10 अगस्त 2026
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आईएनएस उदयगिरि और कवरत्ती की हो ची मिन्ह सिटी यात्रा संपन्न, भारत-वियतनाम नौसैनिक साझेदारी को नई मजबूती

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आईएनएस उदयगिरि और कवरत्ती की हो ची मिन्ह सिटी यात्रा संपन्न, भारत-वियतनाम नौसैनिक साझेदारी को नई मजबूती

सारांश

भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत तीन दिन हो ची मिन्ह सिटी में रहे — योग से लेकर समुद्री अभ्यास तक, हर गतिविधि ने भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई दी। यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत में बढ़ती सक्रियता का ठोस प्रमाण है।

मुख्य बातें

आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती ने 22 से 24 जून 2026 तक हो ची मिन्ह सिटी में तीन दिवसीय पोर्ट कॉल पूरी की।
रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय दल ने वियतनाम पीपुल्स नेवी और हो ची मिन्ह सिटी पीपुल्स कमेटी के अधिकारियों से मुलाकात की।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 12वीं वर्षगांठ पर आईएनएस कवरत्ती पर संयुक्त भारत-वियतनाम योग सत्र आयोजित हुआ।
दोनों नौसेनाओं के जवानों ने पेशेवर गतिविधियों, सामरिक चर्चाओं और द्विपक्षीय समुद्री अभ्यासों में भाग लिया।
यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और विजन महासागर की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती ने 22 से 24 जून 2026 तक हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम की अपनी तीन दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस पोर्ट कॉल ने भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सहयोग, रक्षा संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यात्रा का नेतृत्व और स्वागत

पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय नौसैनिक दल वियतनाम पहुँचा। वहाँ पहुँचने पर दल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई अहम बैठकें आयोजित हुईं।

रियर एडमिरल आनंद ने हो ची मिन्ह सिटी पीपुल्स कमेटी तथा वियतनाम पीपुल्स नेवी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और मुक्त समुद्री मार्गों के महत्व, क्षेत्रीय स्थिरता तथा भविष्य की साझेदारी के विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

पेशेवर गतिविधियाँ और द्विपक्षीय अभ्यास

पोर्ट कॉल के दौरान भारतीय नौसेना और वियतनाम पीपुल्स नेवी के जवानों ने विभिन्न पेशेवर गतिविधियों, सामरिक चर्चाओं और द्विपक्षीय समुद्री अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी की। इन गतिविधियों के ज़रिये दोनों नौसेनाओं को परस्पर ऑपरेशनल अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला। समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

योग दिवस पर सांस्कृतिक जुड़ाव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर आईएनएस कवरत्ती के डेक पर भारतीय और वियतनामी नौसैनिकों ने संयुक्त योग सत्र में भाग लिया। यह आयोजन केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का प्रतीक नहीं बना, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता और मैत्री को भी उजागर करने वाला बना।

वियतनाम में भारत के राजदूत, वियतनाम पीपुल्स नेवी के प्रतिनिधि, राजनयिक समुदाय के सदस्य तथा अन्य विशिष्ट अतिथि आईएनएस उदयगिरि पर आयोजित इस विशेष स्वागत समारोह में शामिल हुए। यह समारोह भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों की गहराई और बढ़ते आपसी विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण बना।

राष्ट्रपति हो ची मिन्ह को श्रद्धांजलि

यात्रा के एक भावपूर्ण क्षण में रियर एडमिरल आलोक आनंद तथा दोनों युद्धपोतों के कमांडिंग अधिकारियों ने वियतनाम के महान नेता राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि के माध्यम से भारतीय दल ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान दिया।

एक्ट ईस्ट नीति और आगे की राह

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और विजन महासागर की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि भारत और वियतनाम के बीच स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी आपसी विश्वास, साझा रणनीतिक हितों और मजबूत जन-जन संपर्क पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि हो ची मिन्ह सिटी की यह यात्रा दोनों देशों को समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय शांति और साझा समृद्धि के लिए एक-दूसरे के विश्वसनीय सहयोगी के रूप में और मजबूती से स्थापित करती है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के बढ़ते समुद्री कदमों की यह यात्रा एक और अहम कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और भारत की बढ़ती नौसैनिक उपस्थिति इस क्षेत्र में शक्ति-संतुलन की एक सुविचारित कोशिश है। एक्ट ईस्ट नीति के तहत ऐसी यात्राएँ नियमित होती जा रही हैं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या ये संबंध रक्षा व्यापार, संयुक्त गश्त और तकनीकी सहयोग में ठोस रूप ले पाते हैं। योग सत्र जैसे सांस्कृतिक आयाम सॉफ्ट पावर की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, किंतु हिंद-प्रशांत में स्थायी साझेदारी के लिए संस्थागत रक्षा ढाँचे की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती की वियतनाम यात्रा कब और कहाँ हुई?
ये दोनों भारतीय युद्धपोत 22 से 24 जून 2026 तक वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में रहे। यह तीन दिवसीय पोर्ट कॉल भारत-वियतनाम नौसैनिक सहयोग के तहत आयोजित की गई थी।
इस यात्रा का नेतृत्व किसने किया और क्या प्रमुख गतिविधियाँ हुईं?
पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय नौसैनिक दल वियतनाम पहुँचा। यात्रा में द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास, वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठकें, संयुक्त योग सत्र और राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं।
इस यात्रा में योग दिवस की क्या भूमिका रही?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर आईएनएस कवरत्ती पर भारतीय और वियतनामी नौसैनिकों ने संयुक्त योग सत्र में भाग लिया। इस आयोजन ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रतीकात्मक रूप से उजागर किया।
यह यात्रा भारत की विदेश नीति के किस ढाँचे के अंतर्गत आती है?
यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और विजन महासागर की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इसके तहत भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मित्र देशों के साथ समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक संबंध कैसे हैं?
भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित है, जो आपसी विश्वास, साझा रणनीतिक हितों और मजबूत जन-जन संपर्क पर आधारित है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों देश समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के लिए एक-दूसरे के विश्वसनीय सहयोगी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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