वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने भारत को बताया 'विकास और नवाचार का वैश्विक केंद्र', द्विपक्षीय संबंधों को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने बुधवार, 6 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत की तीव्र प्रगति की सराहना करते हुए उसे "दुनिया में विकास और नवाचार का वैश्विक केंद्र" बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हनोई, नई दिल्ली के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
शिखर वार्ता के प्रमुख बिंदु
राष्ट्रपति तो लाम ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "मैं बहुत खुश हूँ और भारत को तेज़ी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की बधाई देता हूँ। भारत दुनिया में ग्रोथ और इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बन गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत "बेहद सफल" रही और 50 वर्षों के राजनयिक संबंधों तथा 10 वर्षों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के परिणामों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-वियतनाम संबंध अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के एक नए दशक में प्रवेश कर रहे हैं और दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को लेकर अधिक सक्रिय हो रहे हैं।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को 'रणनीतिक स्तंभ' बनाने की सहमति
दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को "रणनीतिक स्तंभ" के रूप में स्थापित करने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति तो लाम के अनुसार, इस कदम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता को और मज़बूती मिलेगी। गौरतलब है कि दोनों देशों की भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए — भारत का हिंद महासागर में और वियतनाम का दक्षिण चीन सागर में — यह साझेदारी रणनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
तो लाम ने यह भी कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से यूएनसीएलओएस 1982 के आधार पर शांति, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रौद्योगिकी और डिजिटल परिवर्तन: सहयोग का नया इंजन
वियतनामी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन को दोनों देशों के सहयोग का नया इंजन बनाया जाएगा। इसके साथ ही व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला कनेक्टिविटी को बढ़ावा देकर आर्थिक संबंधों को नई गति दी जाएगी। यह दिशा भारत की 'डिजिटल इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' पहलों के अनुरूप है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करने की कोशिश कर रही हैं।
वैश्विक मंचों पर भारत को पूर्ण समर्थन
तो लाम ने भारत की वैश्विक भूमिका के विस्तार का समर्थन करते हुए कहा कि वियतनाम हर वैश्विक मंच पर भारत का "पूर्ण सहयोग" करेगा। दोनों देश क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को और मज़बूत करेंगे। उन्होंने भारत और प्रधानमंत्री मोदी का वियतनामी प्रतिनिधिमंडल के भव्य स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया।
यह शिखर वार्ता दोनों देशों के संबंधों में एक नई ऊर्जा का संचार करती है — आने वाले महीनों में दोनों पक्षों द्वारा घोषित सहयोग समझौतों के क्रियान्वयन पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।