भारत-वियतनाम हवाई संपर्क वार्ता: हनोई में नागरिक उड्डयन प्रतिनिधिमंडल, जयशंकर ने गिनाए सहयोग के नए आयाम
सारांश
मुख्य बातें
भारत और वियतनाम के बीच हवाई संपर्क को नई ऊँचाई देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 17-18 सितंबर 2026 को हनोई का दौरा किया और वियतनाम के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएवी) के साथ भारत-वियतनाम हवाई सेवा समझौते पर विस्तृत चर्चा की। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को इस जानकारी की पुष्टि की।
वार्ता के मुख्य बिंदु
दूतावास ने बताया कि बेहतर हवाई संपर्क दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति देगा। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। दूतावास ने स्पष्ट किया कि हवाई संपर्क इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
19वीं संयुक्त आयोग बैठक: व्यापक एजेंडा
इस सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके वियतनामी समकक्ष ले होआई ट्रुंग की सह-अध्यक्षता में 19वीं भारत-वियतनाम संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) आयोजित हुई। इस बैठक में राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ भारत में निर्मित रक्षा सामग्री की आपूर्ति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और सांस्कृतिक परियोजनाओं में सहयोग को आगे बढ़ाने के रास्ते भी तलाशे गए। जयशंकर ने बैठक को 'उत्पादक और परिणामोन्मुखी' करार दिया।
जयशंकर का एक्स पर संदेश
विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत-वियतनाम के बीच राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत में निर्मित रक्षा सामग्री की आपूर्ति बढ़ी है, व्यापार और निवेश पर रचनात्मक चर्चा हुई है, और समुद्री उत्पादों, कृषि व फार्मास्यूटिकल्स की बाज़ार पहुँच का विस्तार हुआ है। उन्होंने विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक परियोजनाओं को बढ़ावा देने का भी उल्लेख किया।
भारत की क्षेत्रीय रणनीति में वियतनाम की भूमिका
जयशंकर ने अपने उद्घाटन भाषण में वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट नीति, महासागर विजन और इंडो-पैसिफिक विजन का एक प्रमुख भागीदार बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वियतनाम आसियान के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढाँचे में विशेष महत्व रखता है। गौरतलब है कि वियतनाम को उन्होंने लुक ईस्ट, आसियान, इंडो-पैसिफिक, महासंघ और ग्लोबल साउथ नीतियों में एक केंद्रीय भागीदार के रूप में चिह्नित किया।
आगे की राह
हवाई सेवा समझौते पर जारी वार्ताओं के जल्द ही ठोस परिणाम आने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की संख्या और मार्गों में विस्तार हो सकता है। रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में इस व्यापक सहयोग ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई परिपक्वता की ओर अग्रसर किया है।