राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की

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राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तिरुवनंतपुरम में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की। उन्होंने पहलगाम में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पूर्व सैनिकों के लिए सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

Key Takeaways

  • जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
  • भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को 22 मिनट में नाकों चना चबवाया।
  • पूर्व सैनिकों की देखभाल करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है।
  • भारत की नेवी को 2047 तक सबसे ताकतवर बनाने का लक्ष्य है।
  • मेजर संदीप उन्नीकृष्णन का बलिदान देश के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम में 'सैनिक सम्मान सम्मेलन' के दौरान बोलते हुए कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाए हुए है। यह नीति सरहद के दोनों ओर कार्रवाई को समाहित करती है।

उन्होंने उल्लेख किया कि चाहे वह ‘उरी अटैक’ के बाद का सर्जिकल स्ट्राइक हो, ‘पुलवामा’ के बाद की एयर स्ट्राइक हो या फिर हाल की ‘पहलगाम’ घटना के बाद का ‘ऑपरेशन सिंदूर’, हमने आतंकवाद पर प्रभावशाली प्रहार किया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम में आतंकी घटना के बाद हमारे सैनिकों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान को केवल 22 मिनट में नाकों चना चबवा दिया था। यह भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ा ऑपरेशन था। यह ऑपरेशन अभी भी जारी है। यदि सरहद पार से कोई भी गलत हरकत हुई, तो उसका केवल मुंहतोड़ जवाब ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि अभूतपूर्व कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे समुद्री डोमेन की महत्ता बढ़ रही है, हम अपने प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक को एक साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि हम 2047 तक भारत की नेवी को दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर नेवी बनाना चाहते हैं। आज, समुद्री डोमेन सिर्फ व्यापार मार्ग या नौसैनिक शक्ति नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार और रणनीतिक स्वायत्तता का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। वर्तमान में, भारत शिपबिल्डिंग में किसी भी बड़े देश से पीछे नहीं है। इसी केरल में, कोचीन शिपयार्ड में भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर तैयार हुआ है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार का मानना है कि हमारे सैनिक और पूर्व सैनिक देश के मजबूत स्तंभ हैं। उन्हें देखभाल करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। हमारी सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए कई ठोस निर्णय लिए हैं और भविष्य में भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। लंबे समय से चली आ रही ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग को सरकार ने ईमानदारी से लागू किया है।

उन्होंने मेजर संदीप उन्नीकृष्णन को याद करते हुए कहा, “कौन मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, अशोक चक्र पुरस्कार विजेता के बलिदान को भूल सकता है। ‘मुंबई टेरर अटैक’ के दौरान उन्होंने आतंकवादियों से लडते हुए अपनी जान दे दी। यह दुर्भाग्य की बात है कि उस समय की कांग्रेस सरकार ने उनके बलिदान का उचित सम्मान नहीं किया।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज हम देश के विभिन्न हिस्सों में वॉर मेमोरियल का निर्माण कर रहे हैं ताकि अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिले कि हमारे सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए क्या-क्या किया है।

Point of View

वे न केवल वर्तमान सुरक्षा स्थिति को मजबूत करते हैं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

राजनाथ सिंह ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कौन से ऑपरेशन का उल्लेख किया?
राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर', 'उरी अटैक' के बाद की सर्जिकल स्ट्राइक और 'पुलवामा' के बाद की एयर स्ट्राइक का उल्लेख किया।
सरकार ने पूर्व सैनिकों के लिए कौन सी योजना लागू की है?
'वन रैंक वन पेंशन' योजना को सरकार ने पूरी ईमानदारी से लागू किया है।
पहलगाम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्या हुआ?
पहलगाम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान को केवल 22 मिनट में नाकों चना चबवा दिया।
भारत की नेवी को 2047 तक क्या बनाना है?
भारत की नेवी को 2047 तक दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर नेवी बनाना है।
मेजर संदीप उन्नीकृष्णन का क्या योगदान था?
मेजर संदीप उन्नीकृष्णन ने मुंबई टेरर अटैक के दौरान आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
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