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क्या ममता बनर्जी अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती हैं: हुमायूं कबीर?

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क्या ममता बनर्जी अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती हैं: हुमायूं कबीर?

सारांश

हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकती हैं। इस सामग्री में उनके विचार और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई है। क्या ममता बनर्जी वाकई केवल अपने फायदे के लिए काम कर रही हैं? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
हुमायूं कबीर ने जनसभा करने का दावा किया।
पश्चिम बंगाल की जनता असंतुष्ट है।
राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता को जेल में डालने का आरोप।
मंदिर राजनीति पर सवाल उठाए गए हैं।

कोलकाता, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रदेश में काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग असुविधा में हैं और उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है।

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में युवाओं के 'वापस जाओ' के नारे सुनकर हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "रैली का आयोजन होगा और बाबरी मस्जिद का निर्माण भी होगा। जो भी कहे, मैं सभी को जवाब नहीं दूंगा।" उन्होंने बताया कि जनवरी के अंत में इसी स्थान पर एक जनसभा आयोजित कर 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया है।

हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी और टीएमसी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "यह सरकार 2011 में सत्ता में आई। ममता बनर्जी ने 20 मई 2011 को शपथ ली थी। तब से लेकर आज तक इस सरकार ने जनता के हित में कुछ नहीं किया है और व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार भी हुआ है।"

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता परेशान है, लेकिन ममता बनर्जी इस पर ध्यान नहीं दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने अपने लाभ के लिए लोगों को जेल में डाल दिया है। वे अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकती हैं।

हुमायूं कबीर ने कहा, "वे केवल मुसलमानों के लिए ही आवाज नहीं उठाएंगे, बल्कि बंगाल के 11.5 करोड़ लोगों के लिए भी आवाज उठाएंगे।" उन्होंने टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जानकारी सभी को होनी चाहिए कि यह भ्रष्टाचार कब और कहां हुआ। अब जनता भी ममता सरकार से परेशान हो चुकी है।

हुमायूं ने मुख्यमंत्री ममता पर 'मंदिर राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे सरकारी धन का इस्तेमाल कर वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं। उन्होंने दुर्गा आंगन परियोजना के लिए आवंटित 262 करोड़ रुपये का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिरों का निर्माण होना चाहिए, लेकिन सरकारी पैसे से नहीं। जिस दिन ममता राजनीति छोड़कर मंदिर जाने का निर्णय लेंगी, उसी दिन वे भी पार्टी पद से इस्तीफा देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह राजनीतिक भ्रष्टाचार और जनता के अधिकारों की रक्षा से संबंधित है। हमें हमेशा जनता के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठानी चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने प्रदेश में कोई काम नहीं किया और वे अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती हैं।
क्या हुमायूं कबीर ने जनसभा का आयोजन करने का दावा किया?
हाँ, उन्होंने जनवरी के अंत में 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया है।
क्या हुमायूं कबीर ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया?
हाँ, उन्होंने टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बात लोगों को बताई जानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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