क्या सरकार गिग वर्कर्स और घरेलू सहायकों के लिए नई माइक्रोक्रेडिट योजना शुरू करने जा रही है?

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क्या सरकार गिग वर्कर्स और घरेलू सहायकों के लिए नई माइक्रोक्रेडिट योजना शुरू करने जा रही है?

सारांश

केंद्र सरकार गिग वर्कर्स और घरेलू सहायकों के लिए एक नई माइक्रोक्रेडिट योजना लागू कर सकती है, जो बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराएगी। यह योजना 2026 से शुरू होने की संभावना है, जिससे कई जरूरतमंद वर्गों को लाभ होगा।

Key Takeaways

  • नई माइक्रोक्रेडिट योजना में बिना गारंटी लोन मिलेगा।
  • लोन की राशि 10,000 रुपए प्रति वर्ष होगी।
  • सरकार के रिकॉर्ड में पंजीकरण आवश्यक है।
  • लोन अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दी गई है।
  • यूपीआई से जुड़ा रुपे क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार गिग वर्कर्स, घरेलू सहायकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए जल्द ही एक नई लोन योजना की शुरुआत करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार अप्रैल 2026 से एक माइक्रोक्रेडिट योजना लागू कर सकती है, जिसके तहत हर साल बिना किसी गारंटी के 10,000 रुपए तक का लोन प्रदान किया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि यह योजना प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि) योजना के समान बनाई जा रही है। इस योजना के माध्यम से पहले से ही रेहड़ी-पटरी वाले छोटे व्यवसायियों को लोन प्राप्त होता है। नई योजना की रूपरेखा आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तैयार की जा रही है।

पीएम-स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स को पहले चरण में 10,000 रुपए का लोन दिया जाता है। यदि वे समय पर लोन चुका देते हैं, तो उन्हें 20,000 रुपए और फिर 50,000 रुपए तक का लोन प्राप्त हो सकता है। इसके साथ ही, उन्हें 7 प्रतिशत ब्याज में छूट और डिजिटल भुगतान अपनाने पर अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं।

नई योजना का उद्देश्य गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की सहायता करना है। ऐसे कई कामगार हैं जिनका कोई बैंक रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे उन्हें मोटरसाइकिल या अन्य आवश्यक सामान खरीदने के लिए लोन प्राप्त नहीं हो पाता। यह योजना उनकी इस समस्या को हल करने के लिए तैयार की जा रही है।

इस योजना के लिए पात्र वही लोग होंगे जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कामगार, जिनके पास सरकारी पहचान पत्र और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होगा, उन्हें इस योजना का लाभ मिल सकेगा।

पीएम-स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए लाइसेंस और नगर निकाय के सर्वे में नाम होना आवश्यक होता है। नई योजना में भी इसी तरह की जांच प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

नवंबर 2025 तक ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ से अधिक असंगठित कामगार और 5.09 लाख से ज्यादा गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स पंजीकृत हो चुके थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन कामगारों का रिकॉर्ड सत्यापित होगा, उन्हें पहले लोन दिया जाएगा।

सरकार ने पहले ही पीएम-स्वनिधि योजना को नए रूप में आगे बढ़ाने की जानकारी दी थी। इस योजना से कुल 1 करोड़ 15 लाख लोगों को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है, जिसमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं।

अब इस योजना की लोन अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया गया है, जिसके लिए सरकार ने कुल 7,332 करोड़ रुपए का बजट तय किया है।

नई व्यवस्था के तहत पहले और दूसरे चरण में लोन की राशि बढ़ाई गई है। इसके अलावा, जो लाभार्थी दूसरा लोन समय पर चुका देंगे, उन्हें यूपीआई से जुड़ा रुपे क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा।

इस योजना का दायरा अब केवल कस्बों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे धीरे-धीरे जनगणना वाले कस्बों, अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि तक बढ़ाया जाएगा।

Point of View

जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं। यह योजना न केवल उनकी जीवनशैली में सुधार लाएगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

यह माइक्रोक्रेडिट योजना कब शुरू होगी?
रिपोर्टों के अनुसार, यह योजना अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है।
क्या बिना गारंटी लोन मिल सकेगा?
हाँ, इस योजना के तहत हर साल बिना किसी गारंटी के 10,000 रुपए तक का लोन प्रदान किया जाएगा।
क्या सभी गिग वर्कर्स इस योजना का लाभ ले सकेंगे?
इस योजना का लाभ वही लोग ले सकेंगे जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी।
क्या यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित है?
नहीं, यह योजना धीरे-धीरे कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाई जाएगी।
क्या इस योजना के तहत ब्याज दर में छूट मिलेगी?
हाँ, लाभार्थियों को 7 प्रतिशत ब्याज में छूट और डिजिटल भुगतान के लिए अतिरिक्त फायदे भी दिए जाएंगे।
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