हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के हाई कोर्ट जाने को बताया 'नाटक', स्कूलों में 'वंदे मातरम' का किया समर्थन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के हाई कोर्ट जाने को बताया 'नाटक', स्कूलों में 'वंदे मातरम' का किया समर्थन

सारांश

AJUP विधायक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के कलकत्ता हाई कोर्ट जाने को 'कोरा नाटक' बताते हुए चुनाव-पश्चात हिंसा के आरोपों को सिरे से खारिज किया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के स्कूलों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने के फैसले का खुलकर समर्थन किया — पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोर्चा खुलने का संकेत।

मुख्य बातें

हुमायूं कबीर (AJUP राष्ट्रीय अध्यक्ष) ने 14 मई 2026 को ममता बनर्जी के कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने को 'कोरा नाटक' बताया।
कबीर ने दावा किया कि चुनाव के बाद कोई हिंसा नहीं हुई और बनर्जी का यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
उन्होंने 2021 में ममता के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कथित हिंसा का हवाला देते हुए उन पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के स्कूलों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने के फैसले का कबीर ने पूर्ण समर्थन किया।
कबीर ने कहा कि 'वंदे मातरम' पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह मातृभूमि का राष्ट्रगीत है।

आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विधायक हुमायूं कबीर ने गुरुवार, 14 मई 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। कबीर ने बनर्जी द्वारा चुनाव के बाद कथित हिंसा के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने को 'कोरा नाटक' करार दिया और दावा किया कि चुनाव के बाद ऐसी कोई हिंसा हुई ही नहीं थी।

मुख्य आरोप: 'चुनाव बाद हिंसा' पर सवाल

कबीर ने कहा, 'चुनाव के बाद हिंसा कहाँ हुई? 2021 में, जब वह मुख्यमंत्री थीं, तो कई लोगों की जान खतरे में थी और कई लोग मारे गए थे। अब उसे याद नहीं किया जा रहा है। वह भूल रही हैं कि पहले क्या किया गया था।' उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बनर्जी का उच्च न्यायालय जाना राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम है, जिसका एकमात्र उद्देश्य जनता का ध्यान खींचना है।

कबीर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'आज वह सिर्फ नाटक कर रही हैं और एक नाटक के लिए हाई कोर्ट जा रही हैं। इससे कोई मकसद पूरा नहीं होगा। यह सब नाटक है — किसी को चोट नहीं लगी, चुनाव के बाद कोई हिंसा नहीं हुई।'

पृष्ठभूमि: चुनाव बाद हिंसा का विवाद

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद चुनाव-पश्चात हिंसा का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है। विपक्षी दलों ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार के गठन के बाद सत्ता-संघर्ष की राजनीति तेज़ हो गई है।

वंदे मातरम विवाद पर कबीर का रुख

कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस ऐलान का भी समर्थन किया, जिसमें सोमवार से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाए जाने की घोषणा की गई है। कबीर ने कहा, 'वंदे मातरम भारत का नारा है। यह मातृभूमि का राष्ट्रगीत है। तो इसमें क्या दिक्कत है? पहले भी स्कूलों, कॉलेजों और कई जगहों पर वंदे मातरम गाया जाता था। तो अगर मुख्यमंत्री ने ऐसा कहा है, तो इसमें क्या परेशानी है? किसी को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।'

राजनीतिक संदर्भ

कबीर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। आलोचकों का कहना है कि 'वंदे मातरम' को अनिवार्य करने का निर्णय विपक्षी दलों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों के बीच चिंता का विषय बन सकता है, हालाँकि कबीर ने इस आशंका को सिरे से खारिज किया।

आगे की स्थिति

कलकत्ता उच्च न्यायालय में ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय होनी है। वहीं, स्कूलों में 'वंदे मातरम' लागू करने के निर्देश पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएँ आना जारी हैं। राज्य की राजनीतिक स्थिति आने वाले दिनों में और अधिक गर्माने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य में विपक्षी एकजुटता की कोशिशों का संकेत हो सकता है। 'वंदे मातरम' का मुद्दा तकनीकी रूप से सरल लग सकता है, लेकिन बंगाल की बहुलतावादी राजनीति में यह गहरे सांस्कृतिक और सांप्रदायिक संवेदनाओं को छूता है — और इसी कारण यह आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मोर्चा बन सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को 'नाटक' क्यों कहा?
AJUP विधायक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी के चुनाव-पश्चात हिंसा के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने को राजनीतिक प्रेरित 'कोरा नाटक' बताया। उनका दावा है कि चुनाव के बाद कोई हिंसा हुई ही नहीं और यह कदम केवल जनता का ध्यान खींचने के लिए उठाया गया है।
पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने का फैसला किसने लिया?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि सोमवार से पश्चिम बंगाल के सभी सरकारी स्कूलों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया जाएगा। AJUP नेता हुमायूं कबीर ने इस फैसले का समर्थन किया है।
हुमायूं कबीर ने 2021 की हिंसा का ज़िक्र क्यों किया?
कबीर ने तर्क दिया कि 2021 में जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कई लोगों की जान गई थी, लेकिन उन्होंने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। उनके अनुसार, अब चुनाव-पश्चात हिंसा का मुद्दा उठाना दोहरे मानदंड का उदाहरण है।
ममता बनर्जी कलकत्ता हाई कोर्ट में किस मामले में गई हैं?
ममता बनर्जी ने चुनाव के बाद कथित हिंसा के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है। इस याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है।
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) क्या है?
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) पश्चिम बंगाल की एक राजनीतिक पार्टी है, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हुमायूं कबीर हैं। कबीर राज्य विधानसभा के विधायक भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले