न्यूक्लियर ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं: राजनाथ सिंह ने हनोई में दी कड़ी चेतावनी

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न्यूक्लियर ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं: राजनाथ सिंह ने हनोई में दी कड़ी चेतावनी

सारांश

हनोई में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा — भारत 'नो फर्स्ट यूज़' नीति पर कायम है, लेकिन न्यूक्लियर ब्लैकमेल के सामने नहीं झुकेगा। ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने भारत की निर्णायक सैन्य शक्ति का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 मई 2025 को हनोई में कहा कि भारत किसी भी 'न्यूक्लियर ब्लैकमेल' को स्वीकार नहीं करेगा।
भारत की 'नो फर्स्ट यूज़' परमाणु नीति बरकरार है, लेकिन परमाणु धमकी देने वाले देश के सामने झुकना स्वीकार्य नहीं।
ऑपरेशन सिंदूर को राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य क्षमता और निर्णायक शक्ति का प्रमाण बताया।
उन्होंने परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली शक्तियों को भारत अब बर्दाश्त नहीं करेगा।
रक्षा मंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास को देश की प्रगति की असली शक्ति बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 मई 2025 को वियतनाम की राजधानी हनोई में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार के 'न्यूक्लियर ब्लैकमेल' को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की परमाणु नीति 'नो फर्स्ट यूज़' के सिद्धांत पर आधारित है, परंतु यदि कोई देश परमाणु धमकी देने की कोशिश करेगा तो भारत उसके सामने नहीं झुकेगा।

ऑपरेशन सिंदूर और सैन्य शक्ति का संदेश

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर देश की सैन्य क्षमता, साहस और निर्णायक शक्ति का परिचय दुनिया को कराया। उनके अनुसार, भारतीय जवानों के पराक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि आज का भारत कमजोर नहीं, बल्कि हर चुनौती का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम एक आत्मविश्वासी राष्ट्र है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले अनेक बार घटनाओं की वास्तविक तस्वीर दुनिया के सामने नहीं आ पाती थी, लेकिन अब पूरी दुनिया भारतीय सेना की क्षमता और पराक्रम को देख रही है।

आतंकवाद और अस्थिरता पर कड़ा रुख

हनोई में प्रवासी भारतीयों से संवाद के दौरान राजनाथ सिंह ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ शक्तियाँ प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत को अस्थिर करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब ऐसे किसी भी प्रयास को सहन नहीं करेगा और जब-जब भारत के विरुद्ध आतंकवाद फैलाने की कोशिश हुई है, भारत ने उसका मजबूती से जवाब दिया है।

राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भरता का आह्वान

रक्षा मंत्री ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के निर्माण में कर्तव्य, ईमानदारी और राष्ट्रहित की भावना सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने अहंकार से बचने और विनम्रता, अनुशासन एवं सेवा-भावना को अपनाने का आग्रह किया।

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि 'विकसित भारत' और 'आत्मनिर्भर भारत' केवल नारे नहीं, बल्कि देश के भविष्य का संकल्प हैं। उनके अनुसार, आज भारत की प्रगति 140 करोड़ भारतीयों के परिश्रम, बलिदान और आत्मविश्वास का परिणाम है।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है और दुनिया आज भारत को नई दृष्टि से देख रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों में शामिल होगा और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका और अधिक सुदृढ़ होगी। देश के रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत के साथ छेड़छाड़ करने वाले किसी भी ताकत को करारा जवाब दिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक तटस्थ विदेशी राजधानी से दिया गया, जो इसके कूटनीतिक वजन को और बढ़ाता है। सवाल यह है कि क्या यह नीतिगत स्पष्टता है या तात्कालिक तनाव में दी गई प्रतिक्रिया — इसका उत्तर आने वाले हफ्तों में भारत के कूटनीतिक कदमों से मिलेगा।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने न्यूक्लियर ब्लैकमेल पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 मई 2025 को हनोई में कहा कि भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा और परमाणु धमकी देने वाले देश के सामने झुकना भारत की नीति नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत 'नो फर्स्ट यूज़' नीति के प्रति प्रतिबद्ध है।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने देश की सैन्य क्षमता, साहस और निर्णायक शक्ति का परिचय दुनिया को कराया। उनके अनुसार इस अभियान ने साबित किया कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति में देश की रक्षा करने में सक्षम है।
भारत की 'नो फर्स्ट यूज़' परमाणु नीति क्या है?
भारत की 'नो फर्स्ट यूज़' नीति के तहत भारत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा, लेकिन परमाणु हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखता है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि यह नीति शांति और जिम्मेदारी पर आधारित है, परंतु इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर क्या इशारा किया?
रक्षा मंत्री ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ शक्तियाँ प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत को अस्थिर करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसे किसी भी प्रयास को सहन नहीं करेगा।
राजनाथ सिंह हनोई किस उद्देश्य से गए थे?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 18 मई 2025 को वियतनाम की राजधानी हनोई पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने भारत की परमाणु नीति, सैन्य क्षमता और राष्ट्र निर्माण पर अपने विचार साझा किए।
राष्ट्र प्रेस
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