3 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा: AI-क्वांटम MoU, भाषा प्रयोगशाला उद्घाटन और परमाणु ब्लैकमेल पर कड़ा संदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा: AI-क्वांटम MoU, भाषा प्रयोगशाला उद्घाटन और परमाणु ब्लैकमेल पर कड़ा संदेश

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं थी — AI-क्वांटम MoU, भाषा प्रयोगशाला उद्घाटन और परमाणु ब्लैकमेल पर कड़े बयान के साथ यह भारत के इंडो-पैसिफिक रणनीतिक विस्तार का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 मई को वियतनाम के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल फान वान जियांग के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की।
भारत और वियतनाम के बीच AI और क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान हुआ।
दोनों रक्षा मंत्रियों ने वियतनाम एयर फोर्स ऑफिसर कॉलेज में भाषा प्रयोगशाला का संयुक्त उद्घाटन किया।
राजनाथ सिंह ने हनोई में स्पष्ट किया कि भारत किसी भी 'न्यूक्लियर ब्लैकमेल' को स्वीकार नहीं करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य क्षमता और निर्णायक शक्ति को रेखांकित किया।
वार्ता में समुद्री सुरक्षा , रक्षा उद्योग , सैन्य प्रशिक्षण और इंडो-पैसिफिक स्थिरता पर विस्तृत चर्चा हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी आधिकारिक वियतनाम यात्रा के दौरान मंगलवार, 19 मई को वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल फान वान जियांग के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान हुआ, जिसे भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों रक्षा मंत्रियों ने संयुक्त रूप से वियतनाम एयर फोर्स ऑफिसर कॉलेज में स्थापित एक भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन भी किया। यह पहल दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच संवाद और प्रशिक्षण क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।

रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और भारत इसे और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों का सहयोग केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने वियतनाम के राष्ट्रपिता हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती पर उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि हो ची मिन्ह का दृष्टिकोण और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के प्रति समर्पण आज भी विश्व की कई पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

परमाणु ब्लैकमेल पर कड़ा रुख

इससे एक दिन पहले सोमवार को हनोई में राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी प्रकार के 'न्यूक्लियर ब्लैकमेल' को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'हम परमाणु हथियार पहले इस्तेमाल न करने की नीति के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यदि कोई देश भारत को परमाणु धमकी देने की कोशिश करेगा, तो भारत उसके सामने झुकने वाला नहीं है।'

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर दुनिया को देश की सैन्य क्षमता, साहस और निर्णायक शक्ति का परिचय कराया है। उन्होंने कहा कि आज का भारत कमजोर नहीं, बल्कि हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र है।

रणनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने रणनीतिक और रक्षा सहयोग को व्यापक रूप से विस्तारित कर रहा है। वियतनाम को भारत का एक प्रमुख साझेदार माना जाता है और दोनों देश चीन की बढ़ती क्षेत्रीय सक्रियता तथा सुरक्षा चुनौतियों के बीच आपसी सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने पर जोर दे रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव बढ़ा हुआ है और वियतनाम उन देशों में शामिल है जो इस क्षेत्र में चीन के दावों को लेकर सतर्क हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार AI और क्वांटम तकनीक में MoU दोनों देशों के रक्षा सहयोग को पारंपरिक हथियार आपूर्ति से आगे ले जाकर उभरती तकनीकों की ओर केंद्रित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-वियतनाम संबंधों को नई गति देने के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक में सामरिक संतुलन को भी मजबूत करेगा। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास और तकनीकी सहयोग के और अधिक मंच खुलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अभी स्पष्ट नहीं है। हनोई में परमाणु ब्लैकमेल पर राजनाथ सिंह का बयान पाकिस्तान के संदर्भ में एक सुविचारित संदेश था, जिसे वियतनाम की धरती से देना स्वयं में एक कूटनीतिक चाल है — यह दर्शाता है कि भारत इंडो-पैसिफिक साझेदारों को अपनी सामरिक दृढ़ता का साक्षी बना रहा है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा में कौन-से प्रमुख समझौते हुए?
इस यात्रा में भारत और वियतनाम के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
वियतनाम एयर फोर्स ऑफिसर कॉलेज में भाषा प्रयोगशाला का क्या महत्व है?
दोनों रक्षा मंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से उद्घाटन की गई यह भाषा प्रयोगशाला दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और प्रशिक्षण क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। इसे द्विपक्षीय सैन्य सहयोग में एक व्यावहारिक और दीर्घकालिक उपलब्धि माना जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने परमाणु ब्लैकमेल पर क्या कहा?
हनोई में राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत 'पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल न करने' की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी देश के परमाणु दबाव के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश भारत को परमाणु धमकी देने की कोशिश करेगा, तो भारत उसका दृढ़ता से जवाब देगा।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी इंडो-पैसिफिक के लिए क्यों अहम है?
वियतनाम दक्षिण चीन सागर का एक प्रमुख तटीय देश है और चीन की बढ़ती क्षेत्रीय सक्रियता के बीच भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों का बढ़ता सहयोग इंडो-पैसिफिक में सामरिक संतुलन को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर का इस यात्रा में उल्लेख क्यों हुआ?
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य क्षमता और निर्णायक शक्ति को रेखांकित किया। यह संदेश वियतनाम की धरती से देना भारत की उस कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें इंडो-पैसिफिक साझेदारों के सामने अपनी सामरिक दृढ़ता प्रदर्शित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले