1968 का माई लाई नरसंहार: एक ऐसा युद्ध अपराध जिसने मानवता को झकझोर दिया
सारांश
Key Takeaways
- माई लाई नरसंहार 1968 में हुआ था।
- लगभग 500 निहत्थे नागरिकों की जान गई।
- अमेरिकी सैनिक ह्यू थॉमसन ने हस्तक्षेप किया।
- सेमोर हेर्ष की रिपोर्ट ने घटना को उजागर किया।
- विलियम कैली को सजा मिली, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वियतनाम युद्ध के दौरान दक्षिण वियतनाम के एक छोटे से गांव 'माई लाई' में घटित घटना ने पूरी दुनिया को युद्ध की बर्बरता का असली चेहरा दिखाया। इसे माई लाई नरसंहार के नाम से जाना जाता है और यह 20वीं सदी के सबसे विवादास्पद युद्ध अपराधों में से एक माना जाता है।
16 मार्च 1968 को वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना को सूचनाएँ मिलीं कि माई लाई गांव में वियतकांग विद्रोही छिपे हुए हैं। इसी आधार पर अमेरिकी सेना की एक यूनिट, जिसे “चार्ली कंपनी” कहा जाता था, को तलाशी अभियान के लिए भेजा गया। इस यूनिट का नेतृत्व विलियम कैले कर रहे थे।
जब सैनिक गांव पहुँचे, तो उन्हें कोई संगठित प्रतिरोध नहीं मिला। फिर भी, उन्होंने गांव के निवासियों को घरों से बाहर निकालना शुरू कर दिया और स्थिति तेजी से भयावह हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और बाद की जांच रिपोर्टों के अनुसार, सैनिकों ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों निहत्थे ग्रामीणों पर गोलियाँ चला दीं। कई घरों को आग लगा दी गई और ग्रामीणों को समूहों में खड़ा कर गोली मारी गई।
बाद में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस नरसंहार में लगभग 500 नागरिकों की मौत हुई। यह घटना उस समय तुरंत उजागर नहीं हुई। प्रारंभ में अमेरिकी सेना ने इसे एक सफल सैन्य अभियान बताया, लेकिन कुछ सैनिकों और पत्रकारों की कोशिशों से सच्चाई धीरे-धीरे सामने आने लगी।
इस घटना को दुनिया के समक्ष लाने में अमेरिकी सैनिक ह्यू थॉमसन जूनियर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वे हेलीकॉप्टर से क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे और उन्होंने देखा कि निहत्थे ग्रामीणों पर गोलीबारी हो रही है। उन्होंने हस्तक्षेप किया और कुछ ग्रामीणों को बचाने का प्रयास किया।
1969 में अमेरिकी पत्रकार सेमोर हेर्ष की रिपोर्ट के बाद यह घटना वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में आई। इसके बाद अमेरिका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और वियतनाम युद्ध के प्रति जनता की नाराजगी और बढ़ गई।
जांच के बाद कई सैनिकों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया, लेकिन अंततः केवल विलियम कैली को दोषी ठहराया गया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में यह सजा कम कर दी गई और वे कुछ वर्षों के भीतर रिहा हो गए।