि भी तय कर सकते हैं।
NPS खाता खुलने के बाद वर्कर के पास क्या अधिकार होते हैं?
खाता खुलने के बाद वर्कर के पास निवेश योजना और पेंशन फंड बदलने का पूरा अधिकार होता है। शुरुआत में प्लेटफॉर्म ये विकल्प चुन सकता है, लेकिन बाद में वर्कर इन्हें अपनी इच्छानुसार बदल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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