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बाजार की पाठशाला: <b>पीएफ</b> और <b>ईपीएस</b> क्या होते हैं? इन दोनों में क्या है अंतर? रिटायरमेंट के बाद पेंशन कैसे तय होती है, समझें गणित

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बाजार की पाठशाला: <b>पीएफ</b> और <b>ईपीएस</b> क्या होते हैं? इन दोनों में क्या है अंतर? रिटायरमेंट के बाद पेंशन कैसे तय होती है, समझें गणित

सारांश

क्या आप जानते हैं कि प्रोविडेंट फंड और पेंशन स्कीम आपके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं? जानें इन दोनों के बीच का अंतर और रिटायरमेंट के बाद पेंशन कैसे तय होती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यह गणित कैसे काम करता है।

मुख्य बातें

ईपीएफ एक बचत योजना है, जबकि ईपीएस पेंशन प्रदान करती है।
पेंशन की गणना एक फॉर्मूला के द्वारा होती है।
फैमिली पेंशन का लाभ भी मिलता है।
अर्ली पेंशन लेने पर कटौती होती है।
सरकार ने न्यूनतम पेंशन की सीमा तय की है।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नौकरीपेशा व्यक्तियों की आर्थिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार उनका प्रोविडेंट फंड (पीएफ) और पेंशन स्कीम (ईपीएस) है। हर महीने सैलरी से कटने वाला धन भविष्य के लिए संचित होता है, लेकिन अधिकांश कर्मचारी नहीं जानते कि यह राशि किन हिस्सों में जाती है और रिटायरमेंट के बाद इससे उन्हें क्या लाभ मिलता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत ईपीएफ और ईपीएस दो अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं, जिनका उद्देश्य और लाभ भी भिन्न हैं।

ईपीएफ, या कर्मचारी भविष्य निधि, एक दीर्घकालिक बचत योजना है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है। इसमें जमा राशि पर प्रतिवर्ष ब्याज मिलता है और रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर पूरी राशि निकाली जा सकती है।

दूसरी ओर, ईपीएस, या कर्मचारी पेंशन योजना, का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद हर महीने निश्चित पेंशन प्रदान करना है, ताकि बुढ़ापे में नियमित आय बनी रहे।

कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का 12 प्रतिशत हिस्सा सीधे उसके ईपीएफ खाते में जमा होता है। इसके अलावा, नियोक्ता भी 12 प्रतिशत का योगदान देता है, जिसे दो भागों में विभाजित किया जाता है। नियोक्ता का 8.33 प्रतिशत हिस्सा ईपीएस यानी पेंशन फंड में जाता है, जबकि बाकी 3.67 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जमा होता है।

सरकार ने पेंशन के लिए अधिकतम वेतन सीमा 15,000 रुपये तय की है, यानी इससे अधिक सैलरी होने पर भी पेंशन की गणना इसी सीमा के आधार पर की जाती है।

यह जानना आवश्यक है कि पेंशन की राशि आपके ईपीएस खाते में जमा कुल रकम पर निर्भर नहीं करती। ईपीएफओ इसके लिए एक निश्चित फॉर्मूला लागू करता है। पेंशन की गणना पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा के आधार पर होती है।

इसका फॉर्मूला है: पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा ÷ 70। यही फॉर्मूला यह निर्धारित करता है कि रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी।

ईपीएस योजना का एक महत्वपूर्ण लाभ फैमिली पेंशन है। यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान या पेंशन शुरू होने के बाद मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को पेंशन मिलती है। ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, सदस्य के जीवनसाथी को उसकी पेंशन का 50 प्रतिशत हिस्सा आजीवन दिया जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी सदस्य की पेंशन 7,500 रुपये थी, तो उसके निधन के बाद उसके जीवनसाथी को 3,750 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी।

ईपीएस के तहत परिवार के दो बच्चों को भी पेंशन का लाभ मिलता है। प्रत्येक बच्चे को सदस्य की पेंशन का 25-25 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता है। यह बाल पेंशन 25 वर्ष की उम्र तक मिलती है। यदि बच्चे अनाथ हो जाते हैं, तो यह पेंशन बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दी जाती है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से कम न हो।

आमतौर पर कर्मचारी को 58 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन मिलती है, लेकिन 50 वर्ष की उम्र के बाद अर्ली पेंशन लेने का विकल्प भी उपलब्ध है। हालाँकि, अर्ली पेंशन लेने पर हर वर्ष 4 प्रतिशत की कटौती होती है।

यदि कोई कर्मचारी 58 वर्ष के बाद भी काम जारी रखता है और पेंशन लेना टालता है, तो उसकी पेंशन में हर वर्ष 4 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमारे लेख का उद्देश्य पाठकों को सही और सटीक जानकारी प्रदान करना है। ईपीएफ और ईपीएस के बीच अंतर को समझना आवश्यक है ताकि आप अपने भविष्य की योजना बना सकें। यह जानकारी न केवल आपके लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सभी नौकरीपेशा व्यक्तियों की आर्थिक सुरक्षा से संबंधित है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईपीएफ और ईपीएस में क्या अंतर है?
ईपीएफ एक दीर्घकालिक बचत योजना है, जबकि ईपीएस रिटायरमेंट के बाद पेंशन प्रदान करती है।
क्या अर्ली पेंशन का विकल्प है?
हाँ, लेकिन अर्ली पेंशन लेने पर हर साल 4 प्रतिशत की कटौती होती है।
फैमिली पेंशन क्या है?
यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को पेंशन का लाभ मिलता है।
रिटायरमेंट की उम्र क्या है?
आमतौर पर रिटायरमेंट की उम्र 58 वर्ष है, लेकिन 50 वर्ष पर अर्ली पेंशन का विकल्प भी है।
राष्ट्र प्रेस
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