पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा: हुमायूं कबीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की याचिका, मुर्शिदाबाद में तोड़फोड़ का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा: हुमायूं कबीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की याचिका, मुर्शिदाबाद में तोड़फोड़ का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद चुनाव बाद हिंसा का मामला अब अदालत तक पहुँच गया है। AJUP अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुर्शिदाबाद में तोड़फोड़ और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया है — यह बंगाल में चुनावी हिंसा के पुराने चक्र की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

हुमायूं कबीर (AJUP अध्यक्ष) ने 6 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव बाद हिंसा के खिलाफ याचिका दायर की।
याचिका मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के समक्ष दायर की गई।
4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर हिंसा का आरोप।
23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दौरान कबीर पर हमला और उनकी कार में तोड़फोड़ का दावा; पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की।
BJP ने 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की; TMC को 80 सीटें मिलीं; कबीर ने मुर्शिदाबाद की 2 सीटें जीतीं।
दक्षिण 24 परगना सहित कई इलाकों में भी हिंसा की खबरें; पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने बुधवार, 6 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़े पैमाने पर राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित हिंसा हुई है।

याचिका में क्या माँगा गया

कबीर ने मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के समक्ष दायर अपनी याचिका में तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना, हिंसा की निष्पक्ष जाँच कराना और प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं व्यवस्था बहाल करना। कबीर के वकील ने अदालत को बताया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें पीटा गया।

पहले चरण में भी हुआ था हमला

कबीर के वकील ने यह भी बताया कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान हुमायूं कबीर पर स्वयं असामाजिक तत्वों ने हमला किया था और उनकी कार में तोड़फोड़ की गई थी। इसके अलावा उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को भी परेशान किया गया था। याचिका के अनुसार, पुलिस ने इन मामलों में कोई शिकायत दर्ज नहीं की, जिसे याचिकाकर्ता ने प्रशासनिक विफलता करार दिया।

चुनाव परिणाम और राजनीतिक पृष्ठभूमि

4 मई को घोषित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन का अंत हुआ। तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें प्राप्त हुईं। इसी चुनाव में हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों पर जीत हासिल की।

राज्य में हिंसा की अन्य घटनाएँ

परिणाम घोषित होने के बाद दक्षिण 24 परगना सहित राज्य के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं। तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ के आरोप कथित तौर पर लगे हैं। पुलिस ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की यह पहली घटना नहीं है — 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भी इसी तरह की हिंसा राष्ट्रीय सुर्खियों में रही थी।

आगे क्या होगा

कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई करेगी और यह देखना होगा कि न्यायालय राज्य प्रशासन को क्या निर्देश देता है। यह मामला नई BJP सरकार के शुरुआती दिनों में कानून-व्यवस्था की स्थिति की एक महत्वपूर्ण परीक्षा भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला गया था। इस बार BJP की भारी जीत के बाद TMC कार्यकर्ताओं पर हमलों के आरोप और AJUP जैसी छोटी पार्टियों की शिकायतें एक साथ सामने आ रही हैं, जो दर्शाता है कि हिंसा का दायरा व्यापक है। असली सवाल यह है कि नई BJP सरकार, जो खुद विपक्ष में रहते हुए TMC की कानून-व्यवस्था की आलोचना करती थी, अब अपने शासन के पहले हफ्तों में यह परीक्षा कैसे पास करती है। कलकत्ता हाईकोर्ट का हस्तक्षेप ज़रूरी है, लेकिन बिना जवाबदेही तंत्र के न्यायिक आदेश भी पिछली बार की तरह सीमित असर दिखा सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में क्या माँग की है?
हुमायूं कबीर ने अदालत से पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा, मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की निष्पक्ष जाँच और क्षेत्र में शांति व व्यवस्था बहाल करने की माँग की है। उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता को प्रशासनिक विफलता बताते हुए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा कहाँ-कहाँ हुई?
4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुर्शिदाबाद जिले और दक्षिण 24 परगना सहित राज्य के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं। TMC कार्यकर्ताओं पर हमले और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ के आरोप कथित तौर पर लगे हैं।
2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?
4 मई को घोषित परिणामों में BJP ने 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की और TMC के 15 साल के शासन का अंत हुआ। TMC को 80 सीटें प्राप्त हुईं, जबकि AJUP अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले की 2 सीटें जीतीं।
हुमायूं कबीर पर पहले चरण में क्या हुआ था?
23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दौरान कथित तौर पर असामाजिक तत्वों ने हुमायूं कबीर पर हमला किया था और उनकी कार में तोड़फोड़ की थी। उनके वकील के अनुसार पुलिस ने इन मामलों में कोई शिकायत दर्ज नहीं की।
कलकत्ता हाईकोर्ट में यह याचिका किस खंडपीठ के सामने दायर की गई?
यह याचिका मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ के समक्ष दायर की गई है। खंडपीठ मामले की सुनवाई करेगी और राज्य प्रशासन को निर्देश दे सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले