29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजनाथ सिंह: ऑपरेशन सिंदूर ने बदला इतिहास, नागरिकों पर हमला हुआ तो घर में घुसकर देंगे जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजनाथ सिंह: ऑपरेशन सिंदूर ने बदला इतिहास, नागरिकों पर हमला हुआ तो घर में घुसकर देंगे जवाब

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का राजस्थान में दिया गया बयान महज एक भाषण नहीं — यह भारत की नई सुरक्षा नीति की सार्वजनिक घोषणा है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट का हवाला देकर उन्होंने स्पष्ट किया: भारत अब सहने वाला नहीं, घर में घुसकर जवाब देने वाला देश है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 मई को राजस्थान में कहा कि भारत नागरिकों पर हमले का जवाब दुश्मन के 'घर में घुसकर' देगा।
ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने 'इतिहास बदलने वाला' करार दिया; 2016 सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक का भी उल्लेख किया।
भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति अब जीरो टॉलरेंस पर आधारित है — सीमा पार कार्रवाई को नीतिगत स्वीकृति।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव का दावा।
महिलाओं के 33% राजनीतिक आरक्षण विधेयक पर विपक्ष के विरोध को जिम्मेदार ठहराया; इच्छाशक्ति जारी रखने का संकल्प।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार, 14 मई को राजस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि भारत की नई सुरक्षा नीति अब 'चुपचाप सहने' की नहीं, बल्कि 'घर में घुसकर जवाब देने' की है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने इतिहास बदल दिया है और आतंकवाद के प्रति भारत की नीति अब पूरी तरह जीरो टॉलरेंस पर आधारित है।

ऑपरेशन सिंदूर और भारत की बदलती सुरक्षा नीति

राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ अब हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है।' उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक और हालिया ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आक्रामक रक्षा रणनीति के तीन निर्णायक उदाहरणों के रूप में गिनाया। उनके अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर में हमने ऐसा करारा जवाब दिया कि दुश्मन के होश ही उड़ गए।'

रक्षा मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय सेना अब आतंकवादियों को सीमा पार जाकर भी निशाना बना सकती है। उन्होंने दो टूक कहा, 'अब अगर कोई हमारे नागरिकों पर हमला करेगा, तो हम उसे उसके घर में घुसकर जवाब देंगे — कोई सीमा हमें रोक नहीं सकती, कोई सरहद बाधा नहीं बन सकती।'

दस वर्षों में ऐतिहासिक बदलाव

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में भारत ने अपनी सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है — जिस तरह जवान सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी तरह सरकार नीतिगत स्तर पर उनकी पीठ थपथपाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव का माहौल बना हुआ है और रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी भारत के आधिकारिक रुख को और स्पष्ट करती है।

महिला आरक्षण पर विपक्ष पर निशाना

राजनाथ सिंह ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान से लेकर महिला सुरक्षा के सख्त कानूनों तक हर स्तर पर नारी शक्ति को सशक्त किया है। महिलाओं को 33 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण दिलाने के प्रयास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विधेयक 'केवल एक बिल नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक इच्छा का परिचायक था।' रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि वह दिन जल्द आएगा जब महिलाओं को उनका राजनीतिक अधिकार मिलेगा।

आगे क्या

राजनाथ सिंह के इस बयान को ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सार्वजनिक सुरक्षा-नीति की सबसे स्पष्ट घोषणाओं में से एक माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कथन भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और सीमा-पार कार्रवाई की क्षमता को लेकर एक नई नीतिगत रेखा खींचता है, जिसके दीर्घकालिक कूटनीतिक निहितार्थ होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद के माहौल में। गौरतलब है कि यही बात 2016 और 2019 में भी कही गई थी, लेकिन तब से क्षेत्रीय स्थिरता का प्रश्न अनुत्तरित रहा है। महिला आरक्षण विधेयक की विफलता का दोष विपक्ष पर मढ़ना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, पर यह नहीं बताता कि सत्तारूढ़ दल के पास बहुमत होते हुए भी विधेयक क्यों अटका। असली परीक्षा यह है कि क्या ये घोषणाएँ दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचे में बदलती हैं या चुनावी चक्र के साथ फीकी पड़ जाती हैं।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने 'इतिहास बदल दिया' और भारत ने इसमें दुश्मन को ऐसा करारा जवाब दिया कि उसके 'होश उड़ गए'। उन्होंने इसे 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक की कड़ी में सबसे निर्णायक कदम बताया।
भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का क्या अर्थ है?
राजनाथ सिंह के अनुसार, जीरो टॉलरेंस नीति का अर्थ है कि भारत अब आतंकी हमलों का जवाब देने के लिए सीमा पार भी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'कोई सीमा हमें रोक नहीं सकती' — यानी भारतीय सेना को सीमा-पार ऑपरेशन के लिए नीतिगत समर्थन प्राप्त है।
राजनाथ सिंह ने महिला आरक्षण विधेयक पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण दिलाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका। उन्होंने भरोसा जताया कि वह दिन जल्द आएगा जब महिलाओं को उनका राजनीतिक अधिकार मिलेगा।
2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक का क्या महत्व है?
राजनाथ सिंह के अनुसार, 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक ने यह साबित किया कि भारतीय सेना सीमा पार जाकर आतंकियों को मार सकती है, जबकि 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक ने आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविरों को तबाह किया। ये दोनों कार्रवाइयाँ भारत की नई आक्रामक रक्षा रणनीति की नींव हैं।
राजनाथ सिंह का यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान 14 मई को राजस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद के तनावपूर्ण माहौल में भारत की सुरक्षा नीति को स्पष्ट करने के उद्देश्य से था। रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दस वर्षों के कार्यकाल में सुरक्षा नीति में आए बदलावों को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले