आईएनएस उदयगिरि और कवरत्ती की हो ची मिन्ह सिटी यात्रा संपन्न, भारत-वियतनाम नौसैनिक साझेदारी को नई मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती ने 22 से 24 जून 2026 तक हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम की अपनी तीन दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस पोर्ट कॉल ने भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सहयोग, रक्षा संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यात्रा का नेतृत्व और स्वागत
पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय नौसैनिक दल वियतनाम पहुँचा। वहाँ पहुँचने पर दल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई अहम बैठकें आयोजित हुईं।
रियर एडमिरल आनंद ने हो ची मिन्ह सिटी पीपुल्स कमेटी तथा वियतनाम पीपुल्स नेवी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित और मुक्त समुद्री मार्गों के महत्व, क्षेत्रीय स्थिरता तथा भविष्य की साझेदारी के विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
पेशेवर गतिविधियाँ और द्विपक्षीय अभ्यास
पोर्ट कॉल के दौरान भारतीय नौसेना और वियतनाम पीपुल्स नेवी के जवानों ने विभिन्न पेशेवर गतिविधियों, सामरिक चर्चाओं और द्विपक्षीय समुद्री अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी की। इन गतिविधियों के ज़रिये दोनों नौसेनाओं को परस्पर ऑपरेशनल अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला। समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
योग दिवस पर सांस्कृतिक जुड़ाव
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर आईएनएस कवरत्ती के डेक पर भारतीय और वियतनामी नौसैनिकों ने संयुक्त योग सत्र में भाग लिया। यह आयोजन केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का प्रतीक नहीं बना, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता और मैत्री को भी उजागर करने वाला बना।
वियतनाम में भारत के राजदूत, वियतनाम पीपुल्स नेवी के प्रतिनिधि, राजनयिक समुदाय के सदस्य तथा अन्य विशिष्ट अतिथि आईएनएस उदयगिरि पर आयोजित इस विशेष स्वागत समारोह में शामिल हुए। यह समारोह भारत-वियतनाम रक्षा संबंधों की गहराई और बढ़ते आपसी विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण बना।
राष्ट्रपति हो ची मिन्ह को श्रद्धांजलि
यात्रा के एक भावपूर्ण क्षण में रियर एडमिरल आलोक आनंद तथा दोनों युद्धपोतों के कमांडिंग अधिकारियों ने वियतनाम के महान नेता राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि के माध्यम से भारतीय दल ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान दिया।
एक्ट ईस्ट नीति और आगे की राह
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और विजन महासागर की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि भारत और वियतनाम के बीच स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी आपसी विश्वास, साझा रणनीतिक हितों और मजबूत जन-जन संपर्क पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि हो ची मिन्ह सिटी की यह यात्रा दोनों देशों को समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय शांति और साझा समृद्धि के लिए एक-दूसरे के विश्वसनीय सहयोगी के रूप में और मजबूती से स्थापित करती है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के बढ़ते समुद्री कदमों की यह यात्रा एक और अहम कड़ी है।