अदाणी पर बाइडन प्रशासन का मामला राजनीति से प्रेरित था: रिपब्लिकन सांसद लांस गुडन
सारांश
मुख्य बातें
रिपब्लिकन सांसद लांस गुडन ने जो बाइडन प्रशासन पर अदाणी ग्रुप के खिलाफ राजनीति से प्रेरित अभियोजन चलाने का आरोप लगाया है। साथ ही, उन्होंने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के बीच हुए 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते का स्वागत करते हुए इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया। टेक्सास के इस सांसद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि गौतम अदाणी को इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
समझौते की पृष्ठभूमि
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ द ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने सोमवार को घोषणा की कि अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने ईरान से संबंधित प्रतिबंधों के 32 कथित उल्लंघनों को लेकर संभावित नागरिक दायित्व के निपटारे के लिए 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। गुडन ने इस परिणाम को सकारात्मक बताते हुए कहा, 'हम इस परिणाम से बहुत खुश हैं।'
राजनीतिक अभियोजन का आरोप
गुडन ने आरोप लगाया कि बाइडन प्रशासन के न्याय विभाग ने अदाणी समूह के खिलाफ राजनीतिक मकसद से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि 'न्याय विभाग में जिन लोगों ने इसके लिए दबाव डाला, उनके सोरोस से संबंध थे।' उन्होंने तर्क दिया कि ये आरोप 'राष्ट्रपति ट्रंप के चुने जाने के ठीक बाद लगाए गए थे, मानो किसी देश में निवेश को हतोत्साहित करने के लिए।' गुडन ने इससे पहले बाइडन प्रशासन के न्याय विभाग और अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी दोनों को पत्र लिखकर अदाणी समूह के अभियोजन पर सवाल उठाए थे।
ट्रंप प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
गुडन ने बताया कि उन्होंने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष बार-बार यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'यह उन शुरुआती मुद्दों में से एक था जो मैंने ट्रंप प्रशासन के दौरान न्याय विभाग के समक्ष उठाए थे, और मुझे पता है कि वे इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाइडन न्याय विभाग से संपर्क करने पर कोई सफलता नहीं मिली थी। इस मामले को सबसे पहले उनके ध्यान में टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन और भारतीय-अमेरिकी कारोबारी अरुण अग्रवाल ने लाया था।
भारत-अमेरिका संबंध और निवेश की संभावनाएँ
गुडन ने भारत-अमेरिका संबंधों का जोरदार समर्थन करते हुए भारत को 'एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के कुछ विश्वसनीय साझेदारों में से एक' बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले से अमेरिका में भारतीय निवेश हतोत्साहित होने का खतरा था। अदाणी समूह के भविष्य के निवेश पर उन्होंने विश्वास जताया कि समूह टेक्सास सहित अन्य राज्यों में निवेश करेगा और इससे अमेरिकी कार्यबल व ऊर्जा उद्योग दोनों को लाभ होगा। गुडन ने कहा, 'मुझे लगता है कि अमेरिका और भारत के बीच उतना ही मजबूत संबंध होना चाहिए जितना दुनिया के किसी भी अन्य देश के बीच होता है।'